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हजयात्रा: दो साल तक कोटे में गिरावट, इस बार 27,447 का इजाफा
Sun, 20 Oct 2019 09:27 PM IST
Avdhesh Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, अमरोहा
अमर उजाला ब्यूरो, अमरोहा
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Sun, 20 Oct 2019 09:27 PM IST
सार
- ऑनलाइन फॉर्म भरने की अंतिम तिथि 10 नवंबर, 300 रुपये की प्रोसेसिंग फीस
- इस बार प्रदेश से हजयात्रा का कोटा 62063, कुर्रा से तय होंगे नाम
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विस्तार
आजमीने हज की संख्या में इस साल 2020 के लिए तेजी की उम्मीद जगी है। हज के लिए कुर्रा में नाम आना सपने को साकार होने जैसा है। फिलहाल हज के लिए ऑनलाइन फॉर्म भरे जा रहे हैं। इसके लिए 300 रुपये की प्रोसेसिंग फीस जमा करना है।
राज्य हज कमेटी के आंकड़ों के अनुसार इस बार प्रदेश से 62063 लोग हज के लिए जा सकते हैं, जो वर्ष 2019 के मुकाबले में 27 हजार से अधिक लोग हो सकते हैं। इसके चलते राजस्व भी अधिक हासिल होगा।
हज के लिए इस बार ऑनलाइन फॉर्म भरे जा रहे हैं। अंतिम तिथि 10 नवंबर है। देश में सर्वाधिक लोग उत्तर प्रदेश से हज की अदायगी के लिए जाते हैं। हालांकि तीन साल का आंकड़ा देखें तो हज पर जाने वालों की संख्या में उतार चढ़ाव आएं हैं।
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वर्ष 2017 में प्रदेश से 51525 लोग हज पर गए थे। इसके बाद लगातार दो सालों तक गिरावट आने लगी। वर्ष 2018 में आठ हजार की गिरावट आ गई। प्रदेश से कुल 43102 लोग हज पर गए। इसके अलावा वर्ष 2019 में वर्ष 2018 के मुकाबले में और कमी आ गई। इस साल 34616 लोग हज के लिए गए।
यह है पासपोर्ट के लिए नियम
हज के लिए पासपोर्ट के संबंध में दिशा निर्देश जारी किए गए हैं, जिसके तहत पासपोर्ट 10 नवंबर 2019 या उससे पहले जारी होना चाहिए। इसके अलावा 20 जनवरी 2021 तक उसकी अवधि होनी चाहिए।
हज गाइड 11 भाषाओं में उपलब्ध
आजमीने हज की सहूलियत के लिए हज गाइड उपलब्ध है। इसे वेबसाइट से डाउनलोड करना पड़ेगा। यह कुल 11 भाषाओं में उपलब्ध है। हिंदी, उर्दू, अंग्रेजी, तमिल, कन्नड़, बांग्ला, गुजराती, मणिपुरी, असमिया और मलयाली भाषा शामिल है।
जन्म स्थल भी बताना पड़ेगा
हज पर जाने वाले लोगों के लिए वेबसाइट पर एक नमूना पत्र जारी किया गया है जो कुल 13 बिंदुओं का है। इसमें सफेद बैकग्राउंड के साथ कलर फोटो चस्पा करना है। इसके साथ ही जन्म स्थल का कॉलम भरना है।
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राज्य हज कमेटी के आंकड़ों के अनुसार इस बार प्रदेश से 62063 लोग हज के लिए जा सकते हैं, जो वर्ष 2019 के मुकाबले में 27 हजार से अधिक लोग हो सकते हैं। इसके चलते राजस्व भी अधिक हासिल होगा।
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हज के लिए इस बार ऑनलाइन फॉर्म भरे जा रहे हैं। अंतिम तिथि 10 नवंबर है। देश में सर्वाधिक लोग उत्तर प्रदेश से हज की अदायगी के लिए जाते हैं। हालांकि तीन साल का आंकड़ा देखें तो हज पर जाने वालों की संख्या में उतार चढ़ाव आएं हैं।
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वर्ष 2017 में प्रदेश से 51525 लोग हज पर गए थे। इसके बाद लगातार दो सालों तक गिरावट आने लगी। वर्ष 2018 में आठ हजार की गिरावट आ गई। प्रदेश से कुल 43102 लोग हज पर गए। इसके अलावा वर्ष 2019 में वर्ष 2018 के मुकाबले में और कमी आ गई। इस साल 34616 लोग हज के लिए गए।
यह है पासपोर्ट के लिए नियम
हज के लिए पासपोर्ट के संबंध में दिशा निर्देश जारी किए गए हैं, जिसके तहत पासपोर्ट 10 नवंबर 2019 या उससे पहले जारी होना चाहिए। इसके अलावा 20 जनवरी 2021 तक उसकी अवधि होनी चाहिए।
हज गाइड 11 भाषाओं में उपलब्ध
आजमीने हज की सहूलियत के लिए हज गाइड उपलब्ध है। इसे वेबसाइट से डाउनलोड करना पड़ेगा। यह कुल 11 भाषाओं में उपलब्ध है। हिंदी, उर्दू, अंग्रेजी, तमिल, कन्नड़, बांग्ला, गुजराती, मणिपुरी, असमिया और मलयाली भाषा शामिल है।
जन्म स्थल भी बताना पड़ेगा
हज पर जाने वाले लोगों के लिए वेबसाइट पर एक नमूना पत्र जारी किया गया है जो कुल 13 बिंदुओं का है। इसमें सफेद बैकग्राउंड के साथ कलर फोटो चस्पा करना है। इसके साथ ही जन्म स्थल का कॉलम भरना है।