{"_id":"610d935a8ebc3ec3893a8c29","slug":"officers-did-not-appear-before-cwc-notice-to-the-organization-city-news-mbd3984038170","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीडब्ल्यूसी के सामने नहीं पेश हुए पदाधिकारी, संस्था को नोटिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीडब्ल्यूसी के सामने नहीं पेश हुए पदाधिकारी, संस्था को नोटिस
विज्ञापन
मुरादाबाद। खुला बाल आश्रय गृह से फरार हुई किशोरी का तीन दिन बाद भी जिम्मेदार पता नहीं लगा पाए हैं। वहीं बुलाने के बाद भी शोभना ग्रोमोद्योग सेवा समिति संस्था के पदाधिकारी शुक्रवार को सीडब्ल्यूसी (बाल कल्याण समिति) के सामने पेश नहीं हुए। सीडब्ल्यूसी की ओर से उन्हें नोटिस जारी कर 24 घंटे के भीतर जवाब मांगा गया है।
खुला बाल आश्रय गृह से बुधवार को एक तेरह वर्षीय किशोरी दीवार फांदकर फरार हो गई थी। गुरुवार को जब बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष व सदस्यों ने निरीक्षण किया तो संस्था की लापरवाही उजागर हुई थी। सदस्यों का कहना था कि बालिका की जिम्मेदारी रेलवे चाइल्ड लाइन को दी गई थी, लेकिन उन्होंने आपस में मिलीभगत से बालिका को खुला बाल आश्रय गृह में रखा। वहां की व्यवस्थाओं और संस्था के पदाधिकारी व कर्मचारियों के जवाबों पर नाराजगी व्यक्त की थी। इस मामले में शुक्रवार को संस्था के पदाधिकारियों को सीडब्ल्यूसी के समक्ष प्रस्तुत होने के निर्देश दिए थे। संस्था से लिखित रूप से अपना पक्ष रखने को कहा गया था। लेकिन संस्था के पदाधिकारी सीडब्ल्यूसी के सामने पेश नहीं हुए। जिस पर सीडब्ल्यूसी ने संस्था को नोटिस जारी किया है। वहीं जिला प्रोबेशन अधिकारी प्रिया पटेल ने बताया कि मामले की जांच चल रही है। जांच पूरी होने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
- संस्था के पदाधिकारियों को अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया था। शुक्रवार शाम साढ़े पांच तक उनका इंतजार किया गया, लेकिन कोई नहीं आया। संस्था को नोटिस जारी किया गया है। चौबीस घंटे के भीतर नोटिस का जवाब मांगा गया है।
विज्ञापन
- अमित कौशल, अध्यक्ष, बाल कल्याण समिति
विज्ञापन
खुला बाल आश्रय गृह से बुधवार को एक तेरह वर्षीय किशोरी दीवार फांदकर फरार हो गई थी। गुरुवार को जब बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष व सदस्यों ने निरीक्षण किया तो संस्था की लापरवाही उजागर हुई थी। सदस्यों का कहना था कि बालिका की जिम्मेदारी रेलवे चाइल्ड लाइन को दी गई थी, लेकिन उन्होंने आपस में मिलीभगत से बालिका को खुला बाल आश्रय गृह में रखा। वहां की व्यवस्थाओं और संस्था के पदाधिकारी व कर्मचारियों के जवाबों पर नाराजगी व्यक्त की थी। इस मामले में शुक्रवार को संस्था के पदाधिकारियों को सीडब्ल्यूसी के समक्ष प्रस्तुत होने के निर्देश दिए थे। संस्था से लिखित रूप से अपना पक्ष रखने को कहा गया था। लेकिन संस्था के पदाधिकारी सीडब्ल्यूसी के सामने पेश नहीं हुए। जिस पर सीडब्ल्यूसी ने संस्था को नोटिस जारी किया है। वहीं जिला प्रोबेशन अधिकारी प्रिया पटेल ने बताया कि मामले की जांच चल रही है। जांच पूरी होने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
- संस्था के पदाधिकारियों को अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया था। शुक्रवार शाम साढ़े पांच तक उनका इंतजार किया गया, लेकिन कोई नहीं आया। संस्था को नोटिस जारी किया गया है। चौबीस घंटे के भीतर नोटिस का जवाब मांगा गया है।
विज्ञापन
- अमित कौशल, अध्यक्ष, बाल कल्याण समिति