UP: मुरादाबाद जिले में बेकाबू हो गए तेंदुए, हमले में किसान जख्मी...पांच घंटे बाद पिजरा लगाकर पकड़ा गया
मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा क्षेत्र में तेंदुए का आतंक बना हुआ है। बीस दिन के भीतर हुए हमले में अबतक चार लोग घायल हो चुके हैं। उधर, आलमगीरपुर गांव में किसान सुखलाल पर तेंदुए ने हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। ग्रामीणों ने लाठी-डंडों से किसान को बचाया। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने पांच घंटे के अभियान के बाद तेंदुए को पिंजरे में कैद कर लिया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जंगल में जा रहे किसान पर मंगलवार सुबह 8:00 बजे तेंदुए ने हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। किसी तरह आसपास खेतों में काम कर रहे लोगों ने किसान को तेंदुए से छुड़ाया। हमले के बाद पहुंची पर विभाग की टीम ने पांच घंटे चले अभियान के बाद तेंदुए को पिंजरे में कैद कर लिया।
गांव आलमगीरपुर निवासी सुखलाल (40) अपने खेत पर जा रहे थे। जब वे गांव के पास स्थित जपती नदी पर पहुंचे तो वहां पर एक तेंदुआ नदी में पानी पी रहा था। सुखलाल को देखकर तेंदुआ भड़क गया और उसने किसान पर हमला बोल दिया। तेंदुए ने उनकी गर्दन और बाएं हाथ में पंजे से कई प्रहार किए।
जिसमें किसान गंभीर रूप से घायल हो गया। उसकी चीख पुकार सुनकर पास में खेतों में काम कर रहे शिव कुमार सिंह, बबलू सिंह,राजू आदि डंडे लेकर पहुंचे। किसी तरह किसान को तेंदुए से छुड़ाया। शोर मचने काफी संख्या में ग्रामीण वहां पर लाठी डंडे लेकर आ गए।
घिरने पर तेंदुआ पास में स्थित एक पुलिया के नीचे जाकर छुप गया। तेंदुए ने किसान की गर्दन, सीने और हाथ पर काटा, 10 टांके लगे किसान को परिजनों ने 108 एंबुलेंस से नगर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। घायल सुख लाल के गर्दन, सीने, हाथ में गंभीर जख्म थे।
उसके 10 टांके लगे। प्राथमिक उपचार के बाद सुख लाल को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। उधर जिला पंचायत सदस्य पति रोहतास सैनी की सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने पुलिया के अंदर छिपे तेंदुए को चारों तरफ से घेर लिया।
एक स्थान पर पिंजरे को रखकर उसे पकड़ने का कार्य शुरू कर दिया। ग्रामीणों के सहयोग से पहले तेंदुए को जाल में कैद किया गया। फिर उसे कड़ी मशक्कत के बाद पिंजरे में कैद कर लिया गया। तेंदुए के पकड़े जाने पर ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
वन विभाग की टीम में वन क्षेत्र अधिकारी रवि कुमार गंगवार ,डिप्टी रेंजर एमपी सिंह, वन दरोगा पीयूष जोशी, केपी सिंह और संजय सिंह सहित कई कर्मचारी और पुलिस कर्मी शामिल थे। क्षेत्र के कई गांव में तेंदुए का आतंक : ठाकुरद्वारा क्षेत्र के कई गांव में तेंदुए का आतंक है।
इस कारण ग्रामीण अपने खेतों पर दिन में भी जाते हुए डरते हैं। करीब 20 दिन पूर्व कल्यानपुर में खेतों में काम कर रहे किसानों पर हमला कर महिला सहित चार लोगों को घायल कर दिया था। उसे समय वन विभाग ने तेंदुए को पकड़ने के लिए वहां पर पिंजरा लगाया था। लेकिन तेंदुआ ग्रामीणों को और वन विभाग को चकमा देकर वहां से चला गया था।
छजलैट के नक्संदाबाद और मुंडाला में फिर दिखा तेंदुआ
कांठ में पांच दिन पहले छजलैट के जिस नक्संदाबाद के पास मजदूर दलवीर पर हमला करने वाले तेंदुए को वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू कर पकड़ा था, उस स्थान पर मंगलवार को एक और दूसरा तेंदुआ दिखाई दिया है। जिस पर वन विभाग की टीम ने यहां तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगवाया है।
मंगलवार की सुबह गांव नक्संदाबाद के पास बाजरे के खेत में किसानों ने एक और तेंदुए को देखे जाने का दावा किया है। उन्होंने इसी सूचना छजलैट पुलिस को दी, जिस पर क्षेत्रीय वन डिप्टी रेंजर पुष्पेंद्र सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जांच पड़ताल करते हुए तेंदुए की तलाश में कॉम्बिंग की।
इस क्षेत्र में तेंदुए होने के साक्ष्य मिलने पर टीम ने तत्काल प्रभाव से यहां तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया है। वहीं दूसरी ओर छजलैट के गांव मुंडाला में भी लगातार चार दिन से तेंदुआ दिखाई दे रहा है। मंगलवार को भी ग्रामीणों ने तेंदुआ दिखाई देने की सूचना वन विभाग को दी है।
लगातार तेंदुए दिखाई देने से ग्रामीणों में खौफ व्याप्त है। डिप्टी वन रेंजर पुष्पेंद्र सिंह का कहना है कि यदि कहीं पर तेंदुआ दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल उन्हें इस नंबर 9759730666 पर दें। तेंदुए को न छेड़ें, क्योंकि दबाव में आने पर ही तेंदुए किसी व्यक्ति का हमला करता है।
पकड़े गए तेंदुए की आयु 17 महीने
वन क्षेत्राधिकारी रवि कुमार गंगवार ने बताया कि उसकी आयु करीब 17 महीने है बह नर है। तेंदुए के बारे में सूचना विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को दे दी गई है। उनके आदेश पर तेंदुए को बताए गए स्थान पर छोड़ा जाएगा।
तेंदुए के हमले में घायल किसान ने तोड़ा दम
कांठ में पांच दिन पहलेे तेंदुए के हमले से गंभीर घायल हुए छजलैट के गांव नक्संदाबाद निवासी किसान दलवीर सिंह (37) की इलाज के दौरान मौत गई। क्षेत्रीय विधायक कमाल अख्तर सहित तमाम लोगों ने दुखी परिजनों के बीच पहुंचकर उन्हें ढांढ्स बंधाया है।
वन विभाग के डिप्टी रेंजर पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि तेंदुए के हमले में जान गंवाने वाले के परिजनों को विभाग की ओर से पांच लाख और घायल को एक लाख की सहायता दी जाती है। नौ मई की सुबह दलवीर सिंह खेत में मजदूरी करते हुए ईंख की खुदाई कर रहा था।
तभी बराबर में सुरेश सिंह के बाजरे के खेत से निकले तेंदुए ने उस पर हमला कर गर्दन पकड़ ली थी, जिससे दलवीर गंभीर घायल हो गया था। उसे इलाज के लिए मुरादाबाद के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, वहीं वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू कर हमला करने वाले तेंदुए को भी पकड़ लिया था।
इधर दलवीर का इलाज चल रहा था कि सोमवार की देर रात उसने अस्पताल में दम तोड़ दिया। पुलिस ने रात में ही शव पोस्टमार्टम को भेजा था। मंगलवार की दोपहर पोस्टमार्टम के बाद जब शव घर पहुंचा तो कोहराम मच गया। कांठ के सपा विधायक कमाल अख्तर, पीस पार्टी जिलाध्यक्ष नादिर अली मंसूरी सहित तमाम लोग पहुंच गए। वन विभाग की अधिकारी भी पीड़ित परिवार के बीच पहुंचे।
तेंदुए के हमले से मृत किसान के परिजनों को मिलेंगे पांच लाख
गांव नक्संदाबाद में तेंदुए के हमले से दम तोड़ने वाले दलवीर सिंह के परिजनों को प्रशासन पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करेगा। डीएम के निर्देश पर इसकी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। शुक्रवार को तेंदुए ने गांव निवासी सुरेश सिंह के बाजरे के खेत से निकल कर किसान दलवीर सिंह को घायल कर दिया था।
आसपास के अन्य किसानों के शोर मचाने पर तेंदुआ दलवीर सिंह को छोड़ वापस खेत में जाकर छिप गया था। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने पिंजरा लगाकर तेंदुए को पकड़ने के बाद उसे सीमावर्ती जिले के जंगल के पास छोड़ चुकी है।
परिजनों ने घायल दलवीर सिंह को उपचार के लिए कांठ रोड स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां उपचार के दौरान सोमवार को उसकी मौत हो गई। प्रभागीय वनाधिकारी सूरज ने बताया कि दलवीर सिंह पर तेंदुए ने पीछे से हमला किया था।
जिससे उसके सिर के पीछे गर्दन में गहरा घाव हो गया था। मस्तिष्क में खून सप्लाई करने वाली नस भी डैमेज हो गई थी। चिकित्सकों ने ऑपरेशन कर उसे ठीक करने का प्रयास भी किया, लेकिन वह दलवीर सिंह को बचा नहीं सके। उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी अनुज सिंह के निर्देश पर पीड़ित के परिवार को मुआवजे के रूप में पांच लाख रुपये देने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
डीएफओ ने बताया कि इसमें चार लाख रुपये दैवीय आपदा कोष से डीएम द्वारा दिया जाएगा, जबकि एक लाख रुपये वन विभाग की ओर से पीड़ित परिवार को दिए जाएंगे। इस संबंध में मृतक परिजनों से आवश्यक दस्तावेज प्राप्त कर भेजने के निर्देश डीएम की ओर से तहसील प्रशासन को दिए गए हैं।
इसके अलावा वन विभाग से घायलों को भी उपचार के लिए सहायता राशि देने के लिए सूची तैयार करवाई जा रही है।
कांठ के कुम्हरिया जुबला गांव में मिले तेंदुए के दो शावक, दहशत
कांठ के गांव कुम्हरिया जुबला के जंगल में मंगलवार को खेतों में काम कर रहे किसानों को तेंदुए के दो शावक मिले हैं। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने जांच पड़ताल कर ग्रामीणों व किसानों को सावधान किया है। गांव कुम्हरिया जुबला के रहने वाले हरिओम सिंह के खेत में तेंदुए के दो शावकों को देखकर किसानों को होश उड़ गए।
उन्होंने आसपास तेंदुए के भी होने की आशंका व्यक्त की। साथ ही इसकी सूचना वन विभाग को दी, तो टीम ने मौके पर पहुंचकर दोनों शावकों को देखकर इन्हें तेंदुए के ही होने की पुष्टि की। टीम द्वारा तेंदुए की तलाश में भी कॉम्बिंग की गई लेकिन उसका कोई पता नहीं लग पाया।
डिप्टी वन रेंजर पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि खेत में मिले दोनों शावकों को फिलहाल मौके पर ही रखवा दिया गया है, यदि शावकों को वहां से हटाया जाता है तो तेंदुआ उन्हें यहां न देखकर हिंसक हो सकता है। इसलिए दोनों शावकों यहीं पर छोड़ा गया है। इधर तेंदुए के शावक मिलने से कुम्हरिया जुबला, जहांगीरपुर चकफेरी सहित कई गांवों में तेंदुए का खौफ व्याप्त हो गया है। ग्रामीणों ने तेंदुए को पकड़वाने की मांग की है।
नक्संदाबाद में तेंदुए के हमले से घायल मजदूर की मौत की सूचना मिली है। जानवर के द्वारा किसी पर हमला करना राजकीय आपदा की श्रेणी में आता है। इसमें पीड़ित परिवार को आपदा राहत कोष से चार लाख रुपये की सहायता दिलाने का प्रावधान है। -संत दास पंवार, एसडीएम, कांठ
तेंदुए के हमले से घायल दलवीर की मौत होना दुखद घटना है। नियम है कि यदि तेंदुए के हमले से किसी की मौत होती है तो उसके परिजनों को विभाग से पांच लाख और घायल को एक लाख की सहायता दी जाती है। -पुष्पेंद्र सिंह, डिप्टी रेंजर वन विभाग
तेंदुए के हमलों में दो लोगों की हो चुकी है मौत और कई घायल
ठाकुरद्वारा क्षेत्र में 15 वर्ष से तेंदुओं का आतंक है। वन क्षेत्र अधिकारी का कहना है कि क्षेत्र में कई तेंदुए मौजूद हैं। तेंदुआ अब तक करीब 30 लोगों को हमला कर घायल कर चुका है। 22 अप्रैल को गांव कल्यानपुर में खेतों में काम कर रहे किसानों को हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था।
मार्च में गांव मासूमपुर में बाइक पर जा रहे दो युवकों को हमला कर घायल कर दिया था। गांव राईभूड़ दरियापुर मार्ग पर भी तेंदुआ हमला कर राहगीरों को घायल कर चुका है। वहां से एक तेंदुआ पकड़ा भी गया था। करीब आठ वर्ष पूर्व गांव बहादुर नगर निवासी सुहेल की तेंदुए के हमले में मौत हो गई थी।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.