{"_id":"6ad296b062cee440520bf39d","slug":"an-enchanting-enactment-of-the-eating-of-mud-episode-from-the-divine-play-leela-of-shri-krishna-along-with-the-revelation-of-the-entire-universe-within-him-kanth-news-c-279-1-mo11005-117693-2026-10-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Moradabad News: श्री कृष्ण लीला में माटी खावन लीला और श्री कृष्ण के ब्रह्मांड का दर्शन कराने का मनमोहन मंचन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Moradabad News: श्री कृष्ण लीला में माटी खावन लीला और श्री कृष्ण के ब्रह्मांड का दर्शन कराने का मनमोहन मंचन
Sat, 17 Oct 2026 02:57 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
Updated Sat, 17 Oct 2026 02:57 AM IST
विज्ञापन
ठाकुरद्वारा। श्री कृष्ण रासलीला में शुक्रवार को मथुरा वृंदावन के कलाकारों ने भगवान श्री कृष्ण के मिट्टी खाने की माटी खावन लीला और माता यशोदा को मुंह खोलकर ब्रह्मांड के दर्शन करने की लीला का मनमोहक मंचन किया। मंचन को देखकर पंडाल स्थल पर श्री कृष्ण के जयकारे गूंजते रहे।
राधा कृष्ण की झांकी की पूजा अर्चना के बाद कलाकारों ने बताया कि श्री कृष्ण ग्वालों के साथ जंगल में खेलने जाते हैं। वहां पर वे मिट्टी खाने लगते हैं। ऐसा वह बृज रज (माटी) का सम्मान करने के लिए करते हैं। जिसकी शिकायत उनके साथ खेल रहे ग्वाले उनकी मां यशोदा से करते हैं। इस पर यशोदा उन्हें डांटती हैं। माता यशोदा श्री कृष्ण से अपना मुंह खोल कर दिखाने को कहती हैं लेकिन श्री कृष्ण बार-बार इधर-उधर भागने लगते हैं। यशोदा मां के जोर देने पर श्री कृष्ण अपनी मां यशोदा को अपना मुख खुलकर दिखाते हैं। तो उसने ब्रह्मांड के दर्शन होते हैं। श्री कृष्ण के मुंह में ब्रह्मांड देखकर यशोदा बेचैन हो जाती हैं। तब श्री कृष्ण इस याद को उनसे भुला देते हैं। आरती और प्रसाद वितरण के साथ प्रसंग का समापन होता है। कार्यक्रम का संचालन रामलीला कमेटी के अध्यक्ष अवनीश कुमार शर्मा, संरक्षक दिनेश कुमार पूठिया ने किया।
विज्ञापन
राधा कृष्ण की झांकी की पूजा अर्चना के बाद कलाकारों ने बताया कि श्री कृष्ण ग्वालों के साथ जंगल में खेलने जाते हैं। वहां पर वे मिट्टी खाने लगते हैं। ऐसा वह बृज रज (माटी) का सम्मान करने के लिए करते हैं। जिसकी शिकायत उनके साथ खेल रहे ग्वाले उनकी मां यशोदा से करते हैं। इस पर यशोदा उन्हें डांटती हैं। माता यशोदा श्री कृष्ण से अपना मुंह खोल कर दिखाने को कहती हैं लेकिन श्री कृष्ण बार-बार इधर-उधर भागने लगते हैं। यशोदा मां के जोर देने पर श्री कृष्ण अपनी मां यशोदा को अपना मुख खुलकर दिखाते हैं। तो उसने ब्रह्मांड के दर्शन होते हैं। श्री कृष्ण के मुंह में ब्रह्मांड देखकर यशोदा बेचैन हो जाती हैं। तब श्री कृष्ण इस याद को उनसे भुला देते हैं। आरती और प्रसाद वितरण के साथ प्रसंग का समापन होता है। कार्यक्रम का संचालन रामलीला कमेटी के अध्यक्ष अवनीश कुमार शर्मा, संरक्षक दिनेश कुमार पूठिया ने किया।
विज्ञापन