{"_id":"5e3884ef8ebc3e7d5a7cc7d1","slug":"exporter-gone-to-embiate-fair-city-news-mbd3386290130","type":"story","status":"publish","title_hn":"एंबियंते फेयर जर्मनीः कोरोना से बेखौफ निर्यातकों ने पकड़ी जर्मनी की फ्लाइट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एंबियंते फेयर जर्मनीः कोरोना से बेखौफ निर्यातकों ने पकड़ी जर्मनी की फ्लाइट
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुरादाबाद। कोरोना वायरस के खौफ के बावजूद मुरादाबाद के 200 से ज्यादा निर्यातक सात फरवरी से फ्रैंकफर्ट में शुरू होने जा रहे एम्बियन्ते फेयर में हिस्सा लेने के लिए रवाना हो चुके हैं। इनमें ज्यादातर ने सोमवार रात को दिल्ली से जर्मनी की फ्लाइट पकड़ी है। जबकि कुछ क्रिसमस फेयर के बाद से ही जर्मनी में रुके हैं। लंबे समय से मंदी से जूझ रही मुरादाबाद की हैंडीक्राफ्ट इंडस्ट्री को कोरोना वायरस की छाया के बावजूद इस फेयर से बड़ी उम्मीदे हैं। हालांकि अमेरिका, कनाडा, आस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के कुछ बायर्स के फेयर में नहीं पहुंचने की खबरों से निर्यातकों में मायूसी भी है।
क्रिसमस फेयर के बाद से ही जर्मनी में रुके ईपीसीएच के पूर्व चेयरमैन सतपाल ने बताया कि मुरादाबाद से करीब 200 और पूरे भारत से 300 से भी अधिक निर्यातक एम्बियन्ते फेयर में अपने स्टॉल्स लगा रहे हैं। इस फेयर के लिए निर्यातकों ने बड़े स्तर पर तैयारियां की हैं। यही वजह है कि कोरोना वायरस की दहशत के बावजूद निर्यातक मुरादाबाद से फ्रैंकफर्ट पहुंच रहे हैं। फ्रैंकफर्ट में एम्बियन्ते फेयर ग्राउंड पर मौजूद सतपाल ने बताया कि अमेरिका, कनाडा और न्यूजीलैंड समेत कई देशों से बायर्स के पहुंचने की उम्मीद नहीं है। इसके बावजूद हम उम्मीदें लगाए हैं। फ्रैंकफर्ट में ही मौजूद मुरादाबाद हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अब्दुल अजीम का कहना है कि जर्मनी में कोरोना वायरस के छह मामले उजागर होने के बाद जर्मनी ने चाइना की सभी फ्लाइट बंद कर दी गई हैं। उन्होंने कहा कि हर साल की तरह निर्यातक तो सभी पहुंच रहे हैं लेकिन अमेरिकी बायर्स के नहीं आने की खबरें मायूस कर रही हैं। अब्दुल अजीम क्रिसमस फेयर में भी फ्रैंकफर्ट में मौजूद थे। सोमवार रात जर्मनी की फ्लाइट लेने दिल्ली पहुंचे निर्यातक अजय पुगला का कहना है कि उन्होंने फ्रैंकफर्ट का क्रिसमस फेयर भी किया था। एम्बियन्ते से बहुत उम्मीद हैं। इसलिए तैयारियां बहुत ज्यादा की हैं। बायर्स नहीं आए तो दिक्कत होगी। लेकिन वायरस के डर से एम्बियन्ते जैसे प्लेटफार्म को ड्राप नहीं कर सकते। निर्यातक हरिओम भी सोमवार रात जर्मनी रवाना हो गए। उन्होंने कहा कि कोरोना का असर अमेरिका जैसे देशों के बायर्स को प्रभावित कर सकता है लेकिन निर्यातक हर साल की तरह इस बार भी पूरी तैयारियों से फ्रैंकफर्ट पहुंच रहे हैं। निर्यातकों के सैंपल पिछले महीने ही पहुंच चुके हैं। फेयर सात फरवरी से 11 फरवरी तक चलेगा।
वरदान भी बन सकता है कोरोना का खौफ
मुरादाबाद। चाइना में होने वाला कैंटोन एक्सपोर्ट इंपोर्ट फेयर दुनिया का सबसे बड़ा फेयर माना जाता है। इसमें दुनियाभर के 25 हजार से अधिक निर्यातक अपने उत्पादों का प्रदर्शन करते हैं और पूरी दुनिया के दो लाख से अधिक बायर्स इस फेयर में पहुंचते हैं। यह फेयर इस बार अप्रैल में 23 तारीख से होना है। लेकिन कोरोना वायरस के खौफ की वजह से विदेशी खरीददार चीन जाने का कार्यक्रम कैंसिल कर सकते हैं। इसका फायदा 15 अप्रैल से ग्रेटर नोएडा एक्सपो मार्ट में प्रस्तावित दिल्ली फेयर को मिल सकता है। कैंटोन फेयर दुनियाभर के बायर्स के लिए खरीददारी का प्रमुख स्रोत रहता है। निर्यातक अजय का कहना है कि यदि कैंटोन फेयर से बायर्स ने दूरी बनाई तो वह अपनी जरूरत पूरी करने के लिए दिल्ली फेयर का रुख कर सकते हैं। ऐसा हुआ तो निर्यातकों को इसका बड़ा फायदा मिल सकता है। अभी तक दिल्ली फेयर में करीब चार हजार बायर्स ही पहुंचते हैं। बायर्स की संख्या बढ़ने पर कारोबार में बड़ा इजाफा हो सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
क्रिसमस फेयर के बाद से ही जर्मनी में रुके ईपीसीएच के पूर्व चेयरमैन सतपाल ने बताया कि मुरादाबाद से करीब 200 और पूरे भारत से 300 से भी अधिक निर्यातक एम्बियन्ते फेयर में अपने स्टॉल्स लगा रहे हैं। इस फेयर के लिए निर्यातकों ने बड़े स्तर पर तैयारियां की हैं। यही वजह है कि कोरोना वायरस की दहशत के बावजूद निर्यातक मुरादाबाद से फ्रैंकफर्ट पहुंच रहे हैं। फ्रैंकफर्ट में एम्बियन्ते फेयर ग्राउंड पर मौजूद सतपाल ने बताया कि अमेरिका, कनाडा और न्यूजीलैंड समेत कई देशों से बायर्स के पहुंचने की उम्मीद नहीं है। इसके बावजूद हम उम्मीदें लगाए हैं। फ्रैंकफर्ट में ही मौजूद मुरादाबाद हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अब्दुल अजीम का कहना है कि जर्मनी में कोरोना वायरस के छह मामले उजागर होने के बाद जर्मनी ने चाइना की सभी फ्लाइट बंद कर दी गई हैं। उन्होंने कहा कि हर साल की तरह निर्यातक तो सभी पहुंच रहे हैं लेकिन अमेरिकी बायर्स के नहीं आने की खबरें मायूस कर रही हैं। अब्दुल अजीम क्रिसमस फेयर में भी फ्रैंकफर्ट में मौजूद थे। सोमवार रात जर्मनी की फ्लाइट लेने दिल्ली पहुंचे निर्यातक अजय पुगला का कहना है कि उन्होंने फ्रैंकफर्ट का क्रिसमस फेयर भी किया था। एम्बियन्ते से बहुत उम्मीद हैं। इसलिए तैयारियां बहुत ज्यादा की हैं। बायर्स नहीं आए तो दिक्कत होगी। लेकिन वायरस के डर से एम्बियन्ते जैसे प्लेटफार्म को ड्राप नहीं कर सकते। निर्यातक हरिओम भी सोमवार रात जर्मनी रवाना हो गए। उन्होंने कहा कि कोरोना का असर अमेरिका जैसे देशों के बायर्स को प्रभावित कर सकता है लेकिन निर्यातक हर साल की तरह इस बार भी पूरी तैयारियों से फ्रैंकफर्ट पहुंच रहे हैं। निर्यातकों के सैंपल पिछले महीने ही पहुंच चुके हैं। फेयर सात फरवरी से 11 फरवरी तक चलेगा।
विज्ञापन
वरदान भी बन सकता है कोरोना का खौफ
मुरादाबाद। चाइना में होने वाला कैंटोन एक्सपोर्ट इंपोर्ट फेयर दुनिया का सबसे बड़ा फेयर माना जाता है। इसमें दुनियाभर के 25 हजार से अधिक निर्यातक अपने उत्पादों का प्रदर्शन करते हैं और पूरी दुनिया के दो लाख से अधिक बायर्स इस फेयर में पहुंचते हैं। यह फेयर इस बार अप्रैल में 23 तारीख से होना है। लेकिन कोरोना वायरस के खौफ की वजह से विदेशी खरीददार चीन जाने का कार्यक्रम कैंसिल कर सकते हैं। इसका फायदा 15 अप्रैल से ग्रेटर नोएडा एक्सपो मार्ट में प्रस्तावित दिल्ली फेयर को मिल सकता है। कैंटोन फेयर दुनियाभर के बायर्स के लिए खरीददारी का प्रमुख स्रोत रहता है। निर्यातक अजय का कहना है कि यदि कैंटोन फेयर से बायर्स ने दूरी बनाई तो वह अपनी जरूरत पूरी करने के लिए दिल्ली फेयर का रुख कर सकते हैं। ऐसा हुआ तो निर्यातकों को इसका बड़ा फायदा मिल सकता है। अभी तक दिल्ली फेयर में करीब चार हजार बायर्स ही पहुंचते हैं। बायर्स की संख्या बढ़ने पर कारोबार में बड़ा इजाफा हो सकता है।
विज्ञापन