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लोकसभा उपचुनाव पर भी दिखेगा आजम की रिहाई का असर, लोगों की निगाहें उनके फैसले पर -00
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लोकसभा उपचुनाव पर भी दिखेगा आजम की रिहाई का असर
- आजम परिवार से किसी के मैदान में आने पर रोचक हो जाएगा मुकाबला
रामपुर। सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत मिलने और रामपुर से उनकी रिहाई के परवाने सीतापुर जेल भेजे जाने के बाद सपा विधायक आजम खां की जल्द रिहाई तय मानी जा रही है। उनकी रिहाई के बाद रामपुर का सियासी पारा तेजी से चढ़ेगा। इसका असर रामपुर संसदीय सीट पर प्रस्तावित उप चुनाव पर भी नजर आएगा।
आजम खां ने साल 2019 में भाजपा की प्रत्याशी जयाप्रदा को चुनाव हराकर लोकसभा तक का सफर तय किया था। सपा सांसद चुने जाने के बाद उनकी मुश्किलें बढ़ती गईं और एक के बाद एक दर्ज हुए मुकदमों के बाद उन पर गिरफ्तारी का शिकंजा कसता गया। इसके बाद 26 फरवरी 2020 को आजम खां ने अपनी पत्नी डॉ. तजीन फात्मा और बेटे अब्दुल्ला आजम के साथ कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। रामपुर जेल भेजे जाने के बाद अगली सुबह (27 फरवरी की भोर में) तीनों को सीतापुर जेल शिफ्ट कर दिया गया था।
जेल से सबसे पहले डॉ. तजीन फात्मा और फिर अब्दुल्ला आजम जमानत पर रिहा होकर बाहर आए थे लेकिन आजम खां को रिहाई नहीं मिल सकी थी। इसके चलते आजम खां ने सीतापुर जेल से रामपुर नगर विधानसभा सीट पर सपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था। भाजपा प्रत्याशी आकाश सक्सेना के मुकाबले आजम खां ने भारी मतों से जेल से ही जीत दर्ज की थी। इसके बाद उन्होंने सांसद के पद से इस्तीफा दे दिया था।
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ऐसे में रामपुर संसदीय सीट के लिए उप चुनाव तय है। इस बीच आजम खां की सीतापुर जेल से रिहाई का रास्ता बनता देख राजनीतिक हलकों में सरगर्मी बढ़ गई है। सियासी दिग्गज मानते हैं कि आजम खां की रिहाई का सीधा असर रामपुर में लोकसभा के उप चुनाव पर पड़ेगा। रामपुर लोकसभा सीट पर उप चुनाव के लिए सपा मुखिया अखिलेश यादव ने अभी योजना स्पष्ट नहीं की है। आजम खां के परिवार से भी अभी तक इसे लेकर खामोशी है लेकिन माना जा रहा है कि यदि आजम खां या उनके परिवार का कोई सदस्य उप चुनाव के मैदान में आया तो यह चुनाव ज्यादा रोचक हो जाएगा।
सपा से असंतुष्टि को लेकर भी कयासबाजी तेज
रामपुर। आजम खां की जेल से रिहाई तय मानकर उनके समर्थक और सपा कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई है। साथ ही उनकी भविष्य की रणनीति को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
पिछले दिनों आजम खां के करीबियों द्वारा आजम खां को लेकर अखिलेश यादव के प्रति नाराजगी जताने से यह कयास भी लगाए जा रहे हैं कि आजम खां जेल से बाहर आने के बाद कोई नया कदम उठा सकते हैं। कयासों में कोई आजम खां द्वारा नई पार्टी बनाने का अनुमान लगा रहा है तो कोई दलबदल की गुंजाइश देख रहा है। हालांकि फिलहाल इस मामले में कोई कोई खुलकर बोलने को तैयार नहीं है। अगर ऐसा कुछ हुआ तो इसका सीधा असर भी रामपुर संसदीय सीट के उप चुनाव पर पड़ेगा।
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- आजम परिवार से किसी के मैदान में आने पर रोचक हो जाएगा मुकाबला
रामपुर। सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत मिलने और रामपुर से उनकी रिहाई के परवाने सीतापुर जेल भेजे जाने के बाद सपा विधायक आजम खां की जल्द रिहाई तय मानी जा रही है। उनकी रिहाई के बाद रामपुर का सियासी पारा तेजी से चढ़ेगा। इसका असर रामपुर संसदीय सीट पर प्रस्तावित उप चुनाव पर भी नजर आएगा।
आजम खां ने साल 2019 में भाजपा की प्रत्याशी जयाप्रदा को चुनाव हराकर लोकसभा तक का सफर तय किया था। सपा सांसद चुने जाने के बाद उनकी मुश्किलें बढ़ती गईं और एक के बाद एक दर्ज हुए मुकदमों के बाद उन पर गिरफ्तारी का शिकंजा कसता गया। इसके बाद 26 फरवरी 2020 को आजम खां ने अपनी पत्नी डॉ. तजीन फात्मा और बेटे अब्दुल्ला आजम के साथ कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। रामपुर जेल भेजे जाने के बाद अगली सुबह (27 फरवरी की भोर में) तीनों को सीतापुर जेल शिफ्ट कर दिया गया था।
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जेल से सबसे पहले डॉ. तजीन फात्मा और फिर अब्दुल्ला आजम जमानत पर रिहा होकर बाहर आए थे लेकिन आजम खां को रिहाई नहीं मिल सकी थी। इसके चलते आजम खां ने सीतापुर जेल से रामपुर नगर विधानसभा सीट पर सपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था। भाजपा प्रत्याशी आकाश सक्सेना के मुकाबले आजम खां ने भारी मतों से जेल से ही जीत दर्ज की थी। इसके बाद उन्होंने सांसद के पद से इस्तीफा दे दिया था।
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ऐसे में रामपुर संसदीय सीट के लिए उप चुनाव तय है। इस बीच आजम खां की सीतापुर जेल से रिहाई का रास्ता बनता देख राजनीतिक हलकों में सरगर्मी बढ़ गई है। सियासी दिग्गज मानते हैं कि आजम खां की रिहाई का सीधा असर रामपुर में लोकसभा के उप चुनाव पर पड़ेगा। रामपुर लोकसभा सीट पर उप चुनाव के लिए सपा मुखिया अखिलेश यादव ने अभी योजना स्पष्ट नहीं की है। आजम खां के परिवार से भी अभी तक इसे लेकर खामोशी है लेकिन माना जा रहा है कि यदि आजम खां या उनके परिवार का कोई सदस्य उप चुनाव के मैदान में आया तो यह चुनाव ज्यादा रोचक हो जाएगा।
सपा से असंतुष्टि को लेकर भी कयासबाजी तेज
रामपुर। आजम खां की जेल से रिहाई तय मानकर उनके समर्थक और सपा कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई है। साथ ही उनकी भविष्य की रणनीति को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
पिछले दिनों आजम खां के करीबियों द्वारा आजम खां को लेकर अखिलेश यादव के प्रति नाराजगी जताने से यह कयास भी लगाए जा रहे हैं कि आजम खां जेल से बाहर आने के बाद कोई नया कदम उठा सकते हैं। कयासों में कोई आजम खां द्वारा नई पार्टी बनाने का अनुमान लगा रहा है तो कोई दलबदल की गुंजाइश देख रहा है। हालांकि फिलहाल इस मामले में कोई कोई खुलकर बोलने को तैयार नहीं है। अगर ऐसा कुछ हुआ तो इसका सीधा असर भी रामपुर संसदीय सीट के उप चुनाव पर पड़ेगा।