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सगी चाची की हत्या में भतीजे समेत एक को आजीवन कारावास
Updated Wed, 25 Jul 2018 02:08 AM IST
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मुरादाबाद।
कुंदरकी के चर्चित जासमीन हत्या कांड में अदालत ने दो मुलजिम को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। मुकदमे की सुनवाई के दौरान तीसरे मुलजिम की मौत हो चुकी है। जो वादी का सगा भाई था।
थाना कुंदरकी क्षेत्र के ग्राम अहमद नगर जैतवाड़ा निवासी इरशाद ने जुलाई 2015 में मुकदमा दर्ज कराया कि उसके सगे भाई रजाबुल व उसके लड़के राबिल एवं एक अन्य आरोपी बाबू ने उसकी पत्नी जासमीन की गोली मारकर हत्या कर दी है। मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय एजाज अहमद अंसारी की अदालत में चल रही थी, जिसमें सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव अग्रवाल ने सरकार की ओर से पक्ष रखा। गवाही के दौरान पाया गया कि जासमीन और आरोपी रजाबुल के अवैध संबंध थे जो आरोपी के पुत्र राबिल को पसंद नहीं थे। राबिल ने दोनाें को समझाने का प्रयास भी किया था लेकिन जब वह नहीं माने तो राबिल ने अपने मित्र बाबू के साथ मिलकर जासमीन की गोली मारकर हत्या कर दी। मुकदमे के दौरान रजाबुल की मौत हो गई। शेष दोनाें आरोपियों को अदालत ने घटना का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास के साथ प्रत्येक पर दस हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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कुंदरकी के चर्चित जासमीन हत्या कांड में अदालत ने दो मुलजिम को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। मुकदमे की सुनवाई के दौरान तीसरे मुलजिम की मौत हो चुकी है। जो वादी का सगा भाई था।
थाना कुंदरकी क्षेत्र के ग्राम अहमद नगर जैतवाड़ा निवासी इरशाद ने जुलाई 2015 में मुकदमा दर्ज कराया कि उसके सगे भाई रजाबुल व उसके लड़के राबिल एवं एक अन्य आरोपी बाबू ने उसकी पत्नी जासमीन की गोली मारकर हत्या कर दी है। मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय एजाज अहमद अंसारी की अदालत में चल रही थी, जिसमें सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव अग्रवाल ने सरकार की ओर से पक्ष रखा। गवाही के दौरान पाया गया कि जासमीन और आरोपी रजाबुल के अवैध संबंध थे जो आरोपी के पुत्र राबिल को पसंद नहीं थे। राबिल ने दोनाें को समझाने का प्रयास भी किया था लेकिन जब वह नहीं माने तो राबिल ने अपने मित्र बाबू के साथ मिलकर जासमीन की गोली मारकर हत्या कर दी। मुकदमे के दौरान रजाबुल की मौत हो गई। शेष दोनाें आरोपियों को अदालत ने घटना का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास के साथ प्रत्येक पर दस हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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