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मतदान को आएंगे प्रवासी मजदूर, महामारी से बचने को रहें दूर
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मुरादाबाद। कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच गांवों में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव का शोर है। जिले में 26 अप्रैल को होने वाले मतदान के लिए प्रत्याशी प्रवासी मजदूरों को अपने खर्च पर बुलाएंगे। ये श्रमिक अपने साथ महामारी ला सकते हैं। ऐसे में महामारी से बचने के लिए दूसरे राज्यों से आने वाले श्रमिकों से दूरी बनाना होगा। फिलहाल विभाग ने अभी तक ऐसे श्रमिकों को लेकर कोई योजना तैयार नहीं की है।
पिछले साल लॉकडाउन लगने पर देश के अलग-अलग राज्यों से श्रमिक अपने घरों को लौटे थे। लॉकडाउन के दौरान पंद्रह जून तक जिले में 7829 श्रमिक आए थे। संक्रमण का फैलाव रोकने के लिए इन श्रमिकों को 14 और 28 दिनों तक क्वारंटीन सेंटरों में रखा गया था। जांच में करीब सत्तर श्रमिक संक्रमित मिले थे। पंचायत चुनाव में 26 अप्रैल को जिले में वोट डाले जाएंगे। इस मतदान में श्रमिक भी हिस्सा लेंगे। मतदान के लिए प्रत्याशी अपने खर्चे पर इन श्रमिकों को गांव बुलाएंगे। ये प्रवासी मजदूर दिल्ली, महाराष्ट्र, पंजाब, गुजरात समेत अन्य राज्यों से आएंगे। जहां इन दिनों संक्रमण का फैलाव अधिक है। ऐसे हालात में ये श्रमिक कोरोना के कैरियर भी बन सकते हैं। वहीं इस बार इन श्रमिकों को क्वारंटीन सेंटरों में रखने की अभी तक कोई योजना नहीं है। ऐसे में महामारी से बचने के लिए लोगों को अधिक एहतियात बरतनी होगी। बेहतर होगा कि दूसरे राज्यों से आने वालों से सामाजिक दूरी बनाएं। मास्क और सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें। वरना आप पंचायत चुनाव के शोर में संक्रमण की जद में आ सकते हैं।
डाक्टरों की सलाह
- सामाजिक दूरी बनाएं
- किसी के पास दस मिनट से अधिक समय तक न बैठें
- भीड़-भाड़ वाले इलाके में न जाएं
- स्मोकिंग और ड्रिंक न करें
- हाथों को सैनिटाइज करते रहें
- मास्क का इस्तेमाल करें
- संतुलित आहार लें
- योग और व्यायाम करें
किस ब्लाक में कितने श्रमिक आए थे दूसरे राज्यों से
ब्लाक---प्रवासी श्रमिकों की संख्या
भोजपुर------686
बिलारी------1355
डिलारी------1037
कांठ--------1027
कुंदरकी------1032
अरबन मुरादाबाद-570
मूंढापांडे------635
ताजपुर-------588
ठाकुरद्वारा-----899
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पिछले साल लॉकडाउन लगने पर देश के अलग-अलग राज्यों से श्रमिक अपने घरों को लौटे थे। लॉकडाउन के दौरान पंद्रह जून तक जिले में 7829 श्रमिक आए थे। संक्रमण का फैलाव रोकने के लिए इन श्रमिकों को 14 और 28 दिनों तक क्वारंटीन सेंटरों में रखा गया था। जांच में करीब सत्तर श्रमिक संक्रमित मिले थे। पंचायत चुनाव में 26 अप्रैल को जिले में वोट डाले जाएंगे। इस मतदान में श्रमिक भी हिस्सा लेंगे। मतदान के लिए प्रत्याशी अपने खर्चे पर इन श्रमिकों को गांव बुलाएंगे। ये प्रवासी मजदूर दिल्ली, महाराष्ट्र, पंजाब, गुजरात समेत अन्य राज्यों से आएंगे। जहां इन दिनों संक्रमण का फैलाव अधिक है। ऐसे हालात में ये श्रमिक कोरोना के कैरियर भी बन सकते हैं। वहीं इस बार इन श्रमिकों को क्वारंटीन सेंटरों में रखने की अभी तक कोई योजना नहीं है। ऐसे में महामारी से बचने के लिए लोगों को अधिक एहतियात बरतनी होगी। बेहतर होगा कि दूसरे राज्यों से आने वालों से सामाजिक दूरी बनाएं। मास्क और सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें। वरना आप पंचायत चुनाव के शोर में संक्रमण की जद में आ सकते हैं।
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डाक्टरों की सलाह
- सामाजिक दूरी बनाएं
- किसी के पास दस मिनट से अधिक समय तक न बैठें
- भीड़-भाड़ वाले इलाके में न जाएं
- स्मोकिंग और ड्रिंक न करें
- हाथों को सैनिटाइज करते रहें
- मास्क का इस्तेमाल करें
- संतुलित आहार लें
- योग और व्यायाम करें
किस ब्लाक में कितने श्रमिक आए थे दूसरे राज्यों से
ब्लाक---प्रवासी श्रमिकों की संख्या
भोजपुर------686
बिलारी------1355
डिलारी------1037
कांठ--------1027
कुंदरकी------1032
अरबन मुरादाबाद-570
मूंढापांडे------635
ताजपुर-------588
ठाकुरद्वारा-----899