UP: भाजपा के भीतरी घमासान के बीच चढ़ा सियासी तापमान, इन दो नेताओं के बीच टिकट की रस्साकशी; BJP के अलग-अलग गुट
मिश्रित आबादी के होते हुए भी शांत रहने वाले मुरादाबाद के नारायणपुर छंगा गांव में बृहस्पतिवार रात का पथराव और उससे गहराया तनाव जहां जिलेभर में चर्चा में है, वहीं इससे ठाकुरद्वारा क्षेत्र का सियासी पारा एकाएक ऊपर चढ़ गया है। अलग-अलग भाजपाई गुट इसी मामले को लेकर अपनी लकीर लंबी करने से ज्यादा दूसरे की लाइन छोटी करने में लगे हैं।
विस्तार
मिश्रित आबादी के होते हुए भी शांत रहने वाले मुरादाबाद के नारायणपुर छंगा गांव में बृहस्पतिवार रात का पथराव और उससे गहराया तनाव जहां जिलेभर में चर्चा में है, वहीं इससे ठाकुरद्वारा क्षेत्र का सियासी पारा एकाएक ऊपर चढ़ गया है।
शुक्रवार को भाजपा समेत अन्य राजनीतिक दलों के नेता इलाके में सक्रिय रहे तो सभी का केंद्र संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर का नाम लेकर आरक्षित वर्ग के मतदाताओं को रिझाना है। अरसे से भाजपा के प्रभाव वाली सीट रही ठाकुरद्वारा से भाजपा के टिकट के लिए भाजपाइयों के बीच अभी से खासी रस्साकशी है।
सियासी जानकारों का तो यह भी मानना है कि बृहस्पतिवार रात नारायणपुर छंगा में जो हुआ, उसके पीछे भी कहीं न कहीं भाजपाइयों की अंदरूनी खींचतान है। घटनाक्रम हो जाने के बाद अलग-अलग भाजपाई गुट इसी मामले को लेकर अपनी लकीर लंबी करने से ज्यादा दूसरे की लाइन छोटी करने में लगे हैं।
दरअसल पूर्व सांसद कुंवर सर्वेश सिंह के सांसद बनने से पहले ठाकुरद्वारा सीट लंबे समय तक उनके प्रभाव का बड़ा उदाहरण बनती रही है। भाजपा नेतृत्व भी हर विधानसभा चुनाव से पहले इस सीट को लेकर जीत के प्रति पूरी तरह आश्वस्त रहता था।
कुंवर सर्वेश सिंह के सांसद बनने के बाद भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह चौहान ठाकुरद्वारा से टिकट के दावेदार के रूप में आगे आए। उप चुनाव के लिए भाजपा ने टिकट दिया लेकिन वह सफल नहीं हुए थे। 2017 में फिर भाजपा ने विधानसभा चुनाव का टिकट दिया था।
साल 2022 में विधानसभा चुनाव आते ही सर्वेश सिंह ने ठाकुरद्वारा से अपनी पत्नी साधना सिंह और बिजनौर की बढ़ापुर सीट से बेटे के टिकट का दावा रखा। दूसरी ओर राजपाल सिंह के बेटे अमित चौहान को भी टिकट के दावेदार के रूप में आगे किया गया।
उनके सिंगापुर में बैंक के बड़े पद की नौकरी छोड़कर सियासी अखाड़े में उतरने की बात खूब प्रचार में रही थी। हालात देख भाजपा ने इन दोनों को साधने के लिए नए चेहरे के रूप में नारायणपुर छंगा गांव के रहने वाले अजय प्रताप सिंह को उम्मीदवार बना दिया।
नतीजों में अजय को विजय नहीं मिल सकी लेकिन अब वह आगामी चुनाव के टिकट की दावेदारी के साथ सक्रिय हैं। इस सीट पर एक पूर्व ब्लॉक प्रमुख सहित दो और दावेदार हैं।
क्षेत्र के लोगों ने बताया कि 14 अप्रैल को बाबा साहब के जन्मोत्सव के मौके पर राजपाल सिंह और उनके बेटे अमित चौहान ने नारायणपुर छंगा गांव पहुंचकर आंबेडकर प्रतिमा और पार्क की सफाई की। आंबेडकर जन्मोत्सव भी इसी गांव में मनाया।
इसका वीडियो काफी वायरल हुआ। इसकी प्रतिक्रिया अजय प्रताप समर्थकों में दूसरे रूप में हुई। अजय के गांव में पिता-पुत्र की सियासी सूझ वाली सक्रियता को समर्थकों ने अजय की जमीन पर सेंधमारी के रूप में देखा। नतीजे में दोनों के समर्थकों में खींचतान शुरू हो गई।
पथराव और मूर्ति क्षतिग्रस्त होने की घटना सामने आई
कुछ लोगों ने बताया कि बृहस्पतिवार की रात अजय प्रताप का जन्मदिन मनाने के दौरान के विवाद की बुनियाद में दोनों के समर्थकों के बीच की वही खींचतान थी। मसला बढ़ने से पथराव और मूर्ति क्षतिग्रस्त होने की घटना सामने आ गई। ठाकुरद्वारा थाने में शुक्रवार को दर्ज कराई रिपोर्ट में भी इसका जिक्र किया गया है।
एक हजार की आबादी के इस गांव में 500 मतदाता
अब हर भाजपाई गुट इस मामले की भरपाई की कोशिश में है। बता दें कि एक हजार की आबादी के इस गांव में 500 मतदाता हैं। इनमें 200 मतदाता अनुसूचित जाति, 150 कश्यप समाज और बाकी ठाकुर समाज से हैं।
कभी विवाद नहीं होने और जातीयता से ऊपर उठकर सबका मिलकर रहना गांव की खूबी मानी जाती थी। बृहस्पतिवार की रात के विवाद के बाद से गांव में दो पक्षों के बीच लंबी लकीर खिंचने की आशंका भाजपा नेतृत्व को बेचैन किए है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने भी मामले का लिया संज्ञान
ठाकुरद्वारा के गांव में विवाद के बीच डॉ. आंबेडकर की मूर्ति क्षतिग्रस्त होने का मसला भाजपा प्रदेश मुख्यालय तक भी पहुंच गया। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने फोन पर भाजपा नेताओं से बात कर पूरी रिपोर्ट ली।
उन्होंने कहा कि भाजपा की बाबा साहब भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर के प्रति गहरी आस्था है। इसी वजह से पार्टी राष्ट्रीय स्तर पर जयंती भी मना रही है। इस मामले में जिला प्रशासन कानून के मुताबिक कार्रवाई करेगा। पुलिस को निष्पक्ष कार्रवाई के लिए कहा गया है।
गांव पहुंचे कई दलों के नेता, कार्रवाई की मांग उठी
नारायणपुर छंगा गांव में शुक्रवार को एक तरफ पुलिस टीमें सक्रिय रहीं तो दूसरी ओर राजनीतिक दलों के नेता। एसपी ग्रामीण, एडीएम प्रशासन, एसडीएम और सीओ पूरे दिन गांव में कैंप करते रहे।
इस बीच बसपा के जिला सचिव डॉ रामपाल सिंह गौतम, पूर्व सांसद गिरीश चंद्र, आजाद समाज पार्टी के प्रदेश सचिव राजकुमार यादव एडवोकेट, सपा जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह यादव, भाजपा नेता राजपाल सिंह चौहान, अमित चौहान, भीम आर्मी के कार्यकर्ता सहित काफी संख्या में लोग गांव में पहुंचे।
नेताओं ने घायलों से मिलकर उनका हाल जाना और न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। शुक्रवार शाम आजाद समाज पार्टी और बसपा के नेता एसपी से मिले और एफआईआर की मांग की। दोनों पक्षों में लंबी बात के बाद कोतवाली में एफआईआर दर्ज कर ली गई।
ठाकुरद्वारा बवाल में भाजपा नेता समेत 162 पर रिपोर्ट, 12 नामजद
मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा थाना इलाके के नारायणपुर छंगा में आंबेडकर प्रतिमा क्षतिग्रस्त करने और विरोध करने पर अनुसूचित जाति के लोगों के घरों पर पथराव की घटना के बाद शुक्रवार को दिन भर गांव में पुलिस तैनात रही। राजनीतिक दल और कई संगठनों के लोग गांव में पहुंचे।
पुलिस की ओर से रिपोर्ट लिखने में देर की गई तो लोगों ने गांव के बाहर सड़क पर जाम लगने की कोशिश की। शुक्रवार की शाम ठाकुरद्वारा कोतवाली का घेराव करने की चेतावनी दी तो पुलिस ने भाजपा नेता अजय प्रताप सिंह और उनके भाई समेत 12 नामजद और 150 अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज कर ली।
ठाकुरद्वारा के नारायणपुर छंगा गांव निवासी अजय प्रताप सिंह 2022 में ठाकुरद्वारा विधान सभा सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़े थे। इस चुनाव में उनकी हार हुई थी। बृहस्पतिवार को गांव में भाजपा नेता ने अपना जन्मदिन मनाया था। जन्मदिन में शामिल होने के लिए आसपास के गांवों के लोग पहुंचे थे।
पुलिस के मुताबिक जन्मदिन में शामिल होने आए लोगों ने अपनी गाड़ियां आंबेडकर प्रतिमा के पास खड़ी कर दी थीं। इस पर लोगों ने एतराज जताते हुए गाड़ी वहां से हटाने को कहा। बस इसी पर विवाद शुरू हो गया। पहले कहासुनी हुई और फिर पथराव होने लगा। इस दौरान प्रतिमा भी क्षतिग्रस्त हो गई थी।
इसके बाद गांव में बवाल हो गया। सूचना पर एसपी देहात कुंवर आकाश सिंह कई थानों की फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए थे। देर रात पुलिस अधिकारियों ने लोगों को समझाकर शांत करा दिया था लेकिन शुक्रवार की सुबह से ही राजनीतिक पार्टी और संगठनों के लोग गांव में आना शुरू हो गए।
दिन भर गांव में हंगामा होता रहा। शुक्रवार की शाम रिपोर्ट दर्ज होने के बाद ही लोग शांत हुए। नारायणपुर छंगा गांव निवासी मलखान सिंह की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। जिसमें उन्होंने बताया कि गांव में पार्क में डॉ. बीआर आंबेडकर की प्रतिमा लगी है।
14 अप्रैल को उन्होंने भाजपा पूर्व जिला अध्यक्ष राजपाल सिंह चौहान और अमित चौहान को आंबेडकर जयंती के कार्यक्रम में बुलाया था। कार्यक्रम काे लेकर गांव के अजय प्रताप सिंह, उनके भाई अभय प्रताप सिंह समेत अन्य लोग उनसे रंजिश रखने लगे थे। आरोप है कि दोनों भाइयों ने धमकी दी थी।
16 अप्रैल की रात करीब 10:00 बजे आरोपियों ने आंबेडकर पार्क की बिजली लाइन को साजिश से बंद कर दिया और आंबेडकर की प्रतिमा पर पथराव कर क्षतिग्रस्त कर दिया। फायरिंग करने का भी आरोप है। विरोध करने पर जाति सूचक शब्दों का प्रयोग किया और घर में घुसकर तोड़फोड़ और महिलाओं के साथ मारपीट की।
इस हमले में प्रकाश वीर, राम सिंह, मानसी, रूबी, मलखान सिंह, ग्रंथ कुमार, घनश्याम, कुसुम, राहुल, पवनेश वीर घायल हो गए थे। इनमें गंभीर घायल पवनेश और राम सिंह को जिला अस्पताल रेफर किया गया है। एसएसपी सतपाल अंतिल ने बताया कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। गांव में पूरी तरह से शांति है। इसी तरह का तनाव नहीं हैं। क्षतिग्रस्त प्रतिमा की मरम्मत करा दी गई है। एहतियातन गांव में पुलिस तैनात है।
पुलिस ने दूसरे पक्ष के इन लोगों का भी कराया है मेडिकल
ठाकुरद्वारा। बृहस्पतिवार की रात घटना के बाद पुलिस ने दूसरे पक्ष के घायल रमनावाला निवासी मंगेश सिंह, सुरजननगर निवासी अमित कुमार, पीपली घनश्याम निवासी शैलेंद्र कुमार और नारायणपुर चंगा निवासी परवेश का भी मेडिकल कराया था। इस पक्ष की ओर से अभी पुलिस को तहरीर नहीं मिली है।
इनके खिलाफ दर्ज की रिपोर्ट
भाजपा नेता अजय प्रताप सिंह, इनके भाई अभय प्रताप सिंह और गांव निवासी तेज प्रकाश, निपेंद्र, हिमांशु, तुषार, सूर्य प्रताप, नरेंद्र, राजीव, महेश, हर्षित, कौशल और 150 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
इन धाराओं में दर्ज दर्ज की गई है रिपोर्ट
ठाकुरद्वारा थाने में बीएनएस की धारा 191( 2), 191(3),190,333,74,115 (2)118(1),352, 351(2),351(3),324 (4),196 और एससी एसटी एक्ट में रिपोर्ट दर्ज की गई है।