UP: मुरादाबाद में आठ डॉक्टरों समेत 77 स्वास्थ्यकर्मियों पर कार्रवाई, सभी का कटेगा वेतन, ड्यूटी से मिले नदारद
मुरादाबाद में सीएमओ के औचक निरीक्षण में 26 पीएचसी में आठ डॉक्टरों समेत 69 स्वास्थ्यकर्मी गैरहाजिर पाए गए। सभी का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश और सभी को नोटिस दिया गया है।
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हाजिरी लगाने के बाद अस्पताल से गायब होकर विभाग की आंखों में धूल झोंक रहे डॉक्टरों व अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की पोल सोमवार को खुल गई। सीएमओ डॉ. कुलदीप सिंह व उनकी टीम ने 26 पीएचसी का औचक निरीक्षण किया। आठ स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रभारी चिकित्साधिकारी ही गायब मिले।
साथ ही फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन समेत 69 स्वास्थ्यकर्मी भी रजिस्टर में उपस्थित दर्ज कर नदारद मिले। सीएमओ ने सबको आड़े हाथों लिया और कार्यालय में तलब किया है। उन्होंने आठों डॉक्टरों समेत सभी स्वास्थ्यकर्मियों का वेतन काटने के आदेश जारी किए हैं।
साथ ही कारण बताओ नोटिस और सेवा समाप्ति की चेतावनी दी है। इस कार्रवाई के बाद लापरवाह डॉक्टरों व स्टाफ में हड़कंप मचा है। कोई बच्चे की बीमारी तो कोई घर में जरूरी काम होने का हवाला देकर जान बचाने में लगा हुआ है।
हालांकि, अब तक किसी को रियायत नहीं मिली है। कई माह से सीएमओ कार्यालय में शिकायतें आ रही थीं कि पीएचसी पर डॉक्टर व अन्य स्वास्थ्यकर्मी ज्यादातर दिनों में गायब रहते हैं। ऐसे में सीएमओ में खुद कई केंद्रों का जायजा लिया।
डिप्टी सीएमओ डॉ. संजीव बेलवाल के साथ एक टीम बनाकर अलग-अलग स्वास्थ्य केंद्रों पर भेजा। इससे हकीकत सामने आ गई। स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनात डॉक्टरों का वेतन 55 से 60 हजार रुपये प्रतिमाह है। घर बैठकर वेतन लेने वाले इन डॉक्टरों व स्टाफ पर बड़ी कार्रवाई भी हो सकती है।
पीएचसी के अलावा सीएमओ की टीम ने मलेरिया कार्यालय का भी जायजा लिया। वहां तीन मलेरिया निरीक्षकों समेत स्टाफ गायब मिले। उनका भी वेतन काटने के आदेश जारी किए गए हैं। निरीक्षण में डिप्टी सीएमओ डॉ. संजीव बेलवाल, डीपीएम रघुवीर सिंह, प्रमोद कुमार आदि मौजूद रहे।
यह डॉक्टर व स्वास्थ्यकर्मी मिले गैरहाजिर
मझोली पीएचसी से डॉ. अविरल कुमार, शिवनगर पीएचसी से डॉ. नायाब मलिक, कंजरी सराय से डॉ. रुचि अग्रवाल, आदर्श नगर से डॉ. विश्वजीत मजूमदार, कटघर से डॉ. हिमानी जैन, हरथला झांझनपुर से डॉ. ऋचा लोचब, नया गांव से डॉ. आरके सिंह और बंगला गांव से डॉ. फरमान मलिक गैरहाजिर मिले।
मलेरिया निरीक्षक वकुल गौतम, अमित कुमार, रजनी शर्मा समेत सात कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। एआरओ हुकुम सिंह, फार्मासिस्ट हंसराज यादव, एलटी चंचल मिश्रा, एएनएम आरती सिंह, कमलेश, संगीता, फार्मासिस्ट रहीस पाल यादव, एलटी शिवानी यादव, राजकुमार, स्नेहा गौतम, रवि गौतम, ललित कुमार, बीनू गुप्ता, प्रियंका गौतम, फुरकान, माया रानी, बबिता, सोनिया, नीतू रानी, यूनूस अली, मुदस्सर नजर, चमनवती, सुषमा देवी, वंदना गौरव, अखिलेश, शोभा रानी, रहमत बी, सुनीता रानी, वंदना चौधरी, पारुल गोयल, मल्लिका तरन्नुम, तबस्सुम, शर्मिला आचार्य, फरहा परवीन, संजीता, माया रानी आदि के खिलाफ कार्रवाई हुई है।
ड्यूटी से गैरहाजिर मिले सभी डॉक्टरों व अन्य स्वास्थ्यकर्मियों का वेतन काटा जा रहा है। बहुत जल्द दोबारा औचक निरीक्षण किया जाएगा। सभी को अंतिम चेतावनी दी गई है। अगली बार गैरहाजिर मिलने पर सेवा समाप्त कर दी जाएगी। बारी-बारी से हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों, पीएचसी व सीएचसी का निरीक्षण किया जाएगा। - डॉ. कुलदीप सिंह, सीएमओ
बिना लाइसेंस चल रहा मेडिकल स्टोर सील
औषधि प्रशासन विभाग ने चक्कर की मिलक में आरटीओ रोड पर छापा मारकर बिना लाइसेंस चल रह मेडिकल स्टोर को सील कर दिया। टीम ने तीन दवाओं के सैंपल भी लिए, जिन्हें जांच के लिए भेजा गया। अन्य दवाओं को जब्त कर लिया। डिप्टी सीएमओ के निर्देशन में यह कार्रवाई हुई।
सहायक आयुक्त औषधि को शिकायत मिली कि पुरानी आरटीओ रोड पर अवैध ढंग से मेडिकल स्टोर काफी दिनों से संचालित हो रहा है। इस मामले में डिप्टी सीएमओ डॉ. संजीव बेलवाल और ड्रग निरीक्षक उर्मिला वर्मा ने अतीक अहमद के मेडिकल स्टोर पर छापा मारा। जांच के दौरान अतीक मेडिकल स्टोर का लाइसेंस नहीं दिखा सका।
जांच में पता चला कि वह झोलाछाप है और काफी दिन से आवास के भूतल में बिना लाइसेंस मेडिकल स्टोर से दवाओं को बेच रहा है। मेडिकल स्टोर के ऊपर उसका आवास है। निरीक्षक ने मेडिकल स्टोर से दवाओं के तीन सैंपल भर लिए।
साथ ही 15 हजार कीमत की एलोपैथिक दवाओं को जब्त कर लिया। सैंपल जांच के लिए लखनऊ भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने पर औषधि विभाग मेडिकल स्टोर संचालक के खिलाफ कोर्ट में वाद दायर करेगा। डिप्टी सीएमओ ने बताया कि आरोपी मेडिकल स्टोर संचालक के खिलाफ केस दर्ज कराया जाएगा।