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बुजुर्गों का रखें ख्याल, परिवार तभी रहेगा खुशहाल
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मुरादाबाद। परिवार में बुजुर्ग वट वृक्ष की तरह हैं। उनकी छांव में ही परिवार खुशहाल रहता है। कोरोनाकाल में बुजुर्ग संक्रमण की चपेट में आने की आशंका से खौफजदा हैं। हर जगह कोरोना की खबरें पढ़ और सुन रहे हैं। परिवार के सदस्यों का भावनात्मक सहारा नहीं मिलने पर मानसिक अवसाद का शिकार हो रहे हैं। मौसमी बदलाव से हल्की सी खांसी, जुकाम, बदन में दर्द और सांस फूलने जैसी समस्या होने पर डाक्टरों को फोन कर खुद को कोरोना आशंकित मानकर इम्युनिटी बढ़ाने की दवाएं पूछ रहे हैं। डाक्टर बुजुर्गों का हौसला बढ़ा रहे हैं। परिवार के सदस्यों को बुजुर्गों के साथ वक्त बिताने की सलाह दे रहे हैं।
सामान्य लोगों की तुलना में उम्रदराज लोगों की इम्युनिटी कमजोर होती है। कमजोर इम्युनिटी के लोग ही लापरवाही बरतने पर संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। इनमें सामान्य मरीजों की तुलना में रिकवरी की दर भी धीमी है। मुरादाबाद जिले में 51 लोगों की संक्रमण से मौत हो चुकी है। इनमें अधिकतर लोग 60 साल के अधिक उम्र के हैं। पहले से मधुमेह, किडनी, लीवर, कैंसर और हाई ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों से पीड़ित रहे हैं। कोरोनाकाल में परिवारों में बुजुर्ग सबसे अधिक खौफजदा हैं। मौसमी बदलाव से सर्दी, जुकाम, खांसी, गले में दर्द, बदन में दर्द और बुखार आम समस्या है। इनसे पीड़ित होते ही दहशत में आ रहे हैं। बुजुर्ग परिवार की खुशहाली हैं और उनको नजरअंदाज न करें।
चिकित्सकों की ओर से बुजुर्गों के लिए सलाह
- सुबह और शाम घर की छत पर टहलें
- समय पर खाना खाएं और भरपूर नींद लें
- दोस्तों से फोन और वीडियो कॉल पर बात करें
- पोता-पोती के साथ व्यस्त रहें
- दवाएं नियमित समय पर लें
- योग करें और इम्युनिटी बढ़ाने के लिए काढ़ा पीयें
- खाने में सलाद, हरी सब्जियां, दही, दूध और फल लें
ऐसे रखें बुजुर्गों का ख्याल
- सुबह चाय और नाश्ता उनके साथ करें
- समय पर उनको दवा और खाना दें
- सोते वक्त उनकी जरूरत की चीजें उनके पास रख दें
- टीवी पर कोरोना से जुड़ी खबरों के बजाए धार्मिक सीरियल लगाएं
- उनकी अनदेखी न करें और भावनात्मक सहारा दें
- सीजनल वायरल से पीड़ित हैं तो तत्काल डाक्टर से सलाह लें
- उनकी पुरानी यादों को साझा करें
- वायरल पीड़ित आठ से दस लोग कंट्रोल रूम में रोजाना फोन करते हैं। इनमें बुजुर्ग भी शामिल हैं। खुद को कोरोना की आशंका जताते हैं। ऐसे लोगों को घबराए बिना लक्षणों के आधार पर सेल्फ असेसमेंट करने की सलाह दी जाती है। जरूरत पड़ने पर चिकित्सक की सलाह पर कोविड जांच कराने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। - रघुवीर सिंह, प्रभारी कंट्रोल रूम स्वास्थ्य विभाग
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तनाव से खुद को बीमार बना रहे बुजुर्ग : डा. दीक्षांतर
मुरादाबाद। मनोचिकित्सक डा. दीक्षांतर बताते हैं कि मानसिक तनाव से बुजुर्ग छोटी सी बात पर झल्ला जाते हैं। उनको लगता है कोई उनकी नहीं सुनता है। गुस्से और चिड़चिड़ेपन से समय पर दवा और खाना तक भूल जाते हैं। उनको नींद नहीं आती है। कोरोनाकाल में अस्पताल पहुंचने वाले बुजुर्गों में इस तरह की शिकायत बढ़ी हैं। बताते हैं मुझे भूख नहीं लग रही। घबराहट महसूस होती है। सिर और बदन में दर्द रहता है। थोड़ा चलने में ही सांस फूल जाती है। उम्र और मौसमी बदलाव से इस तरह की समस्याएं आम हैं। कोरोनाकाल में परिवारों को अपने बुजुर्गों की अधिक देखभाल और उनके साथ भावनात्मक लगाव रखने की जरूरत है।
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सामान्य लोगों की तुलना में उम्रदराज लोगों की इम्युनिटी कमजोर होती है। कमजोर इम्युनिटी के लोग ही लापरवाही बरतने पर संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। इनमें सामान्य मरीजों की तुलना में रिकवरी की दर भी धीमी है। मुरादाबाद जिले में 51 लोगों की संक्रमण से मौत हो चुकी है। इनमें अधिकतर लोग 60 साल के अधिक उम्र के हैं। पहले से मधुमेह, किडनी, लीवर, कैंसर और हाई ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों से पीड़ित रहे हैं। कोरोनाकाल में परिवारों में बुजुर्ग सबसे अधिक खौफजदा हैं। मौसमी बदलाव से सर्दी, जुकाम, खांसी, गले में दर्द, बदन में दर्द और बुखार आम समस्या है। इनसे पीड़ित होते ही दहशत में आ रहे हैं। बुजुर्ग परिवार की खुशहाली हैं और उनको नजरअंदाज न करें।
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चिकित्सकों की ओर से बुजुर्गों के लिए सलाह
- सुबह और शाम घर की छत पर टहलें
- समय पर खाना खाएं और भरपूर नींद लें
- दोस्तों से फोन और वीडियो कॉल पर बात करें
- पोता-पोती के साथ व्यस्त रहें
- दवाएं नियमित समय पर लें
- योग करें और इम्युनिटी बढ़ाने के लिए काढ़ा पीयें
- खाने में सलाद, हरी सब्जियां, दही, दूध और फल लें
ऐसे रखें बुजुर्गों का ख्याल
- सुबह चाय और नाश्ता उनके साथ करें
- समय पर उनको दवा और खाना दें
- सोते वक्त उनकी जरूरत की चीजें उनके पास रख दें
- टीवी पर कोरोना से जुड़ी खबरों के बजाए धार्मिक सीरियल लगाएं
- उनकी अनदेखी न करें और भावनात्मक सहारा दें
- सीजनल वायरल से पीड़ित हैं तो तत्काल डाक्टर से सलाह लें
- उनकी पुरानी यादों को साझा करें
- वायरल पीड़ित आठ से दस लोग कंट्रोल रूम में रोजाना फोन करते हैं। इनमें बुजुर्ग भी शामिल हैं। खुद को कोरोना की आशंका जताते हैं। ऐसे लोगों को घबराए बिना लक्षणों के आधार पर सेल्फ असेसमेंट करने की सलाह दी जाती है। जरूरत पड़ने पर चिकित्सक की सलाह पर कोविड जांच कराने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। - रघुवीर सिंह, प्रभारी कंट्रोल रूम स्वास्थ्य विभाग
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तनाव से खुद को बीमार बना रहे बुजुर्ग : डा. दीक्षांतर
मुरादाबाद। मनोचिकित्सक डा. दीक्षांतर बताते हैं कि मानसिक तनाव से बुजुर्ग छोटी सी बात पर झल्ला जाते हैं। उनको लगता है कोई उनकी नहीं सुनता है। गुस्से और चिड़चिड़ेपन से समय पर दवा और खाना तक भूल जाते हैं। उनको नींद नहीं आती है। कोरोनाकाल में अस्पताल पहुंचने वाले बुजुर्गों में इस तरह की शिकायत बढ़ी हैं। बताते हैं मुझे भूख नहीं लग रही। घबराहट महसूस होती है। सिर और बदन में दर्द रहता है। थोड़ा चलने में ही सांस फूल जाती है। उम्र और मौसमी बदलाव से इस तरह की समस्याएं आम हैं। कोरोनाकाल में परिवारों को अपने बुजुर्गों की अधिक देखभाल और उनके साथ भावनात्मक लगाव रखने की जरूरत है।