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विद्यार्थियों ने जीवन में नैतिक मूल्यों को अपनाने का संकल्प लिया
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विद्यार्थियों ने जीवन में नैतिक मूल्यों को अपनाने का संकल्प लिया
शाहपुर। रघुवीरी देवी पब्लिक स्कूल में आयोजित संस्कार संस्कृति सम्मेलन में विद्यार्थियों ने जीवन में नैतिक मूल्यों को अपनाने का संकल्प लिया। आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि माता- पिता की सेवा और आज्ञा पालन में ही ईश्वर भक्ति है।
आरडी पब्लिक स्कूल में आयोजित सम्मेलन का शुभारंभ वेद मंत्रों से यज्ञ में आहुतियां अर्पित कर किया गया। शिक्षकों, विद्यार्थियों ने रघुवीरी देवी की स्मृति को नमन किया। वैदिक संस्कार चेतना अभियान संयोजक आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि माता बच्चे को सद्गुण सिखाती है। चरित्रवान, सदाचारी, देशभक्त बनाती है। श्रीराम, श्री कृष्ण, युधिष्ठिर, राजा जनक आदि यज्ञ करते थे। महापुरुषों के जीवन आदर्शों से प्रेरणा लें। संस्कारित, अनुशासित बच्चे राष्ट्र की संपदा है। डॉ सत्यकांत शास्त्री ने कहा कि वह बालक भाग्यशाली है, जिसके अभिभावक धार्मिक और शिक्षक उत्तम आचरणयुक्त है।ं शिवाजी, सरदार भगत सिंह, राम प्रसाद बिस्मिल आदि वीरों का निर्माण माताओं ने किया। संस्था निदेशिका राजेश आर्य ने कहा कि ईश्वर प्रार्थना, यज्ञ, योग से छात्र-छात्राएं संस्कारित बनेंगे। मेधावी विद्यार्थियों हर्षित, यश नामदेव, आरुषि, रिया बालियान, यशवी आदि को अतिथियों ने वैदिक साहित्य, प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया। संचालन रणवीर सिंह आर्य ने किया। ओमवीर सिंह आर्य, रोहित सिंह, धीर सिंह शास्त्री, मंजू बाला, शर्मिष्ठा देवी आदि मौजूद रहे। यजमान दिलबाग सिंह आर्य रहे।
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शाहपुर। रघुवीरी देवी पब्लिक स्कूल में आयोजित संस्कार संस्कृति सम्मेलन में विद्यार्थियों ने जीवन में नैतिक मूल्यों को अपनाने का संकल्प लिया। आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि माता- पिता की सेवा और आज्ञा पालन में ही ईश्वर भक्ति है।
आरडी पब्लिक स्कूल में आयोजित सम्मेलन का शुभारंभ वेद मंत्रों से यज्ञ में आहुतियां अर्पित कर किया गया। शिक्षकों, विद्यार्थियों ने रघुवीरी देवी की स्मृति को नमन किया। वैदिक संस्कार चेतना अभियान संयोजक आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि माता बच्चे को सद्गुण सिखाती है। चरित्रवान, सदाचारी, देशभक्त बनाती है। श्रीराम, श्री कृष्ण, युधिष्ठिर, राजा जनक आदि यज्ञ करते थे। महापुरुषों के जीवन आदर्शों से प्रेरणा लें। संस्कारित, अनुशासित बच्चे राष्ट्र की संपदा है। डॉ सत्यकांत शास्त्री ने कहा कि वह बालक भाग्यशाली है, जिसके अभिभावक धार्मिक और शिक्षक उत्तम आचरणयुक्त है।ं शिवाजी, सरदार भगत सिंह, राम प्रसाद बिस्मिल आदि वीरों का निर्माण माताओं ने किया। संस्था निदेशिका राजेश आर्य ने कहा कि ईश्वर प्रार्थना, यज्ञ, योग से छात्र-छात्राएं संस्कारित बनेंगे। मेधावी विद्यार्थियों हर्षित, यश नामदेव, आरुषि, रिया बालियान, यशवी आदि को अतिथियों ने वैदिक साहित्य, प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया। संचालन रणवीर सिंह आर्य ने किया। ओमवीर सिंह आर्य, रोहित सिंह, धीर सिंह शास्त्री, मंजू बाला, शर्मिष्ठा देवी आदि मौजूद रहे। यजमान दिलबाग सिंह आर्य रहे।
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