{"_id":"5b1ad22a4f1c1bf16e8b6f52","slug":"111528484394-muzaffarnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रेबीज की बीमारी से बालक की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रेबीज की बीमारी से बालक की मौत
Updated Sat, 09 Jun 2018 12:29 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भोपा। गांव रुड़कली में कुत्ते के काटने से हुई रैबीज के कारण एक बालक की मौत हो गई।
गांव में फतह अली के परिवार में दो वर्ष में बाप बेटे की मौत होने के कारण दुखों का पहाड़ टूट गया है। मुहर्रम अली के छह वर्षीय बेटे सूफियान को डेढ़ माह पूर्व कुत्ते ने काट लिया था। उस समय मोरना प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर रेबीज का टीका खत्म होने के कारण बालक को नहीं लाग पाया था। इस दौरान परिजनों द्वारा बालक का झाड़ फूंक से इलाज कराया था। परिजनों ने बताया कि बुधवार को सूफियान की तबियत बिगड़ गई थी। जिसे पहले मोरना पीएचसी पर ले जाया गया। जहां से उसे जिला चिकित्सालय भेजा गया। चिंताजनक हालत में उसे मेरठ रेफर कर दिया गया। बालक ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। दो वर्ष पूर्व सूफियान के पिता मुहर्रम अली की ककरौली व तेवड़ा मार्ग पर हत्या कर दी गई थी। बाप बेटे की मौत से परिवार गहरे सदमे में है। मृतक बालक सूफियान की मां प्रवीन जहां सहित परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। मोरना प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डा. संजीव कुमार ने बताया कि बालक की मौत दुखद घटना है। रैबीज के टीकों की कमी है। क्योंकि पहले केवल कुत्ता काटने के लोग ही आते थे। अब बंदर, लंगूर आदि के काटने वाले लोग भी अस्पताल में आते हैं। रेबीज इंजेक्शन की कमी से उच्च अधिकारियों को भी अवगत करा दिया गया है।
विज्ञापन
गांव में फतह अली के परिवार में दो वर्ष में बाप बेटे की मौत होने के कारण दुखों का पहाड़ टूट गया है। मुहर्रम अली के छह वर्षीय बेटे सूफियान को डेढ़ माह पूर्व कुत्ते ने काट लिया था। उस समय मोरना प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर रेबीज का टीका खत्म होने के कारण बालक को नहीं लाग पाया था। इस दौरान परिजनों द्वारा बालक का झाड़ फूंक से इलाज कराया था। परिजनों ने बताया कि बुधवार को सूफियान की तबियत बिगड़ गई थी। जिसे पहले मोरना पीएचसी पर ले जाया गया। जहां से उसे जिला चिकित्सालय भेजा गया। चिंताजनक हालत में उसे मेरठ रेफर कर दिया गया। बालक ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। दो वर्ष पूर्व सूफियान के पिता मुहर्रम अली की ककरौली व तेवड़ा मार्ग पर हत्या कर दी गई थी। बाप बेटे की मौत से परिवार गहरे सदमे में है। मृतक बालक सूफियान की मां प्रवीन जहां सहित परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। मोरना प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डा. संजीव कुमार ने बताया कि बालक की मौत दुखद घटना है। रैबीज के टीकों की कमी है। क्योंकि पहले केवल कुत्ता काटने के लोग ही आते थे। अब बंदर, लंगूर आदि के काटने वाले लोग भी अस्पताल में आते हैं। रेबीज इंजेक्शन की कमी से उच्च अधिकारियों को भी अवगत करा दिया गया है।