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नैनीताल हाईवे पर कार-बाइक का संचालन बंद
Updated Wed, 29 Aug 2018 02:20 AM IST
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मुरादाबाद।
रामगंगा का जलस्तर बढ़ने से नैनीताल स्टेट हाईवे पर पानी दो किमी से होकर बह रहा है। इससे सड़क का कटान शुरू हो गया है। तीव्र गति से बह रहेपानी से होकर कार और बाइक का निकलना भी बंद हो गया है। हाईवे पर दोनों ओर पुलिस तैनात कर दी गई है। जलभराव से घिरे लोगों ने सुरक्षित ठिकाने तलाशना शुरू कर दिया है। हाईवे बंद होने से मंगलवार को ट्रैक्टर - ट्रालियों से लोगों को पार कराया गया।
नैनीताल हाईवे पर सोमवार को करीब 800 मीटर लंबाई मेंहोकर रामगंगा का पानी बह रहा था। मंगलवार को यह दो किमी से ज्यादा लंबाई में फैल गया। पानी केतेज बहाव से सड़क कटनी शुरू हो गई। जगहञजगह गहरी खाई बन गई हैं। इसकेचलते कार और बाइक का संचालन यहां से नहीं हो रहा है। हाईवे पर दोनों ओर तैनात पुलिस किसी को पैदल होकर भी नहीं निकलने दे रही है। इससे हादसा होने का खतरा बना रहता है। अब हाईवे को जलभराव वाले क्षेत्र से पार कराने में ट्रैक्टर-ट्राली ही सहारा बनी हैं। यहां पर करीगब दस ट्रैक्टर-ट्राली चलाए जा रहेहैं। इनमें एक बाइक को पार कराने के 50 रुपये और एक यात्री को पार कराने के20 रुपये लिए जा रहे हैं।
नैनीताल हाईवे के ऊपर से होकर रामगंगा का करीब दो फीट पानी बह रहा है। पानी का बहाव इतनी तेज है कि लोगों का पैदल निकलना मुश्किल हो रहा है। इससे यूपी से उत्तराखंड को जाने वाले वाहनों का संचालन प्रभावित हुआ है। प्रशासन ने रात में उक्त मार्ग से वाहनों को न निकालने की सलाह दी है। इसकेसाथ ही इस्लामनगर, मुस्तफापुर, काजीपुरा, चटकाली और शरम सराय गांवों को बाढ़ के पानी ने घेर लिया है। इससे डरेलोगों ने दूसरे स्थानों पर शरण लेनी शुरू कर दी है।
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रामगंगा का जलस्तर बढ़ने से नैनीताल स्टेट हाईवे पर पानी दो किमी से होकर बह रहा है। इससे सड़क का कटान शुरू हो गया है। तीव्र गति से बह रहेपानी से होकर कार और बाइक का निकलना भी बंद हो गया है। हाईवे पर दोनों ओर पुलिस तैनात कर दी गई है। जलभराव से घिरे लोगों ने सुरक्षित ठिकाने तलाशना शुरू कर दिया है। हाईवे बंद होने से मंगलवार को ट्रैक्टर - ट्रालियों से लोगों को पार कराया गया।
नैनीताल हाईवे पर सोमवार को करीब 800 मीटर लंबाई मेंहोकर रामगंगा का पानी बह रहा था। मंगलवार को यह दो किमी से ज्यादा लंबाई में फैल गया। पानी केतेज बहाव से सड़क कटनी शुरू हो गई। जगहञजगह गहरी खाई बन गई हैं। इसकेचलते कार और बाइक का संचालन यहां से नहीं हो रहा है। हाईवे पर दोनों ओर तैनात पुलिस किसी को पैदल होकर भी नहीं निकलने दे रही है। इससे हादसा होने का खतरा बना रहता है। अब हाईवे को जलभराव वाले क्षेत्र से पार कराने में ट्रैक्टर-ट्राली ही सहारा बनी हैं। यहां पर करीगब दस ट्रैक्टर-ट्राली चलाए जा रहेहैं। इनमें एक बाइक को पार कराने के 50 रुपये और एक यात्री को पार कराने के20 रुपये लिए जा रहे हैं।
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नैनीताल हाईवे के ऊपर से होकर रामगंगा का करीब दो फीट पानी बह रहा है। पानी का बहाव इतनी तेज है कि लोगों का पैदल निकलना मुश्किल हो रहा है। इससे यूपी से उत्तराखंड को जाने वाले वाहनों का संचालन प्रभावित हुआ है। प्रशासन ने रात में उक्त मार्ग से वाहनों को न निकालने की सलाह दी है। इसकेसाथ ही इस्लामनगर, मुस्तफापुर, काजीपुरा, चटकाली और शरम सराय गांवों को बाढ़ के पानी ने घेर लिया है। इससे डरेलोगों ने दूसरे स्थानों पर शरण लेनी शुरू कर दी है।
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