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UP: संभल में सालार मसूद गाजी की याद में लगने वाले मेले पर रोक, करीब एक हजार साल से लग रहा नेजा मेला

Tue, 18 Mar 2025 10:02 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, संभल
अमर उजाला नेटवर्क, संभल Published by: शाहरुख खान Updated Tue, 18 Mar 2025 10:02 AM IST
सार

संभल में सालार मसूद गाजी की याद में लगने वाले मेले पर रोक लग गई है। पुलिस ने मेला आयोजित करने पर मुकदमा दर्ज करने की चेतावनी दी है। एएसपी ने कहा कि सालार मसूद गजनवी का सेनापति थ, उसने लूटपाट और हत्याएं की थीं।

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UP News Ban on fair held in memory of salar masud ghazi sambhal
संभल कोतवाली में नेजा मेला कमेटी के लोगों से वार्ता करते एएसपी श्रीश्वंद्र - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

यूपी के संभल में पुलिस ने नेजा मेला लगाए जाने की अनुमति देने से इन्कार कर दिया है। कहा है कि जिस सय्यद सालार मसूद गाजी की याद में यह आयोजन किया जाता है वह मोहम्मद गजनवी का सेनापति था। इतिहास में इस बात का जिक्र है कि सालार मसूद ने लूटपाट और हत्याएं की थीं। 
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लुटेरे और हत्यारे की याद में मेला लगाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। अगर इसके बाद भी किसी ने मेला लगाने की कोशिश की तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा। संभल के चमन सराय में धार्मिक नगर नेजा कमेटी की ओर से सय्यद सालार मसूद गाजी की याद में नेजा मेला लगाया जाता है। 
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इस बार नेजा मेला 25, 26 और 27 मार्च को अलग-अलग स्थानों पर लगना था। मंगलवार को ढाल लगाई जानी थी। नेजा मेला से एक सप्ताह पहले ढाल और झंडा घंटाघर पर लगाया जाता है। नेजा मेला कमेटी ने सोमवार को इसकी घोषणा की तो एएसपी श्रीश्चंद ने कमेटी के पदाधिकारियों को कोतवाली बुला लिया। 
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एएसपी ने कहा कि महमूद गजनवी ने सोमनाथ मंदिर लूटा था। उसका सेनापति सय्यद सालार मसूद गाजी था। मेले को लेकर दूसरे समुदाय के लोगों ने आपत्ति दर्ज कराई है। 

कानून-व्यवस्था बिगड़ने का भी खतरा है, लिहाजा नेजा मेला नहीं लगने दिया जाएगा और न ढाल लगाई जाएगी। उन्होंने कहा कि अज्ञानता में यह मेला लगाया जाता रहा है तो अज्ञानी हो और यदि जानबूझकर यह मेला लगाया गया है तो देशद्रोही हो।

करीब एक हजार साल से लग रहा नेजा मेला
करीब एक हजार वर्ष से आयोजित होने वाले संभल के नेजा मेले का आयोजन इस बार नहीं होगा। पुलिस की ओर से कानून व्यवस्था न बिगड़े इसको देखते हुए अनुमति देने से इन्कार कर दिया है। यह दावा है धार्मिक नगर नेजा कमेटी के अध्यक्ष शाहिद हुसैन मसूदी का।

अध्यक्ष शाहिद हुसैन मसूदी का दावा है कि करीब एक हजार वर्ष से नेजे की ढाल लगाने और नेजा मेला करने की परंपरा चली आ रही है। अध्यक्ष ने बताया कि नेजा मेला सैयद सालार मसूद गाजी की याद में लगता चला आ रहा है।
 

हालांकि दूसरे समुदाय के द्वारा इसका विरोध कई वर्षों से लगातार किया जाता रहा है। एएसपी ने भी नेजा मेला कमेटी से स्पष्ट कहा है कि जिसने लूट की और हत्याएं की। उसकी याद में कोई भी आयोजन नहीं होने दिया जाएगा।
 

इस मेले के आयोजन के पीछे की वजह बताते हुए बताया कि संभल वर्ष 1015 के आसपास पृथ्वीराज चौहान की राजधानी थी। कहा जाता है कि वर्ष 1030 के आसपास पृथ्वीराज चौहान के बेटे की नजर संभल के शेख पचासे मियां की बेटी पर पड़ गई थी। शेख पचासे मियां की बेटी शादी करना नहीं चाहती थीं इसलिए उन्होंने सैयद सालार मसूद गाजी को इसकी सूचना भेजी थी।

वह अपनी सेना के साथ संभल आए थे और पृथ्वीराज चौहान के साथ युद्ध किया था। जिसमें पृथ्वीराज चौहान की पराजय हो गई थी। कमेटी अध्यक्ष ने बताया कि इस युद्ध में सैयद सालार मसूद गाजी के साथियों ने भी जान गंवाई थी। उनकी मजार संभल के आसपास बनाई गई हैं। उन्हीं मजार के आसपास मेले आयोजित किए जाते हैं।

इन मजारों पर लगते हैं नेजा मेला
संभल, शहबाजपुरा सूरा नगला और बादल गुंबद पर एक-एक दिन का मेला लगता है। पहले दिन शाहबाजपुर सूरा नगला में हजरत भोले शाह भोले के मजार पर नेजा मेले का आयोजन किया जाता है। अगले दिन नगर पालिका परिसर में हजरत अहमद शाह के मजार पर नेजा मेला लगता है। तीसरे दिन हसनपुर रोड स्थित बादल गुंबद पर मेला आयोजित होता है। इन तीनों ही स्थानों पर चादरपोशी कर दुआएं मांगी जाती हैं।

 

होली से जुड़ा है इस मेले का इतिहास
होली के बाद पड़ने वाले पहले मंगलवार को नेजा मेले की ढाल और झंडा लगाए जाने की परंपरा रही है। होली के बाद पड़ने वाले दूसरे मंगलवार को शहबाजपुर सूरानगला का मेला लगता है। इस मेले के लिए होली के बाद का ही समय तय है। इसी परंपरा से यह मनाते रहे हैं। कमेटी के अध्यक्ष ने बताया कि होली के बाद ही नेजा मेला की ढाल लगती आ रही है और दूसरे मंगलवार से नेजा मेला लगता चला आ रहा है। यह परंपरा ही शुरुआत से होने की जानकारी है।

 

जब ढाल नहीं लगी तो नेजा मेला कैसे लगेगा : मसदी
धार्मिक नगर नेजा कमेटी के अध्यक्ष शाहिद हुसैन मसूदी ने बताया कि नेजा मेला सय्यद सालार मसूद गाजी की याद में ही सदियों से लगता रहा है। इस बार भी मंगलवार को नेजा मेले की ढाल और झंडा लगाया जाता, लेकिन एएसपी ने सख्ती से मना कर दिया है। जबकि ढाल और झंडा लगाने के लिए 10 मार्च को एसडीएम को ज्ञापन सौंपा गया था। नेजा कमेटी अध्यक्ष ने बताया कि ढाल और झंडा लगने के एक सप्ताह बाद नेजा मेला लगता है। 25 मार्च को नेजा मेला शहबाजपुर सूरानगला गांव में लगना था। 26 मार्च को संभल पालिका के मैदान में और 27 मार्च को बादल गुंबद गांव में इसका आयोजन होना था।

हत्यारे और लुटेरे की याद में नेजा मेला लगाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। कानून व्यवस्था बिगड़ने का डर है। दूसरे समुदाय के लोगों ने इस आयोजन पर आपत्ति की है। इसके चलते अनुमति नहीं दिए जाने की जानकारी नेजा मेला कमेटी को दे दी गई है।-श्रीश्चंद्र, एएसपी, संभल

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