UP: मुरादाबाद में बकरीद पर 11 सेक्टरों में बांटा शहर, ड्रोन से होगी निगरानी, वाहनों के लिए सात तक रूट डायवर्जन
बकरीद के मद्देनजर मुरादाबाद शहर को 11 सेक्टरों में बांटा गया है। साथ ही सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। हर सेक्टर में मजिस्ट्रेट, सीओ और पुलिस टीमें तैनात की गई हैं। ईदगाह में 7:30 बजे नमाज अदा की जाएगी।
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बकरीद को लेकर शहर को 11 सेक्टर में बांटा गया है। सेक्टर में सीओ और मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में पुलिस टीमों को तैनात किया गया है। बकरीद की नमाज के दौरान ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी। ईदगाह में शनिवार सुबह 7:30 बकरीद की नमाज होगी। इस दौरान ईदगाह की ओर आने वाले सभी रास्तों पर यातायात बंद रहेगा।
केवल पैदल जाने वालों को ही अनुमति मिलेगी। सात जून को शहर में रूट डायवर्जन भी रहेगा। शनिवार दोपहर 12 बजे तक शहर में वाहनों की नो एंट्री रहेगी। एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि शहर को 11 सेक्टर में बांटा गया है। हर सेक्टर में मजिस्ट्रेट, सीओ और इंस्पेक्टर रहेंगे। शहर में सुरक्षा के लिहाज से नौ डीएसपी, 15 इंस्पेक्टर, 80 दरोगा और 400 से अधिक पुलिसकर्मी ड्यूटी के लिए लगाए गए हैं।
30 ऊंची बिल्डिंग में रूफटॉप ड्यूटी, चार वॉच टावर, 100 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। ईदगाह क्षेत्र की ड्रोन कैमरों से निगरानी की जाएगी। इसके अलावा शहर में 17 बैरियर लगाए गए हैं और यहां बॉडीवार्न कैमरे से लैस पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। पीएसी की एक कंपनी भी तैनात की गई है। एसपी सिटी ने लोगों से शांतिपूर्वक त्योहार मनाने की अपील की। कहा कि कोई भी व्यक्ति नई परंपरा डालने का प्रयास न करे।
आधे घंटे में उठेगा ओज चारों जोन में टीमें गठित
बकरीद के त्योहार को लेकर नगर निगम ने अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। बृहस्पतिवार को नगर आयुक्त ने निगम के अधिकारियों के साथ बैठक कर निर्देशित किया कि बकरीद के दिन पानी की निर्बाध आपूर्ति की जाए और हर तीस मिनट पर ओज उठाने की व्यवस्था की जाए। सभी चार जोनों में आठ क्यूआरटी (क्विक रिस्पांस टीम) का भी गठन किया गया।
नगर आयुक्त ने निगम के आलाधिकारियों को भी जिम्मेदारी सौंपी है कि वह मोबाइल वाहन लेकर माॅनीटरिंग करेंगे। सभी जोन में नोडल अधिकारियों की भी नियुक्ति कर दी गई है। नगर आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सड़कों की सफाई, यातायात व्यवस्था, जल छिड़काव, फॉगिंग, चूना का छिड़काव आदि के कार्य गठित टीमें समय से करेंगी। इसके अलावा पेयजल के लिए पर्याप्त टैंकर की भी व्यवस्था की जाएगी।
बकरीद पर अमन की अपील
नेशनल सोशल ऑर्गनाइज़ेशन के अध्यक्ष मिर्जा अरशद बेग ने बकरीद पर मुस्लिम समाज से अमन व साफ-सफाई बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि कुर्बानी के दौरान कानून का पालन करें, प्रतिबंधित जानवरों की कुर्बानी से बचें और मलबा गलियों में न फेंकें। नारेबाजी और प्रदर्शन से बचें, गरीबों तक गोश्त पहुंचाएं और प्रशासन से समन्वय बनाकर चलें।
बकरीद कल, बकरा मंडियों में देर शाम तक रही भीड़
बकरीद को लेकर बृहस्पतिवार को बकरा मंडियों में काफी भीड़ रही। वहीं ईदगाह में नमाज की तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया। शुक्रवार सुबह ईदगाह मैदान में सफें बनाने का काम शुरू किया जाएगा। उलमा ने भी कुर्बानी के इस त्योहार को मिलजुल कर मनाने के साथ बकरा खरीदने, कुर्बानी कराने और कुर्बानी के बाद खास एहतियात बरतने की अपील की।
हजरत इब्राहीम की अल्लाह के प्रति वफादारी और कुर्बानी की भावना की याद में बकरीद (ईद-उल-अजहा) का त्योहार सात जून को मनाया जाएगा। वार्ड-46 के पार्षद राशिद हसन की अगुवाई में ईदगाह कमेटी की ओर से ईदगाह मैदान में विभिन्न स्थानों पर हुए गड्ढों को पाटने और ईदगाह मैदान में उगी झाड़ियों को काटने का काम किया गया। वहीं नगर निगम के सफाईकर्मियों ने ईदगाह मैदान पहुंच कर वहां साफ-सफाई की व्यवस्था की।
पार्षद ने बताया कि शुक्रवार सुबह ईदगाह मैदान में चूने की लाइन से सफें बनाने का काम ईदगाह कमेटी द्वारा किया जाएगा। ईदगाह चौराहा के निकट और रामपुर दोराहा पर बकरीद के मौके पर लगी बकरों की अस्थायी मंडी में भी विभिन्न स्थानों से बकरा बेचने आए लोगों की खासी भीड़ रही। सुबह से लेकर देर शाम तक कुर्बानी के लिए लोग बकरा खरीदते देखे गए।
तीन हिस्सों में बांटा जाता है कुर्बानी का मांस
बकरीद के मौके पर जानवर की कुर्बानी के बाद उसका मांस जरूरतमंदों, रिश्तेदारों व अपने लिए तीन हिस्सों में बांटा जाता है। उलमा के मुताबिक कुर्बानी के लिए खरीदा जाने वाला बकरा सेहतमंद, बिना किसी बीमारी और शारीरिक कमी (लंगड़ापन, अंधापन आदि) का होना चाहिए। जानवर की तंदुरुस्ती और शरई शर्तें पूरी करना बहुत जरूरी है, ताकि कुर्बानी कुबूल हो।
कुर्बानी हजरत इब्राहीम और उनके बेटे हजरत इस्माइल की यादगार है। बकरीद का दिन हमें अल्लाह की राह में त्याग और समर्पण का पैगाम देता है। कुर्बानी के जरिये हमें जरूरतमंदों की मदद और समाज में समानता का संदेश देना चाहिए। - मुफ्ती सैयद फहद अली, नायब शहर इमाम
बकरीद, अल्लाह के हुक्म पर जान देने की इब्राहीमी भावना का प्रतीक है। यह कुर्बानी केवल जानवर की नहीं, बल्कि नफ्स, लालच और अहंकार की भी होनी चाहिए। - मुफ्ती दानिश कादरी, नायब सदर मरकजी जमीअत अहले सुन्नत, मुरादाबाद