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लापरवाही में राजकीय निर्माण निगम के अभियंता निलंबित
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मुरादाबाद। मूंढापांडे स्थित हवाई अड्डे के निर्माण कार्य में अनियमितता मिलने पर जिला प्रशासन ने राजकीय निर्माण निगम के खिलाफ रिपोर्ट भेजी थी। आरोप था कि कार्यों में लापरवाही के चलते हवाई अड्डे की छत और दीवार गिरी है।
मूंढापांडे स्थित हवाई अड्डे के निर्माण कार्य की जिम्मेदारी शासन ने राजकीय निर्माण निगम को दी थी। निगम ने हवाई अड्डे की दीवार और छत का निर्माण कराया था लेकिन मानक के अनुुरूप काम नहीं होने के कारण निर्माण निगम पर जिला प्रशासन के अधिकारियों ने भी सवाल उठाए थे। निर्माण में खामियों के चलते डीजीसीए (डायरोक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन) ने हवाई उड़ान शुरू करने से मना कर दिया था। जांच में आया कि निर्माण सही नहीं होने के कारण छत की सीलिंग छह बार टूट चुकी है। रनवे के आसपास अब तक मिट्टी का भराव नहीं हुआ है। ऐसे हालात में किसी हवाई जहाज का पायलट रन वे पर लैंडिंग और टेक ऑफ के लिए तैयार नहीं होगा। रवने के चारों ओर बनाई गई दीवार भी छोटी है। दीवार भी कई बार टूट चुकी है। एडीएम प्रशासन सुरेंद्र सिंह ने भी आंधी-बारिश के दौरान हवाई अड्डे की दीवार और सीलिंग टूटने पर राजकीय निर्माण निगम के अधिकारियों को पत्र भेजकर अवगत कराया था। साथ ही अनियमितता की जांच करने का अनुरोध किया था। उस समय हवाई अड्डे के कार्यों की जिम्मेदारी अभियंता मुकेश सिंघल की थी। निलंबन की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय अधिकारी मानते हैं कि निर्माण कार्यों में लापरवाही के चलते उनके ऊपर गाज गिरी है।
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मूंढापांडे स्थित हवाई अड्डे के निर्माण कार्य की जिम्मेदारी शासन ने राजकीय निर्माण निगम को दी थी। निगम ने हवाई अड्डे की दीवार और छत का निर्माण कराया था लेकिन मानक के अनुुरूप काम नहीं होने के कारण निर्माण निगम पर जिला प्रशासन के अधिकारियों ने भी सवाल उठाए थे। निर्माण में खामियों के चलते डीजीसीए (डायरोक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन) ने हवाई उड़ान शुरू करने से मना कर दिया था। जांच में आया कि निर्माण सही नहीं होने के कारण छत की सीलिंग छह बार टूट चुकी है। रनवे के आसपास अब तक मिट्टी का भराव नहीं हुआ है। ऐसे हालात में किसी हवाई जहाज का पायलट रन वे पर लैंडिंग और टेक ऑफ के लिए तैयार नहीं होगा। रवने के चारों ओर बनाई गई दीवार भी छोटी है। दीवार भी कई बार टूट चुकी है। एडीएम प्रशासन सुरेंद्र सिंह ने भी आंधी-बारिश के दौरान हवाई अड्डे की दीवार और सीलिंग टूटने पर राजकीय निर्माण निगम के अधिकारियों को पत्र भेजकर अवगत कराया था। साथ ही अनियमितता की जांच करने का अनुरोध किया था। उस समय हवाई अड्डे के कार्यों की जिम्मेदारी अभियंता मुकेश सिंघल की थी। निलंबन की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय अधिकारी मानते हैं कि निर्माण कार्यों में लापरवाही के चलते उनके ऊपर गाज गिरी है।
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