UP: 'जहां जीत का अंतर सबसे कम, वहां सबसे ज्यादा कटे वोट', 3.87 लाख वोटर एसआईआर अभियान में मतदाता सूची से बाहर
यूपी के मुरादाबाद जिले में 3.87 लाख वोटर एसआईआर अभियान में मतदाता सूची से बाहर हो गए। सूची से नगर विधानसभा क्षेत्र के सबसे अधिक 1.12 लाख मतदाता बाहर हुए हैं। जिले की सभी छह विधानसभा सीटों पर जीत का अंतर 1.71 लाख मतों का रहा था।
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उत्तर प्रदेश में साल 2022 के चुनाव में जिले की जिस विधानसभा सीट पर जीत का अंतर सबसे कम रहा। वहां एसआईआर अभियान में सबसे अधिक वोट कटे हैं। नगर विधानसभा सीट पर भाजपा को 728 मतों से जीत मिली थी। जबकि सूची से यहां 1.12 लाख मतदाताओं के नाम बाहर हो गए।
ऐसे ही मुरादाबाद जिले से 3.87 लाख वोटरों के नाम सूची से हटाए गए हैं। यह संख्या 2022 के विधानसभा चुनाव में जिले की छह सीटों पर जीत के कुल अंतर से दोगुने से ज्यादा है। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत जिले के 20.63 लाख मतदाताओं के गणना-प्रपत्र सही पाए गए।
जबकि मतदाताओं की कुल संख्या 24.59 लाख है। एसआईआर अभियान के आखिरी चरण में जिला प्रशासन का ध्यान अनकलेक्टिव मतदाताओं (एएसडी) पर केंद्रित रहा। अनकलेक्टिव वोटरों की श्रेणी में अनुपस्थित, शिफ्टेड, डुप्लीकेट, मृतक वोटरों को शामिल किया गया था।
ऐसे मतदाताओं की संख्या 3.87 लाख पाई गई है। इन वोटराें के नाम सूची से हटा दिए गए हैं। इनमें करीब 73 हजार नाम वह भी शामिल हैं जो निधन केबाद भी वोटर लिस्ट में थे। वहीं अभियान के दाैरान 2.10 लाख मतदाताओं की मैपिंग नहीं हो पाई है।
गणना-प्रपत्र में इन वोटरों ने मतदाता होने से जुड़े साक्ष्य या ब्योरा नहीं दिया था। साक्ष्य देने पर इन मतदाताओं का नाम सूची में शामिल कर लिया जाएगा। अभी नए वोटरों के नाम भी जोड़े जाने हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव में नगर सीट पर जीत का अंतर सबसे कम था।
यहां जीत का अंतर सबसे अधिक 56,820 वोट का था
यहां भाजपा प्रत्याशी रितेश गुप्ता ने सपा के हाजी यूसुफ अंसारी को 782 मतों से हराया था। आईएसआर अभियान में इस विधानसभा क्षेत्र के 1,12,338 वोटरों के नाम सूची से बाहर कर दिए गए हैं। इसके अलावा देहात विधानसभा क्षेत्र के 90,937 मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। यहां विधानसभा चुनाव में जीत का अंतर सबसे अधिक 56,820 वोट रहा था।
वहीं 2022 के विधानसभा चुनाव में जिले की छह विधानसभा सीटों पर जीत का कुल अंतर 1,71,236 वोटों का था। जबकि एसआईआर अभियान में कटे वोटरों की संख्या 3,87,628 है। जो सभी सीटों पर जीत के कुल अंतर से दोगुने से भी अधिक है। जिसे लेकर राजनीतिक दलों में चिंता है। अगर कटे नाम और नए नाम नहीं जुड़े तो इसका असर 2027 में जिले की विधानसभा सीटों के चुनाव परिणाम पर पड़ सकता है।
विधानसभा क्षेत्रवार जीत का अंतर और एसआईआर में कटे वोटों की संख्या
| विधानसभा क्षेत्र | विजयी दल | हारे दल | जीत का अंतर | वोट कटे |
|---|---|---|---|---|
| नगर | भाजपा-148384 | सपा-147602 | 782 | 112338 |
| देहात | सपा-143337 | भाजपा-86517 | 56820 | 90937 |
| बिलारी | सपा-95338 | भाजपा-87728 | 7610 | 49564 |
| ठाकुरद्वारा | सपा-134391 | भाजपा-114707 | 19684 | 43667 |
| कांठ | सपा-134692 | भाजपा-91514 | 43178 | 49803 |
| कुंदरकी | सपा-125792 | भाजपा-82630 | 43162 | 41302 |
तीन गुना बढ़ गया जीत का अंतर
2022 के चुनाव में कुंदरकी विधानसभा सीट पर सपा ने 43162 वोटों के अंतर जीत दर्ज की थी। लेकिन 2024 में हुए उपचुनाव में जीत का यह अंतर तीन गुना से अधिक हो गया। भाजपा उम्मीदवार रामवीर सिंह ने रिकाॅर्ड 1,44,791 मतों से जीत दर्ज की।
28 फरवरी को होगा मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन
दावे और आपत्तियां 31 दिसंबर से 30 जनवरी तक ली गईं। इन दावों और आपत्तियों का निस्तारण 21 फरवरी तक होगा। इसके बाद 28 फरवरी को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा।