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उत्कल के डिब्बों का कबाड़ टावर वैगन के पहियों में फंसा
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उत्कल का अवशेष टावर वैगन के पहियों में फंसा
खतौली। नए बिछाए गए रेलवे ट्रैक पर उत्कल एक्सप्रेस ट्रेन के क्षतिग्रस्त डिब्बों के अवशेष टावर वैगन गाड़ी के पहियों में फंस गए। जिस कारण चालक को अचानक इमरजेंसी ब्रेक लगाकर गाड़ी को रोकना पड़ा। कर्मचारियों ने फंसे हुए अवशेषों को निकाला। इस दौरान टावर वैगन गाड़ी करीब पांच मिनट तक खड़ी रही।
19 अगस्त 2017 को उत्कल एक्सप्रेस ट्रेन जगत कॉलोनी के सामने दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इस हादसे में 26 मुसाफिर मारे गए थे और 100 अधिक यात्री घायल हुए थे। उत्कल के क्षतिग्रस्त डिब्बों को बराबर में पलट दिया गया था। गाजियाबाद से लेकर पटरी तक रेलवे लाइन का दोहरीकरण चल रहा है। खतौली तक रेलवे लाइन का दोहरीकरण हो चुका है। खतौली स्टेशन से लेकर मुजफ्फरनगर स्टेशन तक नया रेलवे ट्रैक बिछाया जा चुका है। इस नए ट्रैक को शुरू कराने से पूर्व रेलवे विभाग ने उत्कल के क्षतिग्रस्त डिब्बों को गैस कटर से कटवाकर टुकड़े कराए। जिनको ट्रकों से दिल्ली और मेरठ भेज दिया गया। अभी भी कुछ टुकड़े पड़े हुए हैं, उनको भी कर्मचारी उठाने में जुटे हैं।
नए रेलवे ट्रैक पर ओएचई वायर की लाइन भी खींची जा रही है। शुक्रवार को ओएचई वायर को ठीक करने के लिए टावर वैगन गाड़ी खतौली पहुंची। टावर वैगन गाड़ी नए बिछाए गए रेलवे ट्रैक पर चल रही थी। कर्मचारियों की लापरवाही से डिब्बों के अवशेष रेलवे ट्रैक पर पड़े थे, जो टावर वैगन गाड़ी के पहियों में फंस गए। चालक को अचानक इमरजेंसी ब्रेक लगाने पड़े। टावर वैगन में बैठे इंजीनियरों ने कर्मचारियों को फटकार लगाई। कर्मचारियों ने पहियों के नीचे से अवशेषों को निकाला। इस दौरान टावर वैगन गाड़ी करीब दस मिनट तक रुकी रही। हालांकि इससे कोई जानमाल का नुकसान नहीं हुआ।
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खतौली। नए बिछाए गए रेलवे ट्रैक पर उत्कल एक्सप्रेस ट्रेन के क्षतिग्रस्त डिब्बों के अवशेष टावर वैगन गाड़ी के पहियों में फंस गए। जिस कारण चालक को अचानक इमरजेंसी ब्रेक लगाकर गाड़ी को रोकना पड़ा। कर्मचारियों ने फंसे हुए अवशेषों को निकाला। इस दौरान टावर वैगन गाड़ी करीब पांच मिनट तक खड़ी रही।
19 अगस्त 2017 को उत्कल एक्सप्रेस ट्रेन जगत कॉलोनी के सामने दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इस हादसे में 26 मुसाफिर मारे गए थे और 100 अधिक यात्री घायल हुए थे। उत्कल के क्षतिग्रस्त डिब्बों को बराबर में पलट दिया गया था। गाजियाबाद से लेकर पटरी तक रेलवे लाइन का दोहरीकरण चल रहा है। खतौली तक रेलवे लाइन का दोहरीकरण हो चुका है। खतौली स्टेशन से लेकर मुजफ्फरनगर स्टेशन तक नया रेलवे ट्रैक बिछाया जा चुका है। इस नए ट्रैक को शुरू कराने से पूर्व रेलवे विभाग ने उत्कल के क्षतिग्रस्त डिब्बों को गैस कटर से कटवाकर टुकड़े कराए। जिनको ट्रकों से दिल्ली और मेरठ भेज दिया गया। अभी भी कुछ टुकड़े पड़े हुए हैं, उनको भी कर्मचारी उठाने में जुटे हैं।
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नए रेलवे ट्रैक पर ओएचई वायर की लाइन भी खींची जा रही है। शुक्रवार को ओएचई वायर को ठीक करने के लिए टावर वैगन गाड़ी खतौली पहुंची। टावर वैगन गाड़ी नए बिछाए गए रेलवे ट्रैक पर चल रही थी। कर्मचारियों की लापरवाही से डिब्बों के अवशेष रेलवे ट्रैक पर पड़े थे, जो टावर वैगन गाड़ी के पहियों में फंस गए। चालक को अचानक इमरजेंसी ब्रेक लगाने पड़े। टावर वैगन में बैठे इंजीनियरों ने कर्मचारियों को फटकार लगाई। कर्मचारियों ने पहियों के नीचे से अवशेषों को निकाला। इस दौरान टावर वैगन गाड़ी करीब दस मिनट तक रुकी रही। हालांकि इससे कोई जानमाल का नुकसान नहीं हुआ।
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