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UP: खुशी से छलकते आंसुओं संग विदा हुई अमरोहा की बेटी, 18 साल पहले तीन बेसहारा बेटियों का सहारा बना था गुरुकुल

Thu, 28 Nov 2024 01:30 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, अमरोहा
अमर उजाला नेटवर्क, अमरोहा Published by: शाहरुख खान Updated Thu, 28 Nov 2024 01:30 PM IST
सार

अमरोहा के दयानंद कन्या गुरुकुल महाविद्यालय की छात्रा रहीं नीलम सात फेरों के बाद लाल जोड़े में ससुराल के लिए विदा हो गई। खुशी से छलकते आंसुओं के साथ अमरोहा के गुरुकुल की बेटी विदा हुई।

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Gurukul Chotipura became support of three helpless daughters in amroha
मेरठ में दुल्हन के रुप में सजी नीलम व उनके पति, डॉ. सुमेधा और छोटी बहनों के साथ - फोटो : गुरुकुल

विस्तार

हाथों में मेहंदी, कानों में झुमके, पैरों में पाजेब और आखों में नई दुनिया के बेइंतहा खूबसूरत सपने। बुधवार को शहर के दयानंद कन्या गुरुकुल महाविद्यालय की छात्रा रहीं नीलम सात फेरों के बाद जब लाल जोड़े में अपनी ससुराल के लिए विदा हुई तो उसके लिए सब कुछ एक सपने जैसा ही था। 
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कहां 18 साल पहले की वह अंधेरी दुनिया और कहां आज। स्वागत में बाहें फैलाए खड़ा एक भरा पूरा परिवार। अब 26 साल की हो चुकी नीलम की जिंदगी का सफर खासा उतार-चढ़ाव भरा रहा है। करीब 18 वर्ष पहले उसे और उसकी दो छोटी बहनों को बेसहारा छोड़ दिया गया था। 
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तीनों बच्चियां किसी को बरेली के रेलवे स्टेशन पर रोती मिलीं तो उन्हें शहर के अनाथालय में पहुंचा दिया गया। अनाथालय ने गुरुकुल की प्रधानाचार्या डॉ. सुमेधा से संपर्क किया और तीनों बहनों को सहारा देने की गुहार लगाई। 
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डॉ. सुमेधा ने बेसहारा तीनों बहनों को अपनी बेटी की तरह पाला पोसा। उनके हर सुख और दुख को अपना लिया। पालन-पोषण के साथ उन्हें शिक्षा की राह दिखाई। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। 
 

नीलम ने प्रारंभिक शिक्षा से लेकर नेट पास करने तक कड़ी मेहनत की। उन्हें देखकर उनकी दोनों बहनें भी पीछे नहीं रहीं। जयश्री ने 24 तो रंजना ने 22 वर्ष की उम्र में एमए, बीएड, यूपीटेट, सीटेट पास कर लिया। अब दोनों बहनें नेट की तैयारी में जुटी हैं।

 

मेरठ में हुई शादी, डॉ. सुमेधा ने किया कन्यादान
नीलम को शादी के मंडप तक पहुंचाने में डॉ. सुमेधा की अहम भूमिका रही है। वह बड़ी हुई तो उन्हें बिटियां के ब्याह की चिंता सताने लगी। उन्होंने कुछ लोगों से बात आगे बढ़ाई तो नोएडा के पास जेवर के एक कारोबारी परिवार में नीलम का ब्याह तय हो गया। 

बुधवार को मेरठ में रीति-रिवाज के साथ शादी होने के बाद नीलम की विदाई हो गई। शादी में डॉ. सुमेधा के साथ मेरठ के बलराम और दिल्ली के अनुज कुमार का सहयोग रहा। कन्यादान की रस्म अदा करते समय डॉ. सुमेधा की भी आंख नम थीं। मगर, उन्हें इस बात का संतोष भी था कि बिटिया अब अपनी अलग दुनिया बसा रही है।
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