{"_id":"5c180480bdec2257235e6057","slug":"141545077888-moradabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"फर्नीचर कारीगर की हत्या में दोषी को दस साल की कैद","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
फर्नीचर कारीगर की हत्या में दोषी को दस साल की कैद
Updated Tue, 18 Dec 2018 01:53 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुरादाबाद।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश शशिकांत शुक्ल की अदालत ने सिविल लाइंस के दो साल पुराने फर्नीचर कारीगर यूनुस हत्याकांड में मुलजिम शाह आलम उर्फ शुएब को दोषी करार देते हुए दस साल की सजा और तीस हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
भोजपुर के सिरसवां गौड़ निवासी यूनुस सिविल लाइंस में शौकीन के गोदाम में फर्नीचर कारीगर था। उसके साथ शाह आलम निवासी डिडौरा थाना मझोला भी काम करता था। सात मई 2016 को शाह आलम ने यूनुस के पेट में धारदार हथियार मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस केस की सुनवाई जिला जज की अदालत में चली। सरकार की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव कुमार सिंह और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव अग्रवाल ने पक्ष रखा और मुलजिम को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की दलीलें दीं। अदालत ने मुलजिम शाह आलम को इस मामले में गैर इरादतन हत्या का दोषी मानते हुए दस साल की कैद की सजा सुनाई।
विज्ञापन
जिला एवं सत्र न्यायाधीश शशिकांत शुक्ल की अदालत ने सिविल लाइंस के दो साल पुराने फर्नीचर कारीगर यूनुस हत्याकांड में मुलजिम शाह आलम उर्फ शुएब को दोषी करार देते हुए दस साल की सजा और तीस हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
भोजपुर के सिरसवां गौड़ निवासी यूनुस सिविल लाइंस में शौकीन के गोदाम में फर्नीचर कारीगर था। उसके साथ शाह आलम निवासी डिडौरा थाना मझोला भी काम करता था। सात मई 2016 को शाह आलम ने यूनुस के पेट में धारदार हथियार मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस केस की सुनवाई जिला जज की अदालत में चली। सरकार की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव कुमार सिंह और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव अग्रवाल ने पक्ष रखा और मुलजिम को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की दलीलें दीं। अदालत ने मुलजिम शाह आलम को इस मामले में गैर इरादतन हत्या का दोषी मानते हुए दस साल की कैद की सजा सुनाई।
विज्ञापन