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दिल्ली: 47.56 लाख मतदाताओं की खोज में 10 दिन घर-घर जाएंगे बीएलओ, निर्वाचन कार्यालय ने शुरू किया दोबारा सत्यापन
Sat, 17 Oct 2026 01:15 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 17 Oct 2026 01:15 AM IST
सार
अगले 10 दिनों तक बूथ स्तर के अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर पता लगाएंगे कि ड्राफ्ट मतदाता सूची से बाहर हुए लोगों में कितने पात्र मतदाता हैं और किन कारणों से उनके नाम सूची में शामिल नहीं हो पाए हैं।
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सांकेतिक चित्र
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दिल्ली में मतदाता सूची से हटाए गए 47.56 लाख नामों को लेकर निर्वाचन कार्यालय ने दोबारा सत्यापन की मुहिम शुरू की है। अगले 10 दिनों तक बूथ स्तर के अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर पता लगाएंगे कि ड्राफ्ट मतदाता सूची से बाहर हुए लोगों में कितने पात्र मतदाता हैं और किन कारणों से उनके नाम सूची में शामिल नहीं हो पाए हैं। पात्र मतदाताओं के नाम छूटने के कारणों का समाधान करने का प्रयास किया जाएगा।
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खास बात यह है कि 30 अक्तूबर के बाद भी मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए आवेदन किया जा सकेगा, लेकिन ऐसे आवेदक मौजूदा विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया में शामिल नहीं होंगे। देर से आवेदन करने वालों के दस्तावेजों और आवेदन में देरी के कारणों की भी जांच की जाएगी।
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दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अशोक कुमार ने शुक्रवार को बताया कि ड्राफ्ट मतदाता सूची से बाहर रह गए लोगों का दोबारा सत्यापन करने के निर्देश बीएलओ को दिए गए हैं। इसका उद्देश्य चार दिसंबर को प्रकाशित होने वाली अंतिम मतदाता सूची में किसी भी पात्र मतदाता का नाम छूटने से रोकना है। यह कदम उन शिकायतों के बीच अहम है, जिनमें कहा गया था कि अपने पंजीकृत पते पर रहने वाले कई जीवित मतदाताओं के नाम भी ड्राफ्ट सूची से हटा दिए गए हैं।
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30 अक्तूबर के बाद आवेदन, जांच के बाद ही जुड़ेगा नाम : निर्धारित समय सीमा के बाद भी मतदाता सूची में नाम जुड़वाने का रास्ता खुला रहेगा। हालांकि, ऐसे आवेदन मौजूदा एसआईआर प्रक्रिया का हिस्सा नहीं होंगे। निर्वाचन कार्यालय आवेदकों से यह जान सकता है कि उन्होंने पहले आवेदन क्यों नहीं किया। इसके अलावा, दस्तावेजों की जांच के साथ यह भी सत्यापित किया जाएगा कि आवेदक का नाम किसी दूसरे राज्य की मतदाता सूची में तो दर्ज नहीं है। इस तरह देर से आवेदन करने वालों के पास नाम जुड़वाने का विकल्प रहेगा, लेकिन नाम शामिल करने का फैसला नियमानुसार जांच के बाद ही होगा।
47.56 लाख नाम हटे, 33.12 लाख को नोटिस : एसआईआर के गणना चरण के बाद दिल्ली में करीब 1.45 करोड़ मतदाताओं में से 47.56 लाख के नाम ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं किए गए। इन्हें एएसडीडी श्रेणी में रखा गया, जिसमें अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और दोहरे मतदाता शामिल हैं।
दूसरी ओर, ड्राफ्ट सूची में शामिल 97.53 लाख मतदाताओं में से 33.12 लाख को नोटिस जारी किए गए। इनमें वर्ष 2002 की मतदाता सूची से मैपिंग नहीं होने, व्यक्तिगत विवरणों में गलतियों और तार्किक विसंगतियों के मामले शामिल हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी के मुताबिक, नोटिस जारी किए गए 33.12 लाख मामलों में से करीब 25 लाख के दस्तावेज प्राप्त हो चुके हैं। शेष मामलों में 30 अक्तूबर तक दस्तावेज प्राप्त करने का लक्ष्य है। बीएलओ को निर्देश दिए गए हैं कि मतदाताओं के नाम, उम्र, पते या अन्य विवरणों में मामूली गलतियां होने पर उन्हें सुधारा जा सके।