{"_id":"671343f818a2eac428031ca3","slug":"up-by-election-2024-bsp-with-help-of-dalit-muslim-alliance-on-this-seat-of-up-2024-10-19","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"UP: इस सीट पर दलित-मुस्लिम गठजोड़ के सहारे बसपा, ये होंगे 'हाथी' के महावत; इस रणनीति से बिगड़ेगा सपा का खेल!","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: इस सीट पर दलित-मुस्लिम गठजोड़ के सहारे बसपा, ये होंगे 'हाथी' के महावत; इस रणनीति से बिगड़ेगा सपा का खेल!
Sat, 19 Oct 2024 11:20 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 19 Oct 2024 11:20 AM IST
सार
यूपी की इस विधानसभा सीट पर बसपा दलित-मुस्लिम गठजोड़ के सहारे चुनावी दौड़ में है। बसपा के जातिगत समीकरण से सपा का चुनावी खेल बिगड़ सकता है। वोट बैंक में सेंध लग सकती है।
विज्ञापन
UP By Election
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
उपचुनाव लड़ने के एलान में देरी करने वाली बसपा ने कुंदरकी सीट पर प्रत्याशी उतारने में तेजी दिखाई है। एक बार फिर दलित-मुस्लिम गठजोड़ के सहारे बसपा चुनावी दौड़ में उतरी है। कुंदरकी उपचुनाव में संभल के रफतउल्ला उर्फ नेता छिद्दा पर हाथी के महावत होंगे।
इस गठजोड़ से कुंदरकी सीट पर बसपा को दो बार जीत मिल चुकी है। बसपा की यह रणनीति सपा का खेल बिगाड़ सकती है। सपा के वोट बैंक में सेंध लगा सकती है।
जियाउर्रहमान बर्क के सांसद बनने के बाद खाली हुई कुंदरकी विधानसभा सीट पर 13 नवंबर मतदान होगा। पिछले तीन विधानसभा चुनावों में कुंदरकी सीट पर सपा का ही कब्जा रहा है। इस सीट प्रत्याशी का चार बार जीत मिल चुकी है। जबकि बसपा उम्मीदवार ने दो बार जीत दर्ज की है।
बसपा को आखिरी बार 2007 में जीत मिली थी। जबकि इस सीट पर सिर्फ एक बार 1993 में कमल खिला है। शुक्रवार को बसपा ने अपने उम्मीदवार की घोषणा कर दी। पार्टी ने रफउल्ला उर्फ छिद्दा पर दांव लगाकर फिर से दलित-मुस्लिम गठजोड़ को साधने की कोशिश की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
इस गठजोड़ से कुंदरकी सीट पर बसपा को दो बार जीत मिल चुकी है। बसपा की यह रणनीति सपा का खेल बिगाड़ सकती है। सपा के वोट बैंक में सेंध लगा सकती है।
जियाउर्रहमान बर्क के सांसद बनने के बाद खाली हुई कुंदरकी विधानसभा सीट पर 13 नवंबर मतदान होगा। पिछले तीन विधानसभा चुनावों में कुंदरकी सीट पर सपा का ही कब्जा रहा है। इस सीट प्रत्याशी का चार बार जीत मिल चुकी है। जबकि बसपा उम्मीदवार ने दो बार जीत दर्ज की है।
विज्ञापन
बसपा को आखिरी बार 2007 में जीत मिली थी। जबकि इस सीट पर सिर्फ एक बार 1993 में कमल खिला है। शुक्रवार को बसपा ने अपने उम्मीदवार की घोषणा कर दी। पार्टी ने रफउल्ला उर्फ छिद्दा पर दांव लगाकर फिर से दलित-मुस्लिम गठजोड़ को साधने की कोशिश की है।
विज्ञापन
इसी जातिगत समीकरण के सहारे में बसपा ने 2007 और 1996 में सपा के वर्चस्व को तोड़ा था। यही नहीं 2009 के लोकसभा चुनाव में संभल से डाॅ. शफीकुर्रहमान बर्क को उतारकर बसपा ने जीत दर्ज की थी।
इस साल हुए लोकसभा चुनाव में कुंदरकी सीट पर बसपा प्रत्याशी सौलत अली को 31400 वोट मिले थे। जबकि 2022 के विधानसभा चुनाव में बसपा उम्मीदवार रहे हाजी रिजवान को 42 हजार से अधिक मत मिले थे।
दूसरी ओर छिद्दा के सहारे बसपा सपा के परंपरागत वोट बैंक में भी सेंध लगा सकती है। फिलहाल अब सबकी नजरें सपा और भाजपा उम्मीदवारों की घोषणा पर टिकी है।
दूसरी ओर छिद्दा के सहारे बसपा सपा के परंपरागत वोट बैंक में भी सेंध लगा सकती है। फिलहाल अब सबकी नजरें सपा और भाजपा उम्मीदवारों की घोषणा पर टिकी है।
दलित-मुस्लिम समीकरण से मिले थे डेढ़ लाख से अधिक वोट
वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में सपा-बसपा में गठबंधन था। संभल लोकसभा सीट सपा के खाते में थी। यहां से सपा ने डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क को उम्मीदवार बनाया था। दलित-मुस्लिम समीकरण काम आया। कुंदरकी विधानसभा सीट पर गठबंधन प्रत्याशी डॉ. बर्क को डेढ़ लाख से अधिक वोट मिले। जो उनकी जीत में निर्याणक साबित हुआ था।
वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में सपा-बसपा में गठबंधन था। संभल लोकसभा सीट सपा के खाते में थी। यहां से सपा ने डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क को उम्मीदवार बनाया था। दलित-मुस्लिम समीकरण काम आया। कुंदरकी विधानसभा सीट पर गठबंधन प्रत्याशी डॉ. बर्क को डेढ़ लाख से अधिक वोट मिले। जो उनकी जीत में निर्याणक साबित हुआ था।
बसपा की जीत में अकबर हुसैन रहे महावत
कुंदरकी सीट पर बसपा को दो बार जीत का जश्न मनाने का मौका मिला है। दोनों बसपा की जीत में अकबर हुसैन महावत बने। 2007 में बसपा उम्मीदवार अकबर हुसैन 50 हजार से अधिक मत पाकर विजयी हुए थे। वहीं 1996 अकबर हुसैन को 51 हजार से अधिक वोट मिले थे। इन दोनों चुनावों में सपा प्रत्याशी हाजी रिजवान दूसरे स्थान पर रहे।
कुंदरकी सीट पर बसपा को दो बार जीत का जश्न मनाने का मौका मिला है। दोनों बसपा की जीत में अकबर हुसैन महावत बने। 2007 में बसपा उम्मीदवार अकबर हुसैन 50 हजार से अधिक मत पाकर विजयी हुए थे। वहीं 1996 अकबर हुसैन को 51 हजार से अधिक वोट मिले थे। इन दोनों चुनावों में सपा प्रत्याशी हाजी रिजवान दूसरे स्थान पर रहे।
पांच चुनावों में कुंदरकी विधानसभा सीट पर बसपा की स्थिति
नोट : 2019 के लोकसभा चुनाव में सपा-बसपा में गठबंधन था। संभल लोकसभा सीट सपा के खाते में थी।
| वर्ष | चुनाव | बसपा प्रत्याशी | मिले वोट |
| 2024 | लोकसभा | सौलत अली | 31400 |
| 2022 | विधानसभा | हाजी रिजवान | 42742 |
| 2019 | लोकसभा | ---- | ---- |
| 2017 | विधानसभा | अकबर हुसैन | 36071 |
| 2012 | विधानसभा | मोहम्मद जुबैर | 31242 |
नोट : 2019 के लोकसभा चुनाव में सपा-बसपा में गठबंधन था। संभल लोकसभा सीट सपा के खाते में थी।