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Moradabad News: बंदरों के हमले में छत से गिरकर महिला की मौत
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कुंदरकी। बंदरों के बढ़ते हमले अब जानलेवा साबित होते जा रहे हैं। इससे महिलाओं और बच्चों में दहशत का माहौल है। रविवार की सुबह ग्राम शेखूपुर खास में किसान कल्लन सैफी की पत्नी सायरा (58) की बंदरों के झुंड के हमले में छत से गिरकर मौत हो गई। पंद्रह दिन पहले भी बंदरों के हमले में कुंदरकी के ग्राम डींगरपुर में बुजुर्ग मोहम्मद हनीफ की मौत छत से गिरकर मौत हो गई थी।
जानकारी के मुताबिक शेखूपुर खास में सायरा अपने पति कल्लन सैफी के साथ रहती थी। उसका बेटा इरफान मैकेनिक है। वह अपनी पति और बच्चों के साथ बिलारी में रहता है। जबकि महिला की तीन बेटियों की शादी हो चुकी है। सायरा रविवार की सुबह करीब सात बजे मकान की दूसरी मंजिल पर स्थित रसोई में चाय-नाश्ता बनाने को गई थीं, तभी बंदरों के झुंड ने उनपर हमला कर दिया। वह खुद का बचाव करने का प्रयास में छत से घर की आंगन में गिर गईं। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन कुछ ही देर बाद उनकी मौत हो गई। घटना के बाद घर में लोगों की भीड़ जमा हो गई, जबकि परिजनों में चीत्कार मच गई। ग्रामीणों ने बंदरों के बढ़ते हमलों को लेकर आक्रोश जताते हुए प्रदर्शन किया और बंदरों को पकड़वा कर समस्या से निजात दिलाने की मांग उठाई है। पुलिस ने भी महिला की मौत होने के संबंध में जानकारी ली लेकिन परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया। वहीं हल्का लेखपाल ने जानकारी जुटी और रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को प्रेषित की है।
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महज चार साल में बंदरों के हमलों में गई हैं छह जानें
कुंदरकी। महज चार साल में ही कुंदरकी ब्लॉक के ग्राम शेखूपुर खास में बंदरों के हमले में पांच महिलाएं अपनी जानें गंवा चुकी हैं। ग्रामीणों के अनुसार शेखूपुर खास में सायरा से पहले हमसीरन, बानो, नाजमा और लौंगश्री की बंदरों के हमले में जान जा चुकी हैं। वहीं शेखूपुर खास से बिल्कुल सटे ग्राम सराय पंजू में भी कई साल पहले किसान कल्लू सिंह की भी बंदरों के हमले में छत से ही गिरकर मौत हुई थी। इसके अलावा बड़ी संख्या में दोनों ही गांवों के ग्रामीण बंदरों के हमले में जख्मी हो चुके हैं।
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दो हजार से अधिक बंदरों ने किया जीना मुहाल
कुंदरकी। ब्लॉक के ग्राम शेखूपुर खास और ग्राम सराय पंजू में बंदरों की संख्या में दो हजार से अधिक बताई जा रही है। खास बात है कि बंदरों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। इससे ग्रामीणों का जीना मुहाल है। गांव के बलराम सिंह, ओमकार सिंह, सचिन गौतम, अदीब आलम आदि ग्रामीणों का कहना है कि अब तो बंदरों के झुंड सड़क पर उतर आते हैं और राहगीरों पर हमले करते हैं। इससे महिलाएं और बच्चों में भय का माहौल है। घर में घुसकर घरेलू सामान और कपड़े तक उठाकर ले जाते हैं।
कोट
शेखूपुर खास और उससे सटे सराय पंजू गांव में बंदरों की संख्या दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। बंदरों के हमले से गांव में अब तक पांच महिलाएं जान गंवा चुकी हैं। इन बंदरों को पकड़वाने के लिए प्रशासन को मांग पत्र दिए थे लेकिन कोई कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी है। यह बंदर किसानों की फसलों के साथ जानी और माली नुकसान पहुंच रहे। - रामकिशोर सिंह, प्रशासक शेखूपुर खास
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शेखूपुर खास गांव में बंदरों के हमले से छत से गिरकर एक महिला की मौत होने की घटना संज्ञान में आई है। इसके संबंधित वन विभाग को पत्राचार करके नियमानुसार कार्रवाई कराकर समस्या का समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही उच्च अधिकारियों से भी दिशा निर्देश देकर जरूरी कदम उठाए जाएंगे, ताकि ऐसे घटनाओं पर अंकुश लगा सके।- राजेंद्र सिंह, बीडीओ कुंदरकी
फोटो संख्या एक से लेकर पांच तक भेजे गए हैं।
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जानकारी के मुताबिक शेखूपुर खास में सायरा अपने पति कल्लन सैफी के साथ रहती थी। उसका बेटा इरफान मैकेनिक है। वह अपनी पति और बच्चों के साथ बिलारी में रहता है। जबकि महिला की तीन बेटियों की शादी हो चुकी है। सायरा रविवार की सुबह करीब सात बजे मकान की दूसरी मंजिल पर स्थित रसोई में चाय-नाश्ता बनाने को गई थीं, तभी बंदरों के झुंड ने उनपर हमला कर दिया। वह खुद का बचाव करने का प्रयास में छत से घर की आंगन में गिर गईं। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन कुछ ही देर बाद उनकी मौत हो गई। घटना के बाद घर में लोगों की भीड़ जमा हो गई, जबकि परिजनों में चीत्कार मच गई। ग्रामीणों ने बंदरों के बढ़ते हमलों को लेकर आक्रोश जताते हुए प्रदर्शन किया और बंदरों को पकड़वा कर समस्या से निजात दिलाने की मांग उठाई है। पुलिस ने भी महिला की मौत होने के संबंध में जानकारी ली लेकिन परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया। वहीं हल्का लेखपाल ने जानकारी जुटी और रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को प्रेषित की है।
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महज चार साल में बंदरों के हमलों में गई हैं छह जानें
कुंदरकी। महज चार साल में ही कुंदरकी ब्लॉक के ग्राम शेखूपुर खास में बंदरों के हमले में पांच महिलाएं अपनी जानें गंवा चुकी हैं। ग्रामीणों के अनुसार शेखूपुर खास में सायरा से पहले हमसीरन, बानो, नाजमा और लौंगश्री की बंदरों के हमले में जान जा चुकी हैं। वहीं शेखूपुर खास से बिल्कुल सटे ग्राम सराय पंजू में भी कई साल पहले किसान कल्लू सिंह की भी बंदरों के हमले में छत से ही गिरकर मौत हुई थी। इसके अलावा बड़ी संख्या में दोनों ही गांवों के ग्रामीण बंदरों के हमले में जख्मी हो चुके हैं।
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दो हजार से अधिक बंदरों ने किया जीना मुहाल
कुंदरकी। ब्लॉक के ग्राम शेखूपुर खास और ग्राम सराय पंजू में बंदरों की संख्या में दो हजार से अधिक बताई जा रही है। खास बात है कि बंदरों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। इससे ग्रामीणों का जीना मुहाल है। गांव के बलराम सिंह, ओमकार सिंह, सचिन गौतम, अदीब आलम आदि ग्रामीणों का कहना है कि अब तो बंदरों के झुंड सड़क पर उतर आते हैं और राहगीरों पर हमले करते हैं। इससे महिलाएं और बच्चों में भय का माहौल है। घर में घुसकर घरेलू सामान और कपड़े तक उठाकर ले जाते हैं।
कोट
शेखूपुर खास और उससे सटे सराय पंजू गांव में बंदरों की संख्या दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। बंदरों के हमले से गांव में अब तक पांच महिलाएं जान गंवा चुकी हैं। इन बंदरों को पकड़वाने के लिए प्रशासन को मांग पत्र दिए थे लेकिन कोई कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी है। यह बंदर किसानों की फसलों के साथ जानी और माली नुकसान पहुंच रहे। - रामकिशोर सिंह, प्रशासक शेखूपुर खास
शेखूपुर खास गांव में बंदरों के हमले से छत से गिरकर एक महिला की मौत होने की घटना संज्ञान में आई है। इसके संबंधित वन विभाग को पत्राचार करके नियमानुसार कार्रवाई कराकर समस्या का समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही उच्च अधिकारियों से भी दिशा निर्देश देकर जरूरी कदम उठाए जाएंगे, ताकि ऐसे घटनाओं पर अंकुश लगा सके।- राजेंद्र सिंह, बीडीओ कुंदरकी
फोटो संख्या एक से लेकर पांच तक भेजे गए हैं।