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महिला को जिंदा जलाकर मारने में पति को उम्रकैद की सजा
Updated Thu, 09 Aug 2018 02:04 AM IST
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मुरादाबाद।
सिविल लाइंस के चर्चित त्रिवेणी हत्याकांड में एफटीसी तृतीय अभिनव कुमार मिश्र की अदालत ने पति को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। जबकि दोषी को पचास हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। बच्चा पैदा न होने पर पति ने त्रिवेणी पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी थी।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता नितिन गुप्ता ने बताया कि सिविल लाइंस थाने में दुर्गा दास सैनी ने नया गांव निवासी जागन सैनी के खिलाफ केस दर्ज कराया था। दुर्गा दास ने पुलिस को बताया कि उसने अपनी बहन त्रिवेणी की शादी जागन के साथ की थी। शादी के 18 साल बाद भी जब त्रिवेणी को कोई संतान नहीं हुई तो पति पत्नी में मनमुटाव रहने लगा। इसी विवाद में 23 दिसंबर 2015 को त्रिवेणी पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी थी। जिला अस्पताल में उपचार के दौरान महिला की मौत हो गई। महिला मृत्यु पूर्व बयान में कहा था कि उसे पति ने जलाया है। पुलिस ने केस दर्ज कर पति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके बाद केस की तफ्तीश के बाद अदालत में चार्जशीट दाखिल की। इस केस की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट तृतीय अभिनव कुमार मिश्र की अदालत में चली। सरकार की ओर से एडीजीसी नितिन गुप्ता ने पक्ष रखा और मुलजिम को सजा दिलाने को दलीलें दी। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद मुलजिम जागन को दोषी करार देते हुद उम्रकैद की सजा सुनाने के साथ ही पचास हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। सजा सुनाए जाने के बाद दोषी को कड़ी सुरक्षा में जेल भेज दिया।
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सिविल लाइंस के चर्चित त्रिवेणी हत्याकांड में एफटीसी तृतीय अभिनव कुमार मिश्र की अदालत ने पति को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। जबकि दोषी को पचास हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। बच्चा पैदा न होने पर पति ने त्रिवेणी पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी थी।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता नितिन गुप्ता ने बताया कि सिविल लाइंस थाने में दुर्गा दास सैनी ने नया गांव निवासी जागन सैनी के खिलाफ केस दर्ज कराया था। दुर्गा दास ने पुलिस को बताया कि उसने अपनी बहन त्रिवेणी की शादी जागन के साथ की थी। शादी के 18 साल बाद भी जब त्रिवेणी को कोई संतान नहीं हुई तो पति पत्नी में मनमुटाव रहने लगा। इसी विवाद में 23 दिसंबर 2015 को त्रिवेणी पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी थी। जिला अस्पताल में उपचार के दौरान महिला की मौत हो गई। महिला मृत्यु पूर्व बयान में कहा था कि उसे पति ने जलाया है। पुलिस ने केस दर्ज कर पति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके बाद केस की तफ्तीश के बाद अदालत में चार्जशीट दाखिल की। इस केस की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट तृतीय अभिनव कुमार मिश्र की अदालत में चली। सरकार की ओर से एडीजीसी नितिन गुप्ता ने पक्ष रखा और मुलजिम को सजा दिलाने को दलीलें दी। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद मुलजिम जागन को दोषी करार देते हुद उम्रकैद की सजा सुनाने के साथ ही पचास हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। सजा सुनाए जाने के बाद दोषी को कड़ी सुरक्षा में जेल भेज दिया।
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