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बहुत अच्छे थे मेरे पति, उन्हें क्यों मारा.. वजह तो बता दो
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मुरादाबाद। वारदात की सूचना मिलने के बाद हेमंत की पत्नी हेमलता मोर्चरी पहुंची। पति के शव को देखकर उनकी चीख निकल गई। वहां पर मौजूद महिला पुलिसकर्मी उनको सांत्वना देने लगीं। हेमलता ने रोते हुए पूछा कि मेरे पति को क्यों मारा गया? मुझे बताओ। वह तो बहुत अच्छे थे। किसी से झगड़ा नहीं करते थे। वह तो जो जानकार नहीं होता था, उनकी भी मदद के लिए तैयार रहते थे। मैं नर्स हूं, मुझे भी दूसरों की मदद के लिए प्रेरित करते थे। मेरी हर ख्वाहिश को वह कहने से पहले ही पूरा कर देते थे। उनके साथ ऐसा नहीं होना चाहिए था। हेमलता को सांत्वना देते हुए महिला पुलिसकर्मी भी रो पड़ीं।
एसएचओ नागफनी सुनील कुमार ने बताया कि हेमलता ने आरोपी नरेश के खिलाफ सोमवार की रात को नामजद एफआईआर दर्ज करवाई है। इस मामले में हत्यारोपी से पूछताछ की गई है। उसने बताया कि आरोपी हेमंत उसका दोस्त था। नरेश के मुताबिक, उसका बीपी (ब्लड प्रेशर) हाई रहता है। जिसकी वजह से उसे अक्सर गुस्सा आ जाता है। सोमवार को भी जब हेमंत ने कई बार उससे मजाक किया तो गुस्सा आ गया और उसके हाथों हेमंत की जान चली गई। एसएचओ का कहना है कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है। जल्द ही उसको गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
मोर्चरी में रखा था शव.. बेखबर बच्चे कर रहे थे पिता के स्कूल में आने का इंतजार
मुरादाबाद। जिस वक्त हत्या की वारदात हुई। उस वक्त हेमंत के दोनों बच्चे स्कूल में पढ़ रहे थे। हेमलता ने बताया कि सुबह घर से निकलने के बाद जब हेमंत आफिस पहुंचते थे। तब वह फोन कर जानकारी देते थे। लेकिन सोमवार को ऐसा नहीं हुआ, उन्होंने आफिस पहुंचकर फोन नहीं किया। हेमलता ने सोचा कि हो सकता है कि काम में व्यस्त होने के कारण हेमंत फोन करना भूल गए हैं। दोपहर को स्कूल में बच्चों की छुट्टी होने पर हेमंत उनको लेने के लिए जाने वाले थे। हेमलता ने सोचा कि दोपहर को वह बच्चों को लेकर घर आएंगे। लेकिन घर खबर आई कि हेमंत को चोट लगी है, सूचना पर हेमलता भागते हुए जिला अस्पताल पहुंची। वहां पति के मौत की खबर मिली तो वह बेसुध हो गईं। हेमंत का शव मोर्चरी में रखा था, बच्चे इससे बेखबर थे। उनको इंतजार था कि पिता उनको स्कूल से लेने के लिए आ रहे होंगे। लेकिन जब बच्चों को लेने के लिए हेमंत के रिश्तेदार स्कूल पहुंचे। इसके बाद बच्चों ने सवाल जवाब किए, पहले तो उनसे बहाना बनाया गया कि पापा, कहीं बिजी हैं लेकिन देर शाम तक उनको पता चल गया कि अब पापा, उनको स्कूल से लेने कभी नहीं आ सकेंगे।
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‘मैने अपने आवास पर जेल मैन्यूअल और एक किताब रखी थी। उसे लेने के लिए हेमंत को आवास पर भेजा था। थोड़ी देर बाद एक पड़ोसी ने फालोवर नरेश और कर्मचारी हेमंत के बीच झगडे़ की सूचना दी। तब मामले का पता चला। नरेश ने ऐसा क्यों किया? यह समझ नहीं आ रहा है।’
राजेश शुक्ला, संयुक्त निदेशक अभियोजन
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एसएचओ नागफनी सुनील कुमार ने बताया कि हेमलता ने आरोपी नरेश के खिलाफ सोमवार की रात को नामजद एफआईआर दर्ज करवाई है। इस मामले में हत्यारोपी से पूछताछ की गई है। उसने बताया कि आरोपी हेमंत उसका दोस्त था। नरेश के मुताबिक, उसका बीपी (ब्लड प्रेशर) हाई रहता है। जिसकी वजह से उसे अक्सर गुस्सा आ जाता है। सोमवार को भी जब हेमंत ने कई बार उससे मजाक किया तो गुस्सा आ गया और उसके हाथों हेमंत की जान चली गई। एसएचओ का कहना है कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है। जल्द ही उसको गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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मोर्चरी में रखा था शव.. बेखबर बच्चे कर रहे थे पिता के स्कूल में आने का इंतजार
मुरादाबाद। जिस वक्त हत्या की वारदात हुई। उस वक्त हेमंत के दोनों बच्चे स्कूल में पढ़ रहे थे। हेमलता ने बताया कि सुबह घर से निकलने के बाद जब हेमंत आफिस पहुंचते थे। तब वह फोन कर जानकारी देते थे। लेकिन सोमवार को ऐसा नहीं हुआ, उन्होंने आफिस पहुंचकर फोन नहीं किया। हेमलता ने सोचा कि हो सकता है कि काम में व्यस्त होने के कारण हेमंत फोन करना भूल गए हैं। दोपहर को स्कूल में बच्चों की छुट्टी होने पर हेमंत उनको लेने के लिए जाने वाले थे। हेमलता ने सोचा कि दोपहर को वह बच्चों को लेकर घर आएंगे। लेकिन घर खबर आई कि हेमंत को चोट लगी है, सूचना पर हेमलता भागते हुए जिला अस्पताल पहुंची। वहां पति के मौत की खबर मिली तो वह बेसुध हो गईं। हेमंत का शव मोर्चरी में रखा था, बच्चे इससे बेखबर थे। उनको इंतजार था कि पिता उनको स्कूल से लेने के लिए आ रहे होंगे। लेकिन जब बच्चों को लेने के लिए हेमंत के रिश्तेदार स्कूल पहुंचे। इसके बाद बच्चों ने सवाल जवाब किए, पहले तो उनसे बहाना बनाया गया कि पापा, कहीं बिजी हैं लेकिन देर शाम तक उनको पता चल गया कि अब पापा, उनको स्कूल से लेने कभी नहीं आ सकेंगे।
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‘मैने अपने आवास पर जेल मैन्यूअल और एक किताब रखी थी। उसे लेने के लिए हेमंत को आवास पर भेजा था। थोड़ी देर बाद एक पड़ोसी ने फालोवर नरेश और कर्मचारी हेमंत के बीच झगडे़ की सूचना दी। तब मामले का पता चला। नरेश ने ऐसा क्यों किया? यह समझ नहीं आ रहा है।’
राजेश शुक्ला, संयुक्त निदेशक अभियोजन