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Moradabad: गौतम बुद्ध पार्क के विवाद ने लिया सियासी रंग, सपा- बसपा-शिवसेना का समर्थन, भाजपा विधायक भी पहुंचे

Wed, 10 Sep 2025 08:17 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद Published by: विमल शर्मा Updated Wed, 10 Sep 2025 08:17 PM IST
सार

कांशीराम नगर स्थित गौतम बुद्ध पार्क में सीनियर केयर सेंटर निर्माण के खिलाफ आंदोलन जारी है। कई सामाजिक संगठनों और सपा-बसपा सहित राजनीतिक दलों ने आंदोलन को समर्थन दिया। वार्ता विफल रहने के बाद नगर निगम ने निर्णय वापस ले लिया और सेंटर अब दूसरी जगह बनेगा।

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Moradabad: Controversy over Gautam Buddha Park takes political turn, SP-BSP-Shiv Sena support
पार्क में सीनियर सिटीजन केयर सेंटर बनाने के विरोध - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कांशीराम नगर स्थित गौतम बुद्ध पार्क में नगर निगम की ओर से बनाए जा रहे सीनियर केयर सेंटर को लेकर तीसरे दिन भी धरना-प्रदर्शन जारी रहा। आंदोलन पर बैठे संगठनों को एक ओर दूसरे संगठनों का साथ मिला तो दूसरी ओर राजनीतिक दलों ने भी हस्तक्षेप करते हुए आंदोलन को अपना समर्थन दिया।

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धरने पर बैठे संगठन के लोगों से अधिकारियों ने कई बार वार्ता भी की लेकिन उन्होंने सभी प्रस्तावों को ठुकरा दिया। वहीं देररात महापौर के निर्देश पर नगर निगम ने अपना निर्णय वापस ले लिया। अब सीनियर सिटीजन केयर सेंटर का निर्माण दूसरी जगह पर कराया जाएगा।
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मंगलवार को सीनियर केयर सेंटर के विरोध का तीसरा दिन था। सुबह से ही धरना स्थल पर विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता जुटने लगे। इस बीच नगर निगम की ओर से अपर नगर आयुक्त अतुल कुमार अन्य अधिकारियों के साथ लोगों से बातचीत करने पहुंचे लेकिन करीब एक घंटे चली वार्ता बेनतीजा रही।
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अधिकारियों ने नगर आयुक्त की ओर से रखे गए प्रस्तावों को दोहराया मगर आंदोलन कर रहे लोगों ने सभी प्रस्तावों को सिरे से खारिज कर दिया। धरना स्थल पर अंबेडकर युवक संघ, बौद्ध जन कल्याण समिति, जाति मुक्त भारत संगठन, संत रविदास जन्मोत्सव समिति और बहुजन क्रांति मोर्चा सहित कई संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

नेताओं ने एक स्वर में कहा कि किसी भी हालत में बुद्ध पार्क के अंदर सीनियर केयर सेंटर का निर्माण नहीं होने दिया जाएगा। इस बीच सपा, बसपा समेत अन्य राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भी स्थन पर पहुंचकर इस धरने को अपना समर्थन दिया और संगठन के साथ खड़े रहने का आश्वासन दिया।

निगम ने जारी किया आदेश, तलाशी जाएगी नई जगह 
गौतम बुद्ध पार्क में अब सीनियर केयर सेंटर के निर्माण को नगर निगम ने रोक दिया है। अपर नगर आयुक्त ने आदेश जारी कर बताया है कि किसी नई जगह को तलाश कर वहां पर इस सीनियर केयर सेंटर का निर्माण कराया जाएगा। वहीं इस आदेश में यह भी कहा गया है कि गौतम बुद्ध पार्क में कुछ लोगों ने अनाधिकृत कब्जा कर रखा है।

सीनियर केयर सेंटर का निर्माण पिछले दो महीने से हो रहा है लेकिन अब तक किसी को भी इसपर आपत्ति नहीं थी। पिछले दो-तीन दिनों से धरना प्रदर्शन कर इस सरकारी काम में बाधा पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। जारी आदेश में कहा गया है कि प्रदर्शन करने वालों का कहना है कि उनकी अनुमति के बिना पार्क में कोई भी निर्माण कार्य नहीं हो सकता है।

इन्हें समझाने का प्रयास भी किया गया लेकिन यह लगातार निर्माण कार्य में बाधा पहुंचा रहे हैं। इसी विरोध के चलते यहां निर्माण नहीं हो पा रहा है। महापौर और नगर आयुक्त के निर्देश पर इस कार्य को रोक दिया गया है और सीनियर सिटिजन केयर सेंटर को हस्तांतरित करने का निर्णय लिया गया है।

साथ ही यह भी निर्णय लिया गया है कि जब तक गौतम बुद्ध पार्क में इन संगठनों का अवैध रूप से कब्जा बना रहेगा तब तक पार्क में किसी भी तरह का कार्य नहीं कराया जाएगा।

निगम के कर्मचारी को खदेड़ा 
धरना स्थल पर बैठे लोगों को दोपहर में सूचना मिली की पार्क में पीछे के रास्ते से कुछ कर्मचारी आए हैं जो निर्माण कार्य शुरू कर रहे हैं। सूचना मिलते ही मौके पर मौजूद लोगों ने कर्मचारी से सवाल पूछने शुरू कर दिए। कर्मचारी ने नाप-जोख करने की बात कही लेकिन धरने पर मौजूद लोगों ने उन्हें वहां से बाहर कर दिया। इस बीच धरना स्थल की बिजली भी काट दी गई। संगठन के नेताओं ने इसपर भी अपना गुस्सा जाहिर किया। 

नगर विधायक और पूर्व सांसद वीर सिंह भी पहुंचे 
धरना स्थल पर नगर विधायक रितेश गुप्ता और पूर्व सांसद वीर सिंह भी पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से अलग से बातचीत की। इस दौरान भी प्रदर्शन करने वाले लोग अपनी मांगों पर अड़े रहे।  नगर विधायक और पूर्व सांसद ने उन्हें आश्वासित किया कि कमिश्नर व नगर आयुक्त से वार्ता के बाद काम को रुकवा दिया गया है। वह बातचीत कर इस मामले का समाधान कराएंगे। हालांकि देर रात निगम ने निर्माण कार्य को रोकने का आदेश जारी कर दिया।

 अगर नगर निगम ने जगह बदलने का फैसला लिया है तो उसका स्वागत है। यह योजना अच्छी है लेकिन अधिकारियों ने मनमर्जी की। स्थानीय लोगों को विश्वास में लिए बिना कार्य शुरू करा दिया जिससे सभी में रोष है। आदेश मिलते ही धरना खत्म कर दिया जाएगा। -  महावीर प्रसाद मौर्य, राष्ट्रीय अध्यक्ष, अंबेडकर युवक संघ 

हमें अब तक कोई भी आदेश नहीं प्राप्त हुआ है। निगम के अधिकारी इससे पहले भी अपनी बात से पलट चुके हैं। जब तक लिखित आदेश उन्हें प्राप्त नहीं हो जाएगा आंदोलन जारी रहेगा। हम पार्क पर किसी भी तरह का अवैध निर्माण नहीं होने देंगे। - चंदन सिंह रैदास, मुख्य संयोजक, बहुजन समन्वय समिति
 

- कई संगठन इस निर्माण का विरोध कर रहे थे। जनता की सुविधाओं का ध्यान रखते हुए फैसला लिया गया है कि इस सेंटर का निर्माण किसी दूसरी स्थान पर कराया जाएगा। - विनोद अग्रवाल, महापौर

निर्माण नहीं रुकने पर दी थी मंडल में प्रदर्शन की चेतावनी  
धरना स्थल पर बैठे संगठनों को मंगलवार को सपा, बसपा, शिवसेना, आजाद समाज पार्टी और वामदल का समर्थन भी मिला। बसपा जिलाध्यक्ष निर्मल सिंह सागर ने आंदोलन को समर्थन दिया और चेतावनी देते हुए कहा कि अगर निर्माण कार्य नहीं रोका गया तो मंडल भर के बसपाई प्रदर्शन करेंगे।

दूसरी ओर सपा जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह यादव की अगुआई में सपा कार्यकर्ता भी धरना स्थल पर पहुंचे। जिलाध्यक्ष जयवीर ने पार्क में निर्माण कार्य की निंदा की और कहा कि भाजपा बहुत ही निम्न स्तरीय राजनीति पर उतर आई है। गौतम बुद्ध पार्क पर कब्जे की तैयारी है जिसे सपा किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं करेगी। प्रतिनिधि मंडल में लाखन सिंह सैनी, ब्रजलाल जाटव, वेदप्रकाश सैनी, सुरेंद्र शर्मा, प्रदीप यादव, महेंद्र पाल सिंह और आदित्य चौधरी आदि मौजूद रहे।

शिवसेना ने भी दिया समर्थन
शिवसेना ने भी इस धरने को अपना समर्थन दिया। जिला प्रमुख वीरेंद्र अरोड़ा ने संगठनों से कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो वह भी धरने पर बैठेंगे। उनके साथ कमल सिंह राव, अरुण ठाकुर, शिबू पांडे, साहिल वर्मा, जितेंद्र सिंह, आकाश सिंह, राहुल कुमार, पंकज पाल, उमेश ठाकुर, नीतीश कुमार मौजूद रहे।

वहीं भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी और दलित शोषण मुक्ति मंच ने भी इस निर्माण के विरोध में मंडलायुक्त को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि इस निर्माण से पार्क की सांस्कृतिक और सार्वजनिक पहचान को मिटाया जा रहा है। इन राजनीतिक दलों के हस्तक्षेप के बाद संगठन के आंदोलन को और मजबूती मिली जिससे निगम को अपना निर्णय बदलने के लिए मजबूर होना पड़ा।

बसपा सरकार में ही हुआ था पार्क का उद्घाटन 
गौतम बुद्ध पार्क का उद्घाटन 12 जनवरी 2009 को बसपा सरकार में ही हुआ था। तत्कालीन आवास एवं शहरी नियोजन विभाग के मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने इसक का उद्घाटन किया था। उनके साथ विशिष्ट अतिथि के रूप में तत्कालीन राज्यसभा सांसद वीर सिंह भी मौजूद थे।

संगठन के लोगों का कहना है कि मुरादाबाद विकास प्राधिकरण ने इसका निर्माण कराया था। बसपा सुप्रीमो मायावती ने क्षेत्र को कांशीराम कॉलोनी, पार्क समेत अन्य तोहफे दिए थे। अब जब पार्क में अवैध रूप से निर्माण कराकर जबरन कब्जा किया जा रहा है तो बसपा सुप्रीमो के ही हस्तक्षेप के बाद निगम प्रशासन को बैकफुट पर होना पड़ा है।

चंदन रदैस ने कहा कि यह पार्क सिर्फ सैर-सपाटे का स्थल ही नहीं है बल्कि यहां बौद्ध धर्म का विशाल धार्मिक कार्यक्रम बुद्ध पूर्णिमा के दिन होता है। इस आयोजन में देश के विभिन्न राज्यों से लोग आते हैं। पार्क में पहले ही वेस्ट म्यूजियम और स्ट्रीट वेंडिंग जोन बनाया गया है और अब इस सेंटर का भी निर्माण कराकर इसका मूल स्वरूप खत्म करने की तैयारी है।

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