हजयात्रा 2026: मस्जिद अल हरम व नबवी में वीडियाे बनाया तो लगेगा जुर्माना, होटल में खाना बनाने पर भी पाबंदी
सऊदी अरब ने इस बार हज यात्रा को व्यवस्थित बनाने के लिए कड़े नियम लागू किए हैं। मक्का की मस्जिद अल हरम और मदीना की मस्जिद-ए-नबवी में फोटो-वीडियो बनाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। इस बार यात्रा 16 अप्रैल से शुरू होकर 20 मई तक पूरी होगी।
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इस बार हजयात्रा को और बेहतर बनाने के लिए सऊदी हुकूमत ने नियमों में फेरबदल किए हैं। हजयात्रा पर जाने वाले आजमीनाें को इसकी अनदेखी भारी पड़ सकती है। सऊदी हुकूमत ने मक्का में मस्जिद अल हरम मक्का और मदीना में मस्जिद-ए-नबवी में फोटो-वीडियो बनाने पर पाबंदी लगा दी है।
ऐसे करने पर 10 हजार रियाल का जुर्माना भरना पड़ेगा। ऐसे ही हजयात्रा पर बिना हज वीजा पाए जाने पर 30 हजार रियाल भरने पड़ेंगे। मुरादाबाद जिले इस बार हजयात्रा पर 2090 आजमीन जाएंगे। रवानगी की शुरुआत 16 अप्रैल से हो गई है। दो फ्लाइटों से आजमीन मदीना पहुंच भी गए हैं। बाकी आजमीन 20 मई तक पहुंच जाएंगे।
हजयात्रियों की वतन वापसी दो जून से होगी। वापसी की आखिरी फ्लाइट 28 जून को होगी। हजयात्रा में आजमीनाें को कोई परेशानी न हो, इसके लिए सऊदी अरब की हुकूमत ने कुछ सख्ती की है। हजयात्रा के दाैरान अगर कोई बिना हज वीजा वहां मिला तो उस पर 30 हजार रियाल का जुर्माना लगाया जाएगा।
इसके अलावा अगर होटल वालों ने बिना हज वीजा वालों को अपने यहां रखा तो उस पर यह जुर्माना एक लाख रियाल होगा। वहीं मस्जिद अल हरम और मस्जिद-ए-नबवी में फोटो और वीडियो बनाने पर रोक लगाई है। अगर किसी ने मोबाइल से वीडियाे या फोटो बनाई तो उस पर 10 हजार रियाल का जुर्माना लगेगा।
होटल में खाना बनाने पर भी पाबंदी
हिंदुस्तान से हजयात्रा पर जाने वाले आजमीनों को खाना बनाने की छूट मिलती थी। वह होटल में खुद खाना बनाकर खा सकते थे। लेकिन इस बार यह व्यवस्था बंद कर दी गई है। होटल में खाना नहीं बना सकते। ऐसे में आजमीनों को होटल का खाना खाना पड़ेगा।
इस बार सऊदी अरब की हुकूमत ने नियमों में कुछ बदलाव किए हैं। मजिस्द अल हरम और मस्जिद-ए-नबवी में वीडियो और फोटो बनाने पर रोक है। ऐसा करने पर 10 हजार रियाल का जुर्माना है। बिना हज वीजा के पहुंचने पर भी 30 हजार रियाल जुर्माना है। होटल खाना बनाने पर भी पाबंदी है। - हाजी मुख्तार असलम, पूर्व हज ट्रेनर