UP: संभल से लापता होकर बने आतंकी... दूसरों को भी जोड़ने की थी साजिश; पाकिस्तान में मौलाना संग रहते थे ये तीनों
संभल से लापता होकर युवक आतंकी बन गए। इन युवाओं ने दूसरों को भी जोड़ने की साजिश रची। इसमें कुछ लोग भारत में इस साजिश के लिए काम कर रहे हैं, कुछ ने पाकिस्तान में ठिकाना बनाया हुआ है।
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संभल शहर से अलग-अलग समय पर लापता हुए युवा आतंक की राह पर चले गए थे। बाद में उन्होंने दूसरे युवाओं को आतंक की राह पर लाने के लिए साजिश की थी। दिल्ली स्पेशल सेल को वर्ष 2015 में इसकी जानकारी हुई थी। इसके बाद ही मोहम्मद आसिफ और जफर मसूद को गिरफ्तार किया गया था।
इन दोनों को इस मामले में सजा भी मिली थी, जो पूरी हो चुकी है। इन दोनों ने ही बताया था कि अलकायदा की सहायक शाखा अलकायदा इन इंडियन सबकॉन्टीनेंट युवाओं को आतंक की राह पर लाने के लिए काम कर रही है।
इसमें कुछ लोग भारत में इस साजिश के लिए काम कर रहे हैं, कुछ ने पाकिस्तान में ठिकाना बनाया हुआ है। जो युवा भटक जाते हैं उनकी ट्रेनिंग पाकिस्तान में कराई जाती है।
एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई का कहना है कि जो युवा वर्षों पहले लापता हुए थे उनकी जानकारी समय-समय पर स्थानीय पुलिस द्वारा भी की जाती है। स्थानीय खुफिया इकाई की निगरानी लगातार बनी रहती है और आगे भी बने रहेगी।
पाकिस्तान में मौलाना आसिम के साथ रहते थे सईद, शरजील और उस्मान
संभल शहर के दीपा सराय निवासी उस्मान, सईद अख्तर और शरजील पाकिस्तान में हैं और आतंकी गतिविधियों में शामिल हैं। इसका खुलासा आसिफ और जफर मसूद ने वर्ष 2015 में दिल्ली स्पेशल सेल के सामने किया था। इसका जिक्र पटियाला कोर्ट में दाखिल किए गए आरोपपत्र में भी पुलिस द्वारा किया गया था।
इन सभी के साथ दीपा सराय निवासी सना उल हक उर्फ शन्नू उर्फ मौलाना आसिम उमर भी था। हालांकि वह वर्ष 2019 में मारा जा चुका है लेकिन अब उस्मान के पाकिस्तान की लाहौर जेल में बंद होने की जानकारी सामने आई है तो यह भी खुलासा हुआ है कि सईद अख्तर और शरजील जो अभी तक लापता माने जाते थे वह पाकिस्तान में थे और मोहम्मद आसिफ और जफर मसूद मिलकर आए थे।
इसके बाद ही वर्ष 2015 में दिल्ली की स्पेशल सेल द्वारा दर्ज किए गए मुकदमे में इन सभी के नाम शामिल किए गए थे। मौलाना आसिम उमर उर्फ शन्नू अलकायदा का दक्षिण एशिया प्रमुख था। जो 1998 में संभल से लापता हुआ था। वर्ष 2016 में अमेरिका ने आतंकियों की सूची जारी की थी। जिसमें उसका नाम शामिल था। 2019 में अमेरिका और अफगानिस्तान की सेना के संयुक्त ऑपरेशन में मारा जा चुका है।
पत्थरबाजी और बाइक फूंकने में दो और गिरफ्तार
नखासा थाना पुलिस ने हिंदूपुरा खेड़ा निवासी हसन उर्फ छोटू व दीपा सराय निवासी समद को गिरफ्तार किया है। यह दोनों आरोपी जामा मस्जिद सर्वे के दौरान हुए बवाल में शामिल थे। हिंदूपुरा खेड़ा और नखासा तिराहे पर पुलिस पर पत्थरबाजी और आगजनी की थी। आरोपी वीडियो और फोटो में कैद हो गए थे। पूछताछ में भी घटना करना स्वीकार किया है।
एसपी ने बताया कि आरोपियों को न्यायालय में पेश किया। जहां से जेल भेज दिया गया है। एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि आरोपियों ने पूछताछ में बताया है कि 24 नवंबर को जामा मस्जिद पर सर्वे के दौरान बवाल हो गया था। इस बवाल की सूचना हिंदूपुरा खेड़ा पर पहुंची तो नखासा तिराहे पर पहुंचकर पुलिस पर पत्थरबाजी की थी।
साथ ही पुलिसकर्मियों की बाइकों में आग लगा दी थी। इसके बाद हिंदूपुरा खेड़ा में पुलिस पर पत्थरबाजी की थी। जब पुलिस ने घेराबंदी की तो मौके से भाग गए थे। आरोपियों ने बताया कि वह अलग-अलग स्थानों पर छिपकर रह रहे थे।
एसपी ने बताया कि इन उपद्रवियों की पहचान वीडियो और फोटो से की गई है। बताया कि 79 आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं। इसमें चार महिलाएं भी शामिल हैं। अन्य की तलाश की जा रही है।