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सवा लाख से एक लड़ाऊं तो मैं गुरु गोविंद सिंह नाम कहाऊं...
मुरादाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 26 Dec 2017 12:50 AM IST
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guru govind singh
- फोटो : अमर उजाला
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गुरु गोविंद सिंह का 351 वां प्रकाश पर्व महानगर में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। गुरद्वारे में श्री सुखमनी साहिब का पाठ, कीर्तन, कथा व लंगर का आयोजन हुआ। गुरुद्वारे में काफी संख्या में साध संगत परिवार सहित उपस्थित रही।
गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा ताड़ीखाना में श्री सुखमनी साहिब का पाठ हुआ, फिर अखंड पाठ की समाप्ति हुइ। रागी जत्था भाई भाई इंद्रप्रीत पाल सिंह अलंकारी यूएसए वाले, भाई चरन सिंह निमाणा दुबई वाले, भाई ओमकार सिंह हजूरी रागी जत्था ने शबद कीर्तन किया।
गुरुद्वारे के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी हरिंद्रपाल सिंह गुरु गोविंद सिंह के जीवन के बारे में बताते हुए कहा कि गुरु गोविंद सिंह महाराज का जन्म पटना साहिब (बिहार) में पोष सुदी सातवीं सन 1666 (22 दिसंबर 1666) में हुआ था। उन्होंने आगे कहा कि गुरु गोविंद सिंह ने मुगलों से करीब 14 युद्ध लड़े। धर्म के लिए गुरु गोविंद सिंह ने अपने परिवार का बलिदान कर दिया।
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1699 में बैसाखी के दिन खालसा पंथ की स्थापना की। समापन पर लंगर का आयोजन हुआ। जिसमें सिख समाज के साथ अन्य लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।इस अवसर पर हरभजन सिंह चड्डा, गुरजीत सिंह चड्डा, प्रधान अमोलक सिंह, राजेंद्र सिंह, रणजीत सिंह, जीत सिंह पांडू, डा. विनोद कुमार, प्रतिपाल सिंह सलूजा, संतोख सिंह, अमरजीत सिंह, गुरुबक्श सिंह काका, प्यारा सिंह, कुलमोहन सिंह, जीत सिंह, नरेंद्र सिंह, गुरमीत सिंह, कुलमोहन सिंह, गुरदास सिंह कालरा, पार्षद डिंपल सिह अश्क आदि उपस्थित रहे।
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गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा ताड़ीखाना में श्री सुखमनी साहिब का पाठ हुआ, फिर अखंड पाठ की समाप्ति हुइ। रागी जत्था भाई भाई इंद्रप्रीत पाल सिंह अलंकारी यूएसए वाले, भाई चरन सिंह निमाणा दुबई वाले, भाई ओमकार सिंह हजूरी रागी जत्था ने शबद कीर्तन किया।
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गुरुद्वारे के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी हरिंद्रपाल सिंह गुरु गोविंद सिंह के जीवन के बारे में बताते हुए कहा कि गुरु गोविंद सिंह महाराज का जन्म पटना साहिब (बिहार) में पोष सुदी सातवीं सन 1666 (22 दिसंबर 1666) में हुआ था। उन्होंने आगे कहा कि गुरु गोविंद सिंह ने मुगलों से करीब 14 युद्ध लड़े। धर्म के लिए गुरु गोविंद सिंह ने अपने परिवार का बलिदान कर दिया।
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1699 में बैसाखी के दिन खालसा पंथ की स्थापना की। समापन पर लंगर का आयोजन हुआ। जिसमें सिख समाज के साथ अन्य लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।इस अवसर पर हरभजन सिंह चड्डा, गुरजीत सिंह चड्डा, प्रधान अमोलक सिंह, राजेंद्र सिंह, रणजीत सिंह, जीत सिंह पांडू, डा. विनोद कुमार, प्रतिपाल सिंह सलूजा, संतोख सिंह, अमरजीत सिंह, गुरुबक्श सिंह काका, प्यारा सिंह, कुलमोहन सिंह, जीत सिंह, नरेंद्र सिंह, गुरमीत सिंह, कुलमोहन सिंह, गुरदास सिंह कालरा, पार्षद डिंपल सिह अश्क आदि उपस्थित रहे।