संभल हिंसा: नियम किए दरकिनार, सपा नेताओं को मिलाने के लिए जेल का बड़ा फाटक खोला, जांच के बाद तीन अफसर निलंबित
संभल हिंसा के आरोपियों से सपा नेताओं की जेल में मुलाकात के मामले में मुरादाबाद जेल अधीक्षक पीपी सिंह को निलंबित कर दिया गया है। डीजी जेल की सिफारिश पर शासन ने यह कार्रवाई की। इससे पहले जेलर और डिप्टी जेलर को भी निलंबित किया गया था। जांच में पता चला कि सपा नेताओं को मिलवाने के दाैरान नियमों का उल्लंघन किया गया।
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संभल हिंसा के आरोपियों से सपा नेताओं की जेल में मुलाकात कराने के मामले में शासन ने मुरादाबाद जेल के अधीक्षक पीपी सिंह को भी निलंबित कर दिया है। उनके खिलाफ डीजी कारागार ने शासन से अनुशासनिक कार्रवाई करने की संस्तुति की थी, जिसके बाद शासन ने उन्हें निलंबित करने का निर्णय लिया है।
संभल हिंसा के आरोपियों से दो दिसंबर को सपा विधायक नवाब जान,चौधरी समरपाल सिंह, पूर्व सांसद एसटी हसन के साथ कई सपा नेताओं ने मुरादाबाद जेल में मुलाकात की थी। इसकी शिकायत होने पर शासन के निर्देश पर डीजी जेल ने डीआईजी जेल कुंतल किशोर से जांच कराई गई थी।
शासन के सख्त रुख के बाद डीजी जेल पीवी रामाशास्त्री ने चार दिसंबर को मुरादाबाद जेल के जेलर विक्रम सिंह यादव और डिप्टी जेलर प्रवीण सिंह को निलंबित कर दिया था। वहीं, लापरवाही बरतने के आरोपी जेल अधीक्षक पीपी सिंह के खिलाफ कार्रवाई की शासन से सिफारिश की थी। शुक्रवार को शासन स्तर से जेल अधीक्षक को निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया गया।
जेल का बड़ा फाटक खोल दिया था
शासन को रिपोर्ट पहुंचने पर डीआईजी जेल कुंतल किशोर जिला जेल में जांच करने के लिए आए। पूछताछ के दौरान बंदीरक्षकों और जेल कर्मियों ने जेल अधिकारियों और सपा नेताओं की मुलाकात का कच्चा चिट्ठा खोलकर रख दिया।
आरोप लगाया कि कि सपा नेताओं के आने पर जेल अधिकारियों ने जेल का बड़ा फाटक खोल दिया था। अमूमन डीआईजी या डीएम के आने पर ही बड़ा फाटक खोला जाता है। बड़ा फाटक खोलने के लिए जेल अधीक्षक का निर्देश जरूरी होता है।
जेल अधीक्षक ने अधीनस्थों से नहीं मांगा जवाब
सपा नेताओं के मुलाकात का मामला शासन तक पहुंचने के बाद जेल अधीक्षक पीपी सिंह ने जेलर और डिप्टी जेलर से लिखित जवाब नहीं मांगा। यह बात भी जेल अधीक्षक पर और भारी पड़ गई।
नियमों को किया था दरकिनार
सपा नेताओं की मुलाकात के बाद जांच करने आए डीआईजी जेल ने बंदी रक्षकों से लेकर जेल अधिकारियों का बयान लेकर जेल अधीक्षक के खिलाफ रिपोर्ट मुख्यालय को भेज दिए थे। आरोप था कि सपा नेताओं की मुलाकात कराने के लिए जेल अधिकारियों ने नियमों को तार तार कर दिया था।
सात नेताओं की 24 आरोपियों की कराई थी मुलाकात
सपा के दो विधायक सहित सात लोग संभल के 24 आरोपियों से मुलाकात करने के लिए गए थे। जेलर ने बगैर पर्ची आरोपियों से मुलाकात कराई। जेल के नियमानुसार एक साथ सभी बंदियों से मुलाकात कराना नियम के खिलाफ है। एक या दो बंदी ही एक साथ मुलाकात कर सकते हैं।