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तीसरे नवरात्रे पर विधिवत हुई देवी चंद्रघंटा की पूजा अर्चना
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ठाकुरद्वारा।नगर के माता मंदिर में मां का कीर्तन करतीं महिलांए
- फोटो : THAKURDWARA
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चैत्र नवरात्र तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की विधिविधान से पूजा अर्चना की गई। महिलाओं ने ढोलक-मंजीरों के साथ भजन-कीर्तन कर देवी की आराधना की। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने फल वितरण भी किए।
कांठ और छजलैट क्षेत्र में शनिवार को माता देवी चंद्रघंटा की पूजा अर्चना के साथ उपवास रखकर सृष्टि के शुभ की कामना की गई। कांठ नगर के प्राचीन माता महाकाली मंदिर माता के थान, श्री रामज्योति मंदिर, महर्षि बाल्मीकि मंदिर, घोसीपुरा स्थित शिव मंदिर, बमबटक मंदिर, विशनपुरा शिव मंदिर, वैश्य शिव मंदिर, माहेश्वरी मंदिर, अन्नपूर्णा मंदिर आदि के साथ चामुंडा स्थलों पर महिला श्रद्धालुओं ने देवी को प्रसन्न करने के लिए ढोलक मंजीरों संग कीर्तन किया। श्रद्धालुओं ने उपवास रखते हुए फल दान किए। शाम को विधिवत पूजा अर्चना करते हुए श्रद्धालुओं ने उपवास खोले। इधर ग्रामीण क्षेत्रों में भी तीसरे नवरात्र पर श्रद्धालुओं ने देवी को प्रसन्न करने के लिए जतन किए।
बमबटक रामलीला मंदिर परिसर में स्थित मां काली मंदिर से श्रद्धालुओं की बड़ी आस्था जुड़ी है। यह धार्मिक स्थल परिसर सिद्ध स्थल माना जाता है। इस मंदिर पर श्रद्धालुओं द्वारा जो मांगा जाता है, उनकी मनौती भी पूरी होती है।
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कांठ के रामलीला मैदान में स्थित भगवान शिव, वीर हनुमान, शनिदेव, श्री राधा-कृष्ण आदि मंदिरों के साथ ही इसी परिसर में मां काली का भी भव्य मंदिर है। शारदीय व चैत्र नवरात्र में यहां पूजा अर्चना का क्रम जारी रहता है। कहा जाता है कि इस मंदिर पर यदि किसी ने सच्चे मन से सेवा की तो मां उसकी मुराद जरूर पूरी करती हैं। काली मंदिर के बराबर में ही चामुंडा स्थल भी है। इस धर्मस्थल परिसर में मां काली मंदिर के साथ ही रामलीला रंगमंच भी स्थित है। बुजुर्ग बताते हैं कि यहां स्थित बमबटक परिसर स्थित मां काली के स्थान में सत है। यहां लगातार पूजा करने से मनौती पूरी होती है। हर व्याधि से मुक्ति मिलती है। दोनों नवरात्रों के अवसर पर यहां महिलाओं के द्वारा भजन-कीर्तन कर देवी की आराधना की जाती है।
देवी भक्तों ने मां चंद्रघंटा की पूजा अर्चना
सोमवार को चैत्र नवरात्र के तीसरे दिन श्रद्धालुओं ने देेवी मां चंद्रघंटा की पूजा अर्चना की। कुंदरकी नगर के प्राचीन शिव मंदिर पर सोमवार सुबह से ही भक्तों का तांता लगना शुरू हो गया था। नगर में चैत्र नवरात्र के उपलक्ष्य में चामुंडा देवी स्थल पर भक्तों ने हवन किया। भक्तों ने हवनकुंड में आहुतियां देकर देवी मां से सुख शांति और समृद्धि के लिए कामना की। इसके अलावा ग्रामीण इलाके के देवी मंदिरों में भक्तों ने पूजा अर्चना की।
मां चंद्रघंटा के सजे दरबार
सोमवार को तीसरे नवरात्र पर मंदिरों में मां चंद्रघंटा की विशेष पूजा की गई। नगर के मोहल्ला अब्दुल्ला स्थित प्राचीन गंवादेवत मंदिर और क्षेत्र के सहसपुर स्थित गंवादेवत मंदिर पर भक्तों ने पूजा अर्चना की। नगर में हाईवे स्थित श्रीराम आश्रम काली मंदिर पर चल रहे नवचंडी महायज्ञ में भक्तों ने क्षेत्र की सुख समृद्घि और शांति के लिए आहुतियां दीं। यहां श्रीराम आश्रम काली मंदिर के अध्यक्ष राघवेंद्र शर्मा, राजीव शर्मा और रामबाबू शर्मा ने हवन यज्ञ संपन्न कराया। हवन यज्ञ समापन पर भक्तों ने आरती भी की।
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कांठ और छजलैट क्षेत्र में शनिवार को माता देवी चंद्रघंटा की पूजा अर्चना के साथ उपवास रखकर सृष्टि के शुभ की कामना की गई। कांठ नगर के प्राचीन माता महाकाली मंदिर माता के थान, श्री रामज्योति मंदिर, महर्षि बाल्मीकि मंदिर, घोसीपुरा स्थित शिव मंदिर, बमबटक मंदिर, विशनपुरा शिव मंदिर, वैश्य शिव मंदिर, माहेश्वरी मंदिर, अन्नपूर्णा मंदिर आदि के साथ चामुंडा स्थलों पर महिला श्रद्धालुओं ने देवी को प्रसन्न करने के लिए ढोलक मंजीरों संग कीर्तन किया। श्रद्धालुओं ने उपवास रखते हुए फल दान किए। शाम को विधिवत पूजा अर्चना करते हुए श्रद्धालुओं ने उपवास खोले। इधर ग्रामीण क्षेत्रों में भी तीसरे नवरात्र पर श्रद्धालुओं ने देवी को प्रसन्न करने के लिए जतन किए।
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बमबटक रामलीला मंदिर परिसर में स्थित मां काली मंदिर से श्रद्धालुओं की बड़ी आस्था जुड़ी है। यह धार्मिक स्थल परिसर सिद्ध स्थल माना जाता है। इस मंदिर पर श्रद्धालुओं द्वारा जो मांगा जाता है, उनकी मनौती भी पूरी होती है।
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कांठ के रामलीला मैदान में स्थित भगवान शिव, वीर हनुमान, शनिदेव, श्री राधा-कृष्ण आदि मंदिरों के साथ ही इसी परिसर में मां काली का भी भव्य मंदिर है। शारदीय व चैत्र नवरात्र में यहां पूजा अर्चना का क्रम जारी रहता है। कहा जाता है कि इस मंदिर पर यदि किसी ने सच्चे मन से सेवा की तो मां उसकी मुराद जरूर पूरी करती हैं। काली मंदिर के बराबर में ही चामुंडा स्थल भी है। इस धर्मस्थल परिसर में मां काली मंदिर के साथ ही रामलीला रंगमंच भी स्थित है। बुजुर्ग बताते हैं कि यहां स्थित बमबटक परिसर स्थित मां काली के स्थान में सत है। यहां लगातार पूजा करने से मनौती पूरी होती है। हर व्याधि से मुक्ति मिलती है। दोनों नवरात्रों के अवसर पर यहां महिलाओं के द्वारा भजन-कीर्तन कर देवी की आराधना की जाती है।
देवी भक्तों ने मां चंद्रघंटा की पूजा अर्चना
सोमवार को चैत्र नवरात्र के तीसरे दिन श्रद्धालुओं ने देेवी मां चंद्रघंटा की पूजा अर्चना की। कुंदरकी नगर के प्राचीन शिव मंदिर पर सोमवार सुबह से ही भक्तों का तांता लगना शुरू हो गया था। नगर में चैत्र नवरात्र के उपलक्ष्य में चामुंडा देवी स्थल पर भक्तों ने हवन किया। भक्तों ने हवनकुंड में आहुतियां देकर देवी मां से सुख शांति और समृद्धि के लिए कामना की। इसके अलावा ग्रामीण इलाके के देवी मंदिरों में भक्तों ने पूजा अर्चना की।
मां चंद्रघंटा के सजे दरबार
सोमवार को तीसरे नवरात्र पर मंदिरों में मां चंद्रघंटा की विशेष पूजा की गई। नगर के मोहल्ला अब्दुल्ला स्थित प्राचीन गंवादेवत मंदिर और क्षेत्र के सहसपुर स्थित गंवादेवत मंदिर पर भक्तों ने पूजा अर्चना की। नगर में हाईवे स्थित श्रीराम आश्रम काली मंदिर पर चल रहे नवचंडी महायज्ञ में भक्तों ने क्षेत्र की सुख समृद्घि और शांति के लिए आहुतियां दीं। यहां श्रीराम आश्रम काली मंदिर के अध्यक्ष राघवेंद्र शर्मा, राजीव शर्मा और रामबाबू शर्मा ने हवन यज्ञ संपन्न कराया। हवन यज्ञ समापन पर भक्तों ने आरती भी की।