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आधी रात के बाद शिवालयों में शुरू हुआ जलाभिषेक
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मुरादाबाद। महाशिवरात्रि पर आधी रात के बाद से ही शिवालयों में जलाभिषेक शुरू हो गया। हर-हर महादेव के उद्घोष से शिवालय गूंज उठे। शहर के प्रमुख मंदिर चौरासी घंटा मंदिर में महाशिवरात्रि पर सबसे अधिक कांवड़ियों के पहुंचने का अनुमान है। मंदिर के महंत के मुताबिक सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर ली गई हैं। मंगलवार दोपहर बाद तक भगवान शिव का जलाभिषेक किया जाएगा।
मंदिरों और घरों में मंगलवार को महाशिवरात्रि हर्षोल्लास के साथ मनाई जाएगी। इसके लिए सोमवार को सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। शाम तक मंदिरों में साज-सज्जा का काम पूरा हो गया। रात में मंदिर भव्य लाइटों से जगमगा उठे। आधी रात के बाद से शिवालयों में रुद्राभिषेक का दौर शुरू हो गया। तड़के तीन बजे से कांवड़ियों ने भगवान शिव का जलाभिषेक शुरू कर दिया। इसके साथ ही शिवालय बम-बम भोले के जयकारों से गूंजने लगे। हरिद्वार और ब्रजघाट से श्रद्धालु कांवड़ लेकर शिवालयों में पहुंचे। हरिद्वार से आने वाले श्रद्धालु रात 12 बजे तक मंदिरों में पहुंच गए।
शहर के प्रमुख मंदिर 84 घंटा मंदिर की सजावट को भव्य रूप दिया गया है। सोमवार दिनभर कारीगर सजावट में जुटे रहे। मुख्य पुजारी पंडित विष्णुदत्त शर्मा का कहना है कि मंदिर की सजावट के लिए दिल्ली से पांच क्विंटल फूल मंगवाए गए हैं। गेंदा और गुलाब के फूलों से मंदिर को सजाया गया है। उन्होंने मूर्तियों की साफ-सफाई के बाद भगवान भोलेनाथ का फूलों से ही शृंगार किया। उन्होंने बताया कि पिछले वर्षों की तुलना में इस वर्ष कांवड़ लाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या कम है। इस बार डाक कांवड़ सबसे अधिक आई हैं। मंगलवार शाम को हवन करने के बाद प्रसाद वितरित किया जाएगा।
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मंदिरों और घरों में मंगलवार को महाशिवरात्रि हर्षोल्लास के साथ मनाई जाएगी। इसके लिए सोमवार को सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। शाम तक मंदिरों में साज-सज्जा का काम पूरा हो गया। रात में मंदिर भव्य लाइटों से जगमगा उठे। आधी रात के बाद से शिवालयों में रुद्राभिषेक का दौर शुरू हो गया। तड़के तीन बजे से कांवड़ियों ने भगवान शिव का जलाभिषेक शुरू कर दिया। इसके साथ ही शिवालय बम-बम भोले के जयकारों से गूंजने लगे। हरिद्वार और ब्रजघाट से श्रद्धालु कांवड़ लेकर शिवालयों में पहुंचे। हरिद्वार से आने वाले श्रद्धालु रात 12 बजे तक मंदिरों में पहुंच गए।
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शहर के प्रमुख मंदिर 84 घंटा मंदिर की सजावट को भव्य रूप दिया गया है। सोमवार दिनभर कारीगर सजावट में जुटे रहे। मुख्य पुजारी पंडित विष्णुदत्त शर्मा का कहना है कि मंदिर की सजावट के लिए दिल्ली से पांच क्विंटल फूल मंगवाए गए हैं। गेंदा और गुलाब के फूलों से मंदिर को सजाया गया है। उन्होंने मूर्तियों की साफ-सफाई के बाद भगवान भोलेनाथ का फूलों से ही शृंगार किया। उन्होंने बताया कि पिछले वर्षों की तुलना में इस वर्ष कांवड़ लाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या कम है। इस बार डाक कांवड़ सबसे अधिक आई हैं। मंगलवार शाम को हवन करने के बाद प्रसाद वितरित किया जाएगा।
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