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संक्रमण से बचने के लिए आनलाइन कराएंगे तर्पण

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 01 Sep 2020 02:27 AM IST
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online tarpan in this pitra paksha
मुरादाबाद। श्राद्ध पक्ष आते ही घरों में पितरों के तर्पण की तैयारी रहती थी। पंडितों का आना, पिंडदान, ब्रह्मभोग, बलिवैश्देव भोग, पशुओं का भाग, न जाने कितनी परंपराओं का निर्वहन होता था। पवित्र नदियों के किनारे मुंडन कराकर, स्नान के बाद जनेऊ धारण कर तर्पण किया जाता था, लेकिन इस बार कोरोना ने सब कुछ बदल दिया। परंपराओं में बदलाव किया जा रहा है। शायद यही धर्म भी है, जो परिस्थिति के अनुसार अपनाया जा सके। कोरोना के संक्रमण ने तर्पण का तरीका बदल दिया है। अब तक टीवी पर विदेशों की परंपराएं देखकर अक्सर असहज अनुभव करते थे। लेकिन इस बार अपनी सभी परंपराएं भारतीयों ने भी उसी तरह निभाईं। अब इस कड़ी में श्राद्ध पक्ष का तर्पण भी ऑनलाइन देखा जाएगा।
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दो सितंबर से पितृ पक्ष शुरू हो रहे हैं। लोग अपने पूर्वजों का श्राद्ध कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। इसके साथ ही पंडितों को दान भी दिया जाता है, लेकिन इस बार कोरोना संक्रमण काल की वजह से पंडित घरों में भोजन करने के बजाय आनलाइन तर्पण करवाएंगे। पंडितों का कहना है कि सामने बैठकर तर्पण कराया जाता था। लेकिन इस बार कोरोना के खतरे को देखते हुए आनलाइन तर्पण कराया जाएगा। अभी तक विदेशों में बैठे लोग कराते थे, लेकिन इस बार स्थानीय स्तर पर भी इसकी व्यवस्था की गई है। इसके लिए कई पंडितों ने अपने स्तर से व्यवस्था की है।
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बोले पंडित - फोन पर कराएंगे संकल्प
ज्योतिषाचार्य पंडित सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि पितृपक्ष में तर्पण और पिंडदान करने से पूर्वज प्रसन्न हो जाते हैं। शास्त्रों में कहा गया है कि पितरों को तर्पण करने से पितृदोष खत्म हो जाता है। भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा से सर्वपितृ अमावस्या तक पितृपक्ष रहता है। दो सितंबर से 17 सितंबर तक श्राद्ध पक्ष रहेगा। पितर पक्ष के दौरान भोजन में से गाय, कुत्ते, कौवे, देवता और चींटी के लिए उनका भाग अलग से निकाल लेना चाहिए। इसके बाद हाथ में जल, अक्षत, चंदन, फूल और तिल लेकर संकल्प करें। कुत्ते और कौवे का भोजन उन्हें ही कराएं। देवता और चीटीं का भोजन गाय को खिला देना चाहिए। ब्राह्मणों को दान देकर उनका आशीर्वाद ग्रहण करें। संक्रमण को देखते हुए तर्पण ऑनलाइन कराएंगे।
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राधा-कृष्ण मंदिर सिविल लाइंस के महंत पंडित अंबरीश पांडेय ने बताया कि अब यजमान के घर नहीं जाएंगे। उन्हें बता दिया है कि फोन पर ही संकल्प कराएंगे। उन्हें तर्पण की पूरी विधि भी आनलाइन बताई जाएगी। नवग्रह की पूरी जानकारी दे दी है। आनलाइन मंत्रोच्चार करेंगे, ताकि पितरों का तर्पण भी हो जाए और कोरोना काल में यजमान की सुरक्षा भी बने रहे।
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