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Moradabad News: बछड़े का शिकार करने वाला तेंदुआ पिंजरे में कैद, अब तक 27 पकड़े गए
Sat, 17 Oct 2026 03:00 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
Updated Sat, 17 Oct 2026 03:00 AM IST
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ठाकुरद्वारा। तेंदुओं की दहशत के बीच आलमगीरपुर में एक और तेंदुआ पिंजरे में कैद हो गया। इसके साथ ही जिले में पकड़े गए तेंदुओं की संख्या 27 पहुंच गई है। गांव में बृहस्पतिवार शाम करीब छह बजे जिला पंचायत सदस्य के पति रोहताश सिंह सैनी के घर के पास वन विभाग की ओर से लगाए गए पिंजरे में तेंदुआ फंस गया। दावा किया जा रहा है कि करीब 24 घंटे पहले उसने जंगल में एक बछड़े का शिकार किया था।
गांव निवासी मोनू चौहान का बछड़ा जंगल में घूम रहा था। इसी दौरान तेंदुए ने हमला कर उसे मार डाला और खा गया। इसके बाद तेंदुआ पिंजरे में कैद हो गया। वन विभाग के रेंजर रवि कुमार गंगवार के अनुसार, पकड़ा गया तेंदुआ करीब चार वर्ष का नर है। उसे चिकित्सकीय परीक्षण के लिए मुरादाबाद के डियर पार्क भेज दिया गया है। आलमगीरपुर में करीब 15 दिन पहले भी गांव के उत्तरी हिस्से में लगाए गए पिंजरे में एक तेंदुआ पकड़ा गया था। ग्रामीणों के मुताबिक, करीब एक वर्ष पहले भी गांव में दो तेंदुए पकड़े गए थे। क्षेत्र में तेंदुओं के हमलों में तीन महिलाओं समेत चार लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग घायल हो चुके हैं। तेंदुओं को पकड़ने के लिए वन विभाग ने अलग-अलग स्थानों पर करीब 38 पिंजरे लगा रखे हैं। उनकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए जगह-जगह ट्रैप कैमरे भी लगाए गए हैं। इसके बावजूद क्षेत्र के गांवों में तेंदुओं की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत बनी हुई है।
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गांव निवासी मोनू चौहान का बछड़ा जंगल में घूम रहा था। इसी दौरान तेंदुए ने हमला कर उसे मार डाला और खा गया। इसके बाद तेंदुआ पिंजरे में कैद हो गया। वन विभाग के रेंजर रवि कुमार गंगवार के अनुसार, पकड़ा गया तेंदुआ करीब चार वर्ष का नर है। उसे चिकित्सकीय परीक्षण के लिए मुरादाबाद के डियर पार्क भेज दिया गया है। आलमगीरपुर में करीब 15 दिन पहले भी गांव के उत्तरी हिस्से में लगाए गए पिंजरे में एक तेंदुआ पकड़ा गया था। ग्रामीणों के मुताबिक, करीब एक वर्ष पहले भी गांव में दो तेंदुए पकड़े गए थे। क्षेत्र में तेंदुओं के हमलों में तीन महिलाओं समेत चार लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग घायल हो चुके हैं। तेंदुओं को पकड़ने के लिए वन विभाग ने अलग-अलग स्थानों पर करीब 38 पिंजरे लगा रखे हैं। उनकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए जगह-जगह ट्रैप कैमरे भी लगाए गए हैं। इसके बावजूद क्षेत्र के गांवों में तेंदुओं की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत बनी हुई है।
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