फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   200 Waqf properties on government land in Moradabad, Azam Jauhar University also included

रिपोर्ट में खुलासा: मुरादाबाद में सरकारी भूमि पर वक्फ की 200 से अधिक संपत्तियां, आजम का जाैहर विवि भी शामिल

Thu, 23 Jan 2025 06:21 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद Published by: विमल शर्मा Updated Thu, 23 Jan 2025 06:21 PM IST
सार

मुरादाबाद मंडल में वक्फ बोर्ड की 200 से ज्यादा संपत्तियां सरकारी जमीन पर पाई गई हैं। इसमें रामपुर का जौहर विश्वविद्यालय और संभल के गुमसानी स्थित महादेव मंदिर शामिल हैं। मंडल में वक्फ संपत्तियों का सत्यापन पूरा कर शासन को रिपोर्ट भेजी गई है।

विज्ञापन
200 Waqf properties on government land in Moradabad, Azam Jauhar University also included
कमिश्नर आंजनेय कुमार सिंह ने दी जानकारी - फोटो : संवाद

विस्तार

मुरादाबाद मंडल में वक्फ की दावेदारी वाली 200 से ज्यादा संपत्तियां सरकारी जमीन पर हैं। शासन को हाल ही में भेजी गई रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। इसमें रामपुर के जौहर विश्वविद्यालय की काफी जमीन व गुमसानी स्थित महादेव मंदिर भी शामिल है। मुरादाबाद जिले में भी कई हेक्टेयर सरकारी जमीन वक्फ के नाम पर दर्ज पाई गई।

विज्ञापन


मंडल में इस तरह की सबसे ज्यादा संपत्तियां मुरादाबाद में ही हैं। शासन के निर्देश पर मंडल में वक्फ की संपत्तियों का सत्यापन कर लिया गया है। इस संबंध में कमिश्नर ने सभी जिलों के अधिकारियों के साथ बैठक के बाद शासन को डाटा भेजा है। मुरादाबाद जिले में प्रशासन के रिकॉर्ड में वक्फ की 1600 संपत्तियां मुरादाबाद में हैं, जबकि वक्फ बोर्ड का दावा 8000 से ज्यादा संपत्तियों पर है।
विज्ञापन


वहीं रामपुर के जौहर विश्वविद्यालय के मामले में कमिश्नर का कहना है कि शत्रु संपत्ति को वक्फ की संपत्ति दर्शाया गया था। बाद में संबंधित व्यक्ति ने आकर उस संपत्ति पर अपना दावा भी ठोका। वहीं संभल के गुमसानी गांव के महादेव मंदिर को वक्फ में दर्शाया गया है। यह मंदिर 1.47 हेक्टेयर में फैला हुआ है। प्रशासन ने मामले की जांच कराई तो पता चला कि मंदिर ट्रस्ट की जमीन पर है।
विज्ञापन
विज्ञापन


हालांकि, इस मामले में निर्णय क्या रहा, इसकी जानकारी प्रशासन ने साझा नहीं की है। पुराने रिकॉर्ड के मुताबिक मंदिर सहित 6.5 एकड़ जमीन को हड़पकर अवैध कब्जा करने की कोशिश की गई थी। 

कानून में संशोधन के बाद दिखेगा असर

कमिश्नर आंजनेय कुमार सिंह ने बताया कि फिलहाल प्रशासनिक स्तर से कोई कार्रवाई या आगे की जांच नहीं की जा रही है। शासन को अभी सिर्फ जानकारी भेजी गई है। माना जा रहा है कि वक्फ बोर्ड अधिनियम में संशोधन के बाद इन संपत्तियों पर बड़ा असर देखनेे को मिल सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed