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Moradabad: शिक्षक बनाने का झांसा... एक हजार युवाओं से 50 लाख ठगे, कार्यालय में ताला लगाकर फरार हुए आरोपी
Fri, 26 Jul 2024 12:40 PM IST
विमल शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
Published by: विमल शर्मा
Updated Fri, 26 Jul 2024 12:40 PM IST
सार
मुरादाबाद में शिक्षक बनाने के नाम पर एक हजार से अधिक युवकों से 50 लाख से अधिक की रकम ठग ली गई है। पीड़ितों ने इसकी शिकायत पुलिस से की है। इसके बाद आरोपी कार्यालय बंद कर फरार हो गए। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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सोलर प्लांट का झांसा देकर लाखों की ठगी।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
छह लोगों ने केंद्र सरकार की योजना के तहत गृह शिक्षक बनवाने का झांसा देकर एक हजार से अधिक युवकों से 50 लाख रुपये ठग लिए। पीड़ितों की शिकायत पर मूंढापांडे थाने में आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
कटघर थाना क्षेत्र के भैंसिया निवासी प्रदीप श्रीवास्तव, साधना पत्नी सचिन भटनागर ने पुलिस को बताया कि छह माह पहले आदित्य यादव, विजय कुमार, अजय कुमार, संतोष राजपूत, रिजवान और राजवीर उनसे मिले थे। सभी ने खुद को मुनि वेलफेयर सर्विसेस (आरएफएस ग्रुप इंडिया) का सदस्य बताया था।
आरोपियों ने कहा कि हमारी संस्था का कार्यालय दलपतपुर में है। हमारी संस्था गांव-गांव में गृह शिक्षक बना रही है। आरोपियों ने उन्हें अपनी संस्था से जोड़ लिया और गृह शिक्षकों का पंजीकरण कराने की जिम्मेदारी दे दी। उन्हें रजिस्ट्रेशन फार्म भी उपलब्ध करा दिए थे।
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गृह शिक्षक के लिए आवेदन करने वाले युवक और युवतियों से रकम जमा कराई। किसी से चार हजार, किसी से पांच हजार और किसी से छह हजार रुपये जमा कराए। प्रदीप का कहना है कि आरोपियों के झांसे में आकर उसने और अन्य लोगों ने छह माह तक संस्था के लिए काम किया।
गृह शिक्षक की वेबसाइट पर पंजीकरण कराके एक हजार से अधिक लोगों से 50 लाख रुपये तक जमा करा दिए। आरोप है कि रकम जमा कराने के बाद आरोपी कार्यालय में ताला लगाकर भाग गए। प्रदीप और साधना ने बताया कि उन्होंने नौ लाख रुपये लोन लेकर संस्था में शिक्षक की आईडी बनाने के लिए दिए थे।
एसपी सिटी अखिलेश भदौरिया ने बताया कि तहरीर के आधार पर आरोपी आदित्य यादव, विजय कुमार, अजय कुमार, संतोष राजपूत, रिजवान और राजवीर और कार्यालय खोलने के लिए दुकान किराये पर देने वाले मालिक के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
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कटघर थाना क्षेत्र के भैंसिया निवासी प्रदीप श्रीवास्तव, साधना पत्नी सचिन भटनागर ने पुलिस को बताया कि छह माह पहले आदित्य यादव, विजय कुमार, अजय कुमार, संतोष राजपूत, रिजवान और राजवीर उनसे मिले थे। सभी ने खुद को मुनि वेलफेयर सर्विसेस (आरएफएस ग्रुप इंडिया) का सदस्य बताया था।
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आरोपियों ने कहा कि हमारी संस्था का कार्यालय दलपतपुर में है। हमारी संस्था गांव-गांव में गृह शिक्षक बना रही है। आरोपियों ने उन्हें अपनी संस्था से जोड़ लिया और गृह शिक्षकों का पंजीकरण कराने की जिम्मेदारी दे दी। उन्हें रजिस्ट्रेशन फार्म भी उपलब्ध करा दिए थे।
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गृह शिक्षक के लिए आवेदन करने वाले युवक और युवतियों से रकम जमा कराई। किसी से चार हजार, किसी से पांच हजार और किसी से छह हजार रुपये जमा कराए। प्रदीप का कहना है कि आरोपियों के झांसे में आकर उसने और अन्य लोगों ने छह माह तक संस्था के लिए काम किया।
गृह शिक्षक की वेबसाइट पर पंजीकरण कराके एक हजार से अधिक लोगों से 50 लाख रुपये तक जमा करा दिए। आरोप है कि रकम जमा कराने के बाद आरोपी कार्यालय में ताला लगाकर भाग गए। प्रदीप और साधना ने बताया कि उन्होंने नौ लाख रुपये लोन लेकर संस्था में शिक्षक की आईडी बनाने के लिए दिए थे।
एसपी सिटी अखिलेश भदौरिया ने बताया कि तहरीर के आधार पर आरोपी आदित्य यादव, विजय कुमार, अजय कुमार, संतोष राजपूत, रिजवान और राजवीर और कार्यालय खोलने के लिए दुकान किराये पर देने वाले मालिक के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।