{"_id":"61df249671e87f5b6a3218a0","slug":"four-years-imprisonment-for-attempt-to-murder-two-acquitted-city-news-mbd415842785","type":"story","status":"publish","title_hn":"हत्या के प्रयास में दोषी को चार साल की सजा, दो बरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हत्या के प्रयास में दोषी को चार साल की सजा, दो बरी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुरादाबाद। दंपती की हत्या के प्रयास के मामले में अदालत ने एक दोषी को चार साल के कठोर कारावास की सजा के साथ-साथ उस पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इसी मुकदमे के दो अन्य आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए दोष मुक्त कर दिया है।
गुलाबबाड़ी निवासी आशा ने कटघर थाने में 31 मार्च 2012 को मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें क्षेत्र में रहने वाले सुरेंद्र, चंदन, गोकुल और मुकेश पर आरोप लगाया था कि उन्होंने घर में घुस कर गाली गलौज की। विरोध किया तो आरोपी सुरेंद्र ने तमंचा निकाल कर फायरिंग कर दी। जिससे वादिनी के पति कृपाल गंभीर रूप से घायल हो गए थे। मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम अरविंद कुमार द्वितीय की अदालत में की गई। मुकदमे के दौरान गोकुल की मृत्यु हो गई।
पत्रावली पर मौजूद साक्ष्य के आधार पर अदालत ने सुरेंद्र को घटना का दोषी पाया तथा अन्य दोनों आरोपी चंदन व मुकेश के खिलाफ कोई साक्ष्य न होने की वजह से दोषमुक्त कर दिया। आरोपी सुरेंद्र को अदालत ने चार साल के कठोर कारावास के साथ साथ उस पर पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
गुलाबबाड़ी निवासी आशा ने कटघर थाने में 31 मार्च 2012 को मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें क्षेत्र में रहने वाले सुरेंद्र, चंदन, गोकुल और मुकेश पर आरोप लगाया था कि उन्होंने घर में घुस कर गाली गलौज की। विरोध किया तो आरोपी सुरेंद्र ने तमंचा निकाल कर फायरिंग कर दी। जिससे वादिनी के पति कृपाल गंभीर रूप से घायल हो गए थे। मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम अरविंद कुमार द्वितीय की अदालत में की गई। मुकदमे के दौरान गोकुल की मृत्यु हो गई।
विज्ञापन
पत्रावली पर मौजूद साक्ष्य के आधार पर अदालत ने सुरेंद्र को घटना का दोषी पाया तथा अन्य दोनों आरोपी चंदन व मुकेश के खिलाफ कोई साक्ष्य न होने की वजह से दोषमुक्त कर दिया। आरोपी सुरेंद्र को अदालत ने चार साल के कठोर कारावास के साथ साथ उस पर पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
विज्ञापन