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मूंढापांडे थाने पर हंगामा, पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
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मूढांपाडे थाना के बाहर खडे युवती के परिजन।
- फोटो : CITY
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मुरादाबाद। पहले पीड़ित परिवार की शिकायत पर आरोपियों के कोई कार्रवाई नहीं की। हत्या के बाद शिकायत लेकर पहुंचे तो उन्हें ही हवालात में डाल दिया। इस बात से गुस्साए लोगों ने थाने पर आधे घंटे तक हंगामा किया। पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। एसपी सिटी और सीओ ने जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद ही लोग शांत हुए। एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने भी लोगों को समझाया और विस्तार से पूरे प्रकरण की जानकारी ली।
दोपहर करीब एक बजे महेशपुर भीला गांव निवासी ग्रामीण मूंढापांडे थाने पहुंच गए और उन्होंने यहां पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। पुलिस कर्मियों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो ग्रामीण भड़क गए। इसकी जानकारी मिलने पर पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। तब ग्रामीणों ने अफसरों को बताया कि पुलिस ने सोमवार शाम पीड़ित परिवार की शिकायत नहीं सुनी। अगर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की होती तो हरिओम की जान बच सकती।
झूठ बोला कि दबिश दी, पर रात को मौके पर गई ही नहीं पुलिस
मुरादाबाद। इस मामले में पूरी तरह से पुलिस की लापरवाही सामने आ रही है। एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने मौके पर जाकर सभी पक्षों के लोगों से बात की तो सामने आया कि यदि रात को ही आरोपियों को पुलिस पकड़ लाती तो मंगलवार को यह वारदात न होती। गजब यह कि थाना और चौकी पुलिस ये झूठ बोलती रही कि रात को पुलिस ने दबिश दी थी पर एसएसपी की पूछताछ में यह साफ हो गया कि पुलिस रात को गांव में गई ही नहीं थी। आरोपी भी आराम से छत पर सोए हुुए थे। इस प्रकरण में पुलिस की भूमिका की भी जांच की जा रही है। हालांकि मंगलवार को घटना के बाद अवश्य एसपी सिटी ने पुलिस और पीएसी को साथ लेकर आरोपियों की तलाश में सर्च आपरेशन चलाया। आरोपियों के घरों और मकानों की छतों पर भी तलाश की गई। गांव में तैनात को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है।
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दोपहर करीब एक बजे महेशपुर भीला गांव निवासी ग्रामीण मूंढापांडे थाने पहुंच गए और उन्होंने यहां पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। पुलिस कर्मियों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो ग्रामीण भड़क गए। इसकी जानकारी मिलने पर पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। तब ग्रामीणों ने अफसरों को बताया कि पुलिस ने सोमवार शाम पीड़ित परिवार की शिकायत नहीं सुनी। अगर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की होती तो हरिओम की जान बच सकती।
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झूठ बोला कि दबिश दी, पर रात को मौके पर गई ही नहीं पुलिस
मुरादाबाद। इस मामले में पूरी तरह से पुलिस की लापरवाही सामने आ रही है। एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने मौके पर जाकर सभी पक्षों के लोगों से बात की तो सामने आया कि यदि रात को ही आरोपियों को पुलिस पकड़ लाती तो मंगलवार को यह वारदात न होती। गजब यह कि थाना और चौकी पुलिस ये झूठ बोलती रही कि रात को पुलिस ने दबिश दी थी पर एसएसपी की पूछताछ में यह साफ हो गया कि पुलिस रात को गांव में गई ही नहीं थी। आरोपी भी आराम से छत पर सोए हुुए थे। इस प्रकरण में पुलिस की भूमिका की भी जांच की जा रही है। हालांकि मंगलवार को घटना के बाद अवश्य एसपी सिटी ने पुलिस और पीएसी को साथ लेकर आरोपियों की तलाश में सर्च आपरेशन चलाया। आरोपियों के घरों और मकानों की छतों पर भी तलाश की गई। गांव में तैनात को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है।
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