फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   four villages four handpump water banned for drink

चार गांव के हैंडपंप का पानी जांच में दूषित मिला, पीने पर रोक लगाई गई

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 08 Jul 2021 02:54 AM IST
विज्ञापन
four villages four handpump water banned for drink
मुरादाबाद। ग्रामीण क्षेत्रों में लगे सरकारी हैंडपंप से मिल रहे पानी की गुणवत्ता जांचने को अब हर महीने 300 हैंडपंपों के पानी के नमूनों की जांच होगी। शासन ने जिले का लक्ष्य तय कर दिया है। जून माह में देर से मिले इन आदेशों पर काम शुरू हो गया है। 145 स्थानों पर लगे सरकारी हैंडपंप के नमूनों की जांच हो चुकी है। इनमें चार गांवों के चार हैंडपंपों का पानी गंदा मिला है। इसमें मिट्टी के कण पाए गए हैं। फिलहाल वहां के लोगों को इन हैंडपंप का पानी ना पीने की सलाह दी गई है।
विज्ञापन

गांवों की पेयजल आपूर्ति अधिकाशंत: हैंडपंप पर निर्भर है। जिले में 28 हजार से अधिक हैंडपंप ग्रामीण क्षेत्र में लगे हैं। एक बार हैंडपंप लगाने के बाद उसके पानी की जांच होती है ,लेकिन उसके बाद वो हैंडपंप कैसा पानी दे रहा है उस पर ना तो ग्राम पंचायतें ज्यादा ध्यान देती और ना ही जल निगम। 2018 के बाद ग्रामीण क्षेत्र में हैंडपंप लगाने की जिम्मेदारी भी जल निगम से यूपी एग्रो के पास जा चुकी है।
विज्ञापन

अब शासन ने ग्रामीण पेयजल की गुणवत्ता को लेकर प्रयास शुरू किए हैं। इसके तहत यूपी जलनिगम को हर महीने जिले के 300 हैंडपंप के पानी की जांच का लक्ष्य दिया गया है। हर महीने ये लक्ष्य दिया जाएगा । साथ ही ये भी शासन स्तर से ही तय होगा कि किस गांव में किस हैंडपंप के पानी की जांच होनी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

जून मध्य से शासन ने इस संबंध में आदेेश जारी कर नमूने चेक करने के लिए हैंडपंप की सूची जारी की है। जिस पर काम चल रहा है। जलनिगम की लैब के इंचार्ज राजीव कुमार के अनुसार अब तक 145 स्थानों से हैंडपंप के पानी की आठ मानकों पर जांच की गई है। इनमें से चार गांवों के हैंडपंप के पानी बाकी मानकों पर ठीक हैं लेकिन इनमें टर्बिडिटी मिली है। यानि पानी में मिट्टी के कण मिले हैं। ऐसा बारिश आने की वजह से संभव है। बारिश के दौरान आसपास में गंदा पानी भरा हो या फिर जमीन के नीचे गए बारिश के पानी की वजह से ऐसा होता है। कुछ दिन बाद ये खुद ठीक हो जाता है। इसलिए फिलहाल इन हैंडपंप के आसपास के लोगों को सूचित कर इनका पानी पीने में प्रयोग ना करने की सलाह दी गई है। अगले महीने फिर से इनकी जांच होगी यदि इसमें पानी ठीक मिला तो इन हैंडपंप का पानी प्रयोग किया जा सकता है। हैरानी की बात है कि ग्रामीणों ने इन हैंडपंप के पानी की शिकायत नहीं की थी उन्हें पता ही नहीं चला कि वह दूषित पानी पी रहे हैं। जलनिगम की जांच में ही ये पुष्टि हुई।
इन तत्वों की होती है जांच
टर्बिडिटी, टीडीएस, पीएच ,संपूर्ण कठोरता, क्लोराइड, फ्लोराइड, रंग, गंध
इन गांवों के हैंडपंप का पानी मिला दूषित
-गांव असालतनगर बधा में छिद्दा के घर के पास लगा सरकारी हैंडपंप
-ताजपुर माफी में सतपाल यादव के स्कूल के पास लगा सरकारी हैंडपंप
-महलकपुर निजामपुर गांव में उदल के मकान के पास लगा हैंडपंप
-काफियाबाद में राजेंद्र के मकान के निकट लगा हैंडपंप
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed