UP: मुरादाबाद में वक्फ संपत्तियों का सत्यापन शुरू, बोर्ड का 8000 संपत्तियों पर दावा, प्रशासन रिकॉर्ड में 1600
मुरादाबाद जिले में वक्फ की 1600 संपत्तियों का प्रशासनिक सत्यापन पूरा हो गया है। वक्फ बोर्ड का दावा 8000 से अधिक संपत्तियों पर है। संशोधित वक्फ अधिनियम के तहत इन संपत्तियों की निगरानी और विवाद निपटाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। सत्यापन रिपोर्ट शासन को भेजी जा रही है।
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शासन के निर्देश पर मुरादाबाद जिले में वक्फ की संपत्तियों का सत्यापन कर लिया गया है। इस संबंध में डीएम ने सभी एसडीएम व तहसीलदारों के साथ बृहस्पतिवार को बैठक की। प्रशासन के रिकॉर्ड में वक्फ की 1600 संपत्तियां मुरादाबाद में हैं, जबकि वक्फ बोर्ड का दावा 8000 से ज्यादा संपत्तियों पर है। इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जा रही है।
फिलहाल प्रशासनिक स्तर से कोई कार्रवाई या आगे की जांच नहीं की जा रही है। शासन को अभी सिर्फ जानकारी भेजी जा रही है। 8000 संपत्तियों में कुछ ऐसी भी हैं जो एक परिसर में हैं लेकिन उन्हें अलग-अलग दर्शाया गया है। वक्फ बोर्ड अधिनियम में संशोधन के बाद अब बड़ा असर इन संपत्तियों पर देखनेे को मिल सकता है।
इसको लेकर जिला स्तर पर भी अधिकारियों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। कुछ संपत्तियां पर विवाद चल रहा है, जिनके निस्तारण के लिए अधिकारी जुट गए हैं। मुरादाबाद में संपत्तियां सुन्नी और शिया वक्फ बोर्ड में बंटी हुई हैं। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र तक यह संपत्तियां हैं। इनमें कृषि भूमि, आवास, दुकान, स्कूल और मदरसे संचालित हो रहे हैं।
इनके अलावा कई जगह कब्रिस्तान व मस्जिद भी वक्फ की जमीन पर हैं। वक्फ बोर्ड का दावा है कि इन संपत्तियों से होने वाले लाभ को दीनी शिक्षा और जन कल्याण में खर्च किया जाता है। अब तक इसकी निगरानी वक्फ बोर्ड के पदाधिकारी ही कर रहे हैं लेकिन कानून में संशोधन के बाद सरकार सभी संपत्तियों का सत्यापन करा रही है।
मुरादाबाद में तमाम संपत्तियां ऐसी भी हैं, जिन पर विवाद चल रहा है। जिला प्रशासन विवादों के निपटारे का काम कर रहा है।
गुमसानी का महादेव मंदिर वक्फ में दर्शाया
वक्फ की संपत्तियों में विवाद के मामले सिर्फ मुरादाबाद नहीं पूरे मंडल में हैं। संभल के गुमसानी गांव के महादेव मंदिर को वक्फ में दर्शाया गया है। यह मंदिर 1.47 हेक्टेयर में फैला हुआ है। प्रशासन ने मामले की जांच कराई तो पता चला कि मंदिर ट्रस्ट की जमीन पर है।
हालांकि इस मामले में निर्णय क्या रहा, इसकी जानकारी प्रशासन ने साझा नहीं की है। पुराने रिकॉर्ड के मुताबिक मंदिर सहित 6.5 एकड़ जमीन को हड़पकर अवैध कब्जा करने की कोशिश की गई थी। एसडीएम कोर्ट में पूर्व विधायक मेजर जेपी सिंह ने दस्तावेज उपलब्ध कराए थे।
सभी तहसीलों से वक्फ की संपत्तियों का आंकड़ा जुटाकर शासन को भेजा जा रहा है। प्रशासन के पास गजट में वक्फ की लगभग 1600 संपत्तियां हैं। वक्फ बोर्ड के वामसी पोर्टल के मुताबिक मुरादाबाद में 8000 से ज्यादा संपत्तियां हैं। - अनुज सिंह, डीएम, मुरादाबाद