{"_id":"6a99e3a2589765dd2c053790","slug":"99-doctor-posts-vacant-in-the-district-20-doctors-missing-for-seven-years-moradabad-news-c-15-1-mbd1044-984919-2026-09-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Moradabad News: जिले में डॉक्टरों के 99 पद खाली... 20 डॉक्टर सात साल से लापता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Moradabad News: जिले में डॉक्टरों के 99 पद खाली... 20 डॉक्टर सात साल से लापता
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुरादाबाद। जिले के सरकारी अस्पताल डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे हैं। चिकित्सकों के 99 पद खाली हैं। इसके बावजूद जिले में नियुक्त 20 डॉक्टर ऐसे हैं, जो सात साल से ड्यूटी से गैरहाजिर हैं। किसी ने नियुक्ति के बाद ज्वाइन किया, लेकिन सेवाएं नहीं दीं तो कोई पीजी करने गया और पढ़ाई पूरी होने के बाद भी वापस नहीं आया। इन सभी डॉक्टरों की सूचना स्वास्थ्य विभाग ने महानिदेशालय को भेज दी है।
डॉक्टरों के खाली पदों का असर सरकारी अस्पतालों की सेवाओं पर साफ दिखाई देता है। जिला अस्पताल में ही 17 विशेषज्ञ चिकित्सकों के पद खाली हैं। इनमें फिजिशियन, कार्डियोलॉजिस्ट, नेफ्रोलॉजिस्ट, प्लास्टिक सर्जन और यूरोलॉजिस्ट जैसे महत्वपूर्ण विशेषज्ञ शामिल हैं। मनोचिकित्सक का पद खाली होने से मानसिक रोगियों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। विशेषज्ञों की कमी के कारण गंभीर मरीजों को दूसरे शहरों के लिए रेफर करना पड़ रहा है। दो महीने में जिला और महिला अस्पताल से 500 से अधिक मरीज रेफर किए जा चुके हैं। जिले के ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों में भी सरकारी चिकित्सकों की कमी बनी हुई है। आधिकारिक रिपोर्ट में सीएचसी स्तर पर 45 स्वीकृत पदों के सापेक्ष 23 चिकित्साधिकारी कार्यरत और पीएचसी स्तर पर 31 स्वीकृत पदों के सापेक्ष 11 चिकित्साधिकारी कार्यरत बताए गए हैं। ऐसे में सवाल यह है कि जब नए डॉक्टरों की जरूरत है और दर्जनों पद खाली हैं, तब नियुक्त डॉक्टरों का वर्षों तक ड्यूटी से गैरहाजिर रहना व्यवस्था पर कितना बड़ा बोझ डाल रहा है। विभाग ने लंबे समय से अनुपस्थित 20 डॉक्टरों की सूचना महानिदेशालय को भेजी है। अब शासन स्तर से इन मामलों में कार्रवाई की उम्मीद है।
26 डॉक्टरों की सेवाएं समाप्त, तीन नाम मुरादाबाद के
ड्यूटी से लगातार गैरहाजिर रहने और चिकित्सकीय दायित्वों में लापरवाही के मामलों में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के निर्देश पर प्रदेश के 26 डॉक्टरों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। इनमें मुरादाबाद के तीन डॉक्टर शामिल हैं। बर्खास्त किए गए डॉक्टरों में डॉ. मो. शबाब खान, डॉ. मुजफ्फर अली और डॉ. फरयाद हुसैन के नाम शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग ने लंबे समय से अनुपस्थित डॉक्टरों के मामलों की समीक्षा के बाद यह कार्रवाई की है। इसके अलावा नौ अन्य डॉक्टरों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन
वर्जन
लगातार गैरहाजिर रहने वाले डॉक्टरों के संबंध में जिला स्तर से सूचना लगातार निदेशालय को भेजी जाती है। उसी के क्रम में प्रदेश स्तर से यह कार्रवाई हुई है। कई ऐसे डॉक्टर भी हैं, जिनके त्याग पत्र विभाग को मिले हैं। उनकी सूचना भी शासन व निदेशालय को दी गई है।
- डॉ. आशु अग्रवाल, एडी हेल्थ
विज्ञापन
डॉक्टरों के खाली पदों का असर सरकारी अस्पतालों की सेवाओं पर साफ दिखाई देता है। जिला अस्पताल में ही 17 विशेषज्ञ चिकित्सकों के पद खाली हैं। इनमें फिजिशियन, कार्डियोलॉजिस्ट, नेफ्रोलॉजिस्ट, प्लास्टिक सर्जन और यूरोलॉजिस्ट जैसे महत्वपूर्ण विशेषज्ञ शामिल हैं। मनोचिकित्सक का पद खाली होने से मानसिक रोगियों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। विशेषज्ञों की कमी के कारण गंभीर मरीजों को दूसरे शहरों के लिए रेफर करना पड़ रहा है। दो महीने में जिला और महिला अस्पताल से 500 से अधिक मरीज रेफर किए जा चुके हैं। जिले के ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों में भी सरकारी चिकित्सकों की कमी बनी हुई है। आधिकारिक रिपोर्ट में सीएचसी स्तर पर 45 स्वीकृत पदों के सापेक्ष 23 चिकित्साधिकारी कार्यरत और पीएचसी स्तर पर 31 स्वीकृत पदों के सापेक्ष 11 चिकित्साधिकारी कार्यरत बताए गए हैं। ऐसे में सवाल यह है कि जब नए डॉक्टरों की जरूरत है और दर्जनों पद खाली हैं, तब नियुक्त डॉक्टरों का वर्षों तक ड्यूटी से गैरहाजिर रहना व्यवस्था पर कितना बड़ा बोझ डाल रहा है। विभाग ने लंबे समय से अनुपस्थित 20 डॉक्टरों की सूचना महानिदेशालय को भेजी है। अब शासन स्तर से इन मामलों में कार्रवाई की उम्मीद है।
विज्ञापन
26 डॉक्टरों की सेवाएं समाप्त, तीन नाम मुरादाबाद के
ड्यूटी से लगातार गैरहाजिर रहने और चिकित्सकीय दायित्वों में लापरवाही के मामलों में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के निर्देश पर प्रदेश के 26 डॉक्टरों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। इनमें मुरादाबाद के तीन डॉक्टर शामिल हैं। बर्खास्त किए गए डॉक्टरों में डॉ. मो. शबाब खान, डॉ. मुजफ्फर अली और डॉ. फरयाद हुसैन के नाम शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग ने लंबे समय से अनुपस्थित डॉक्टरों के मामलों की समीक्षा के बाद यह कार्रवाई की है। इसके अलावा नौ अन्य डॉक्टरों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन
वर्जन
लगातार गैरहाजिर रहने वाले डॉक्टरों के संबंध में जिला स्तर से सूचना लगातार निदेशालय को भेजी जाती है। उसी के क्रम में प्रदेश स्तर से यह कार्रवाई हुई है। कई ऐसे डॉक्टर भी हैं, जिनके त्याग पत्र विभाग को मिले हैं। उनकी सूचना भी शासन व निदेशालय को दी गई है।
- डॉ. आशु अग्रवाल, एडी हेल्थ