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मिड डे मील खाने के बाद रजिस्टर में हस्ताक्षर करेंगे बच्चे, पारदर्शिता लाने की नई पहल
Thu, 31 Jan 2019 02:27 AM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुरादाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुरादाबाद
Published by: Vikas Kumar
Updated Thu, 31 Jan 2019 02:27 AM IST
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mid day meal
- फोटो : फाइल फोटो
सरकारी स्कूलों में मिड डे मील योजना में भोजन लेने वाले बच्चे अब रजिस्टर में हस्ताक्षर करेंगे। रजिस्टर में बच्चों के हस्ताक्षर के आधार पर ही योजना का भुगतान किया जाएगा। योजना में भोजन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए शासन ने नई कवायद शुरू की है। अपर मुख्य सचिव डॉ. प्रभात कुमार ने जिलाधिकारी को इसके आदेश जारी कर दिए हैं।
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मध्याह्न भोजन वितरण व्यवस्था में तमाम खामियां हैं। भोजन की गुणवत्ता से लेकर वितरण में अनियमितताएं होती हैं। मुरादाबाद जिले में एक लाख 97 हजार बच्चों को मध्याह्न भोजन वितरण होता है। भोजन की गुणवत्ता खराब होने से आधे से ज्यादा बच्चे खाना नहीं खाते हैं। लेकिन स्कूलों के रिकॉर्ड में भोजन लेने वाले बच्चों की संख्या अधिक दर्शाई जाती है। प्रशासनिक एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों से लेकर राज्य बाल संरक्षण आयोग अध्यक्ष की छापामारी में इसका खुलासा भी हो चुका है। भोजन वितरण करने वाली एजेंसियों को अनुबंध निरस्त करने के नोटिस जारी होने के बाद भोजन की गुणवत्ता में थोड़ा सुधार जरूर आया है।
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शासन ने अब वितरण में पारदर्शिता के लिए बच्चों के रजिस्टर में हस्ताक्षर की अनिवार्यता कर दी है। अपर मुख्य सचिव ने बांदा जिले का हवाला देते हुए सभी जिलों में इस व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने के आदेश जारी किए हैं। बांदा जिले में ट्रायल के तौर पर हस्ताक्षर करने की व्यवस्था सफल हुई है। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि दोपहर में मध्याह्न भोजन के बाद बच्चे रजिस्टर में रोजाना हस्ताक्षर करेंगे। कक्षा एक और दो के जो बच्चे हस्ताक्षर नहीं कर पाएंगे, उन्हें उनके नाम के शुरुआती वर्णमाला के अक्षर सीखाए जाएं। उनका एक अक्षर ही उनके हस्ताक्षर माना जाएगा। आदेश में कहा गया है स्कूलों में पंजीकृत छात्र संख्या के आधार पर कक्षावार रजिस्टर बनाया जाएगा। उसमें सभी बच्चों के नाम दर्ज होंगे। जो बच्चे अनुपस्थित होंगे, स्कूल शिक्षक उसी दिन छुट्टी से पहले लाल स्याही से अनुपस्थित मार्क करेंगे।
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