फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   UP: Fake firms created using workers Aadhaar cards in Moradabad, business worth crores, notice reveals

UP: मुरादाबाद में मजदूरों के आधार कार्ड से बनाईं फर्जी फर्में, करोड़ों का कारोबार, नोटिस पहुंचा तो हुआ खुलासा

Wed, 09 Jul 2025 12:47 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद Published by: विमल शर्मा Updated Wed, 09 Jul 2025 12:47 PM IST
सार

बिलारी में मजदूरों की आईडी का दुरुपयोग कर फर्जी फर्म बनाकर करोड़ों का कारोबार करने का मामला सामने आया है। एक फर्म मालिक ने आठ फर्जी फर्म बनाकर मजदूरों के नाम पर जीएसटी रजिस्ट्रेशन और बैंक लेनदेन किा। जब आयकर विभाग ने मजदूरों को करोड़ों रुपये के बकाया नोटिस भेजे, तब फर्जीवाड़ा उजागर हुआ।

विज्ञापन
UP: Fake firms created using workers Aadhaar cards in Moradabad, business worth crores, notice reveals
मुरादाबाद पुलिस कर रही जांच - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मजदूरों के आधार कार्ड और आईडी के जरिए कारोबारियों ने आठ फर्जी फर्म बनाकर कर करोड़ों का कारोबार कर लिया। आरोपियों ने सरकारी धनराशि हड़पने के लिए फर्मों के अलग-अलग जीएसटी बिल भी बना लिए। मजदूरों के नाम आयकर विभाग से करोड़ों के बकाया नोटिस पहुंचने तो इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।

विज्ञापन


अदालत के आदेश के पर फर्म स्वामी और सुपरवाइजर के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। बिलारी के झकड़ा निवासी राजेंद्र सिंह के प्रार्थनापत्र और अदालत के आदेश पर बिलारी थाने में केस दर्ज किया गया है। राजेंद्र सिंह ने बताया कि वह मुरादाबाद के मोहल्ला नवाबपुरा स्थित एएनएस हैंडीक्राफ्ट नामक की फर्म में काम करता था।

विज्ञापन

इसी फर्म में उसके साथ उसके कई रिश्तेदार और अन्य परिचितों ने भी 2017 से लेकर 2024 तक काम किया। राजेंद्र सिंह के मुताबिक सिविल लाइंस के रामगंगा विहार वेव ग्रीन कॉलोनी निवासी फर्म मालिक मो. शोएब और मझोला के खुशहालपुर में रहने वाले गजरौला के पीपली नायक निवासी फर्म के सुपरवाइजर रोहित उर्फ रिंकू उससे और अन्य साथी मजदूरों से आधार कार्ड और पेन कार्ड की फोटो कॉपी और दो-दो फोटो यह कहकर ले लिया।

कहा तुम्हारा श्रम विभाग में रजिस्ट्रेशन कराना है। इसके बाद वेतन खाते में आने के लिए बैंक में खाता खुलवाने के साथ ही फर्म का परिचय पत्र भी बनवाना है। इस दौरान राजेंद्र के नाम से 12 करोड़, हेमसिंह के नाम से 11 करोड़, जगवीर सिंह के नाम से 39 करोड़, मुस्तफा के नाम से नौ करोड़ के बकाया धनराशि के आयकर विभाग के नोटिस पहुंच गए।

आयकर विभाग में जानकारी करने पर पता चला कि फर्म स्वामी मोहम्मद शोएब और फर्म सुपरवाइजर रोहित ने मजदूरों के नाम से जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराकर आठ फर्म खोल लीं और उनके बैंक खातों में फर्जी तरीके से लेनदेन करना भी दिखा दिया। फर्म के फर्जी जीएसटी बिल बनाकर धोखाधड़ी करने के साथ ही सरकारी धनराशि का गबन भी कर लिया। 

एसपी देहात कुंवर आकाश सिंह ने बताया कि अदालत के आदेश पर मो. शोएब और रोहित के खिलाफ धोधाड़ी, गबन, जालसाजी समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed