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खुलासा : समिति कर्मचारी ने 12 साल के बेटे को दे दी 41 टन यूरिया
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मुरादाबाद। शासन से जिन 20 किसानों को प्रथमदृष्ट्या अनियमित ढंग से उर्वरक देने की सूची भेजी गई है उसमें सबसे अधिक 41.76 टन यूरिया जिस किसान के नाम दिया जाना दर्शाया गया है वह कोई और नहीं बल्कि संबंधित साधन सहकारी समिति पर तैनात उर्वरक बिक्री प्रभारी का ही 12 वर्षीय बेटा निकला। जबकि वितरण रजिस्टर में उसे पुत्र नहीं बल्कि किसान दर्शाया गया है। पूछताछ में समिति सचिव ने उस दौरान पॉस मशीन खराब होने की बात कही है।
प्रदेश में यूरिया किल्लत को ध्यान में रखते हुए शासन से हाल ही में उर्वरक वितरण पोर्टल के माध्यम से प्रदेश भर के सभी जिलों के 20-20 ऐसे किसानों को चिह्नित कर उनकी सूची पड़ताल के लिए जिलाधिकारी को भेजी है। माना गया है कि इन किसानों को प्रथमदृष्ट्या अनियमित ढंग से यूरिया का वितरण किया गया। इस सूची में सबसे ऊपर नाम किसान सेवा साधन सहकारी समिति सनाई रोजा का है। बिलारी ब्लाक की इस समिति ने मोहल्ला हर्षनगर निवासी प्रिंस शंखधार को 41.76 टन यूरिया वितरित किया जाना दर्शाया है। पड़ताल में पता चला है कि प्रिंस शंखधार और कोई नहीं संबंधित किसान साधन सहकारी समिति पर तैनात उर्वरक प्रभारी वीरपाल का 12 वर्षीय पुत्र है। जिसे किसान दर्शाते हुए 41.76 टन यूरिया दिया गया है।
मैंने अपने स्तर से भी मामले की तहकीकात कराई है। प्रिंस शंखधार वहां तैनात उर्वरक प्रभारी का 12 वर्षीय बेटा है। पूछताछ में सचिव व प्रभारी ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान मार्च-अप्रैल में बिना पॉस मशीन के भी यूरिया वितरित करने के आदेश थे। पॉस मशीन भी खराब हो गई थी। इस पर उसने बिना पॉस मशीन के किसानों को खाद दे दी। बेची गई खाद को पॉस मशीन में दिखाना था इसलिए बिक्री प्रभारी ने अपने बेटे का आधार कार्ड लगा उसे खारिज करा लिया था। रजिस्टर पर उसके बेटे नहीं किसानों का नाम दर्ज मिले हैं। डीएम के आदेश पर पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है। जांच में जो तथ्य पाए जाएंगे उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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जितेंद्र कुमार सिंह, एआर कोऑपरेटिव
गहनता से सभी मामलाें की स्क्रूटनी हो रही है। गड़बड़ी पर निजी दुकानों के लाइसेंस होगी तो एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी। जहां सहकारी समितियों में गड़बड़ी मिलेगी वहां सचिव को चार्जशीट दी जाएगी। यूरिया वितरण में गड़बड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई तय है- राकेश कुमार सिंह, डीएम
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प्रदेश में यूरिया किल्लत को ध्यान में रखते हुए शासन से हाल ही में उर्वरक वितरण पोर्टल के माध्यम से प्रदेश भर के सभी जिलों के 20-20 ऐसे किसानों को चिह्नित कर उनकी सूची पड़ताल के लिए जिलाधिकारी को भेजी है। माना गया है कि इन किसानों को प्रथमदृष्ट्या अनियमित ढंग से यूरिया का वितरण किया गया। इस सूची में सबसे ऊपर नाम किसान सेवा साधन सहकारी समिति सनाई रोजा का है। बिलारी ब्लाक की इस समिति ने मोहल्ला हर्षनगर निवासी प्रिंस शंखधार को 41.76 टन यूरिया वितरित किया जाना दर्शाया है। पड़ताल में पता चला है कि प्रिंस शंखधार और कोई नहीं संबंधित किसान साधन सहकारी समिति पर तैनात उर्वरक प्रभारी वीरपाल का 12 वर्षीय पुत्र है। जिसे किसान दर्शाते हुए 41.76 टन यूरिया दिया गया है।
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मैंने अपने स्तर से भी मामले की तहकीकात कराई है। प्रिंस शंखधार वहां तैनात उर्वरक प्रभारी का 12 वर्षीय बेटा है। पूछताछ में सचिव व प्रभारी ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान मार्च-अप्रैल में बिना पॉस मशीन के भी यूरिया वितरित करने के आदेश थे। पॉस मशीन भी खराब हो गई थी। इस पर उसने बिना पॉस मशीन के किसानों को खाद दे दी। बेची गई खाद को पॉस मशीन में दिखाना था इसलिए बिक्री प्रभारी ने अपने बेटे का आधार कार्ड लगा उसे खारिज करा लिया था। रजिस्टर पर उसके बेटे नहीं किसानों का नाम दर्ज मिले हैं। डीएम के आदेश पर पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है। जांच में जो तथ्य पाए जाएंगे उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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गहनता से सभी मामलाें की स्क्रूटनी हो रही है। गड़बड़ी पर निजी दुकानों के लाइसेंस होगी तो एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी। जहां सहकारी समितियों में गड़बड़ी मिलेगी वहां सचिव को चार्जशीट दी जाएगी। यूरिया वितरण में गड़बड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई तय है- राकेश कुमार सिंह, डीएम