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शहर में हुआ जलभराव
Updated Wed, 04 Jul 2018 02:36 AM IST
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मुरादाबाद।
सोमवार रात को हुई बारिश का पानी महानगर में मंगलवार तक भरा रहा। जल निकासी का प्रबंध न होने के कारण पानी को निकलने में 20 घंटे का समय लग गया। पार्षदों के घरों के आसपास में भी जलभराव रहा और लोगों को निकलने को रास्ता नहीं मिला। नगर निगम की लापरवाही का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ा। हल्की बारिश से ही एक ओर जहां जलभराव हो गया, वहीं लोगों को डर है कि भारी बारिश होने या लगातार बारिश होने पर शहर का क्या हाल होगा?
सांसद की बात भी हुई दरकिनार
सांसद सर्वेश कुमार सिंह पिछले दिनों पीतल बस्ती के सूरजनगर में भ्रमण पर गए थे। उक्त कालोनी को जाने वाले मुख्य मार्ग व गली में सूखे मौसम में भी पानी भरा था। उस समय सांसद ने नगर निगम अफसरों को बुलाकर उक्त मार्ग को 15 दिन में बनवाने के आदेश दिए थे। उसके बावजूद निगम अफसरों ने इसकी सुध नहीं ली। सोमवार की बारिश के बाद जलभराव होने से इस क्षेत्र के लोगों का बाहर निकलने का रास्ता ही बंद हो गया। इससे नाराज लोगों ने मंगलवार को प्रदर्शन कर नगर निगम के विरोध में नारेबाजी की। इसके साथ ही कोर्ट रोड, सिविल लाइन, लाजपतनगर, रेती स्ट्रीट व हरथला कालोनी में भी जलभराव का सामान करना पड़ा। इसके साथ ही मंगलवार को बुद्धिविहार, चौमुखा पुल और गलशहीद क्षेत्रों में नालों की सफाई कराई गई।
पार्षदों के आवास भी नहंी बचे
जलभराव व अन्य समस्याओं को लेकर लोग पार्षदों के पास पहुंचते हैं, लेकिन इस बार बारिश में खुद पार्षद ही परेशान हो गए। वार्ड 48 के पार्षद कुलदीप नारायण के घर के सामने भारी जलभराव हो गया। उसमें से होकर दोपहिया वाहन भी नहीं निकल पाए। इसी तरह वार्ड 19 के पार्षद डिंपल सिंह अर्स के आवास के बाहर सड़क पर कीचड़ के चलते लोगों को निकलने में परेशानी हुई। यहां सीवर खुदाई से निकाली गई मिट्टी से मुख्य मार्ग ताड़ीखाना पर कीचड़ हो गई। वार्ड 69 के पार्षद सद्दाम हुसैन के आवास को जाने वाले मार्ग पर भी जलभराव व कीचड़ होने से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी।
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वार्ड 48 के पार्षद कुलदीप नारायण के यहां नाला निर्माण का वर्क आर्डर दो साल पहले कर दिया गया था। उसके बावजूद निर्माण शुरू नहीं हो पाया है। इसी तरह वार्ड 19 में जेल के पीछे वाले भूमिगत नाले को निगम अफसरों ने सफाई की सूची में शामिल ही नहीं किया। पार्षद सरदार डिंपल सिंह के विरोध जताने पर अधिकारियों ने भूलवश छूटने की बात कहते हुए तत्काल प्रस्ताव तैयार किया। नगर आयुक्त ने जेई को मौके पर बुलाकर फाइल पर हस्ताक्षर किए और दो दिन में काम शुरू करने के आदेश दिए। इसी बीच ट्रांसफर हो जाने पर संबंधित जेई नगर आयुक्त के आदेश वाली पत्रावली अपने साथ लेकर चला गया। 15 दिन बीत जाने पर भी वह पत्रावली नहीं लौटा रहा है। इससे काम शुरू नहीं हो पाया और जलभराव हो गया।
रेलवे के कारण हुआ जलभराव
महापौर विनोद अग्रवाल ने बताया कि महानगर में ज्यादातर स्थानों पर पानी बारिश बंद होते ही निकल गया। रेलवे स्टेशन के सामने रोडवेज के बराबर में पुलिया सिल्ट और कबाड़ से बंद है। इसके कारण आसपास के वार्ड का निकलने वाला पानी करूला नाले तक नहीं पहुंच पा रहा है। इस संबंध में रेलवे को लगातार पत्राचार किया जा रहा है, लेकिन सफाई नहीं कराई गई। महापौर ने बताया कि बुधवार दोपहर इस पुलिस का निरीक्षण कर रेलवे अफसरों से मुलाकात की जाएगी।
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सोमवार रात को हुई बारिश का पानी महानगर में मंगलवार तक भरा रहा। जल निकासी का प्रबंध न होने के कारण पानी को निकलने में 20 घंटे का समय लग गया। पार्षदों के घरों के आसपास में भी जलभराव रहा और लोगों को निकलने को रास्ता नहीं मिला। नगर निगम की लापरवाही का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ा। हल्की बारिश से ही एक ओर जहां जलभराव हो गया, वहीं लोगों को डर है कि भारी बारिश होने या लगातार बारिश होने पर शहर का क्या हाल होगा?
सांसद की बात भी हुई दरकिनार
सांसद सर्वेश कुमार सिंह पिछले दिनों पीतल बस्ती के सूरजनगर में भ्रमण पर गए थे। उक्त कालोनी को जाने वाले मुख्य मार्ग व गली में सूखे मौसम में भी पानी भरा था। उस समय सांसद ने नगर निगम अफसरों को बुलाकर उक्त मार्ग को 15 दिन में बनवाने के आदेश दिए थे। उसके बावजूद निगम अफसरों ने इसकी सुध नहीं ली। सोमवार की बारिश के बाद जलभराव होने से इस क्षेत्र के लोगों का बाहर निकलने का रास्ता ही बंद हो गया। इससे नाराज लोगों ने मंगलवार को प्रदर्शन कर नगर निगम के विरोध में नारेबाजी की। इसके साथ ही कोर्ट रोड, सिविल लाइन, लाजपतनगर, रेती स्ट्रीट व हरथला कालोनी में भी जलभराव का सामान करना पड़ा। इसके साथ ही मंगलवार को बुद्धिविहार, चौमुखा पुल और गलशहीद क्षेत्रों में नालों की सफाई कराई गई।
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पार्षदों के आवास भी नहंी बचे
जलभराव व अन्य समस्याओं को लेकर लोग पार्षदों के पास पहुंचते हैं, लेकिन इस बार बारिश में खुद पार्षद ही परेशान हो गए। वार्ड 48 के पार्षद कुलदीप नारायण के घर के सामने भारी जलभराव हो गया। उसमें से होकर दोपहिया वाहन भी नहीं निकल पाए। इसी तरह वार्ड 19 के पार्षद डिंपल सिंह अर्स के आवास के बाहर सड़क पर कीचड़ के चलते लोगों को निकलने में परेशानी हुई। यहां सीवर खुदाई से निकाली गई मिट्टी से मुख्य मार्ग ताड़ीखाना पर कीचड़ हो गई। वार्ड 69 के पार्षद सद्दाम हुसैन के आवास को जाने वाले मार्ग पर भी जलभराव व कीचड़ होने से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी।
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वार्ड 48 के पार्षद कुलदीप नारायण के यहां नाला निर्माण का वर्क आर्डर दो साल पहले कर दिया गया था। उसके बावजूद निर्माण शुरू नहीं हो पाया है। इसी तरह वार्ड 19 में जेल के पीछे वाले भूमिगत नाले को निगम अफसरों ने सफाई की सूची में शामिल ही नहीं किया। पार्षद सरदार डिंपल सिंह के विरोध जताने पर अधिकारियों ने भूलवश छूटने की बात कहते हुए तत्काल प्रस्ताव तैयार किया। नगर आयुक्त ने जेई को मौके पर बुलाकर फाइल पर हस्ताक्षर किए और दो दिन में काम शुरू करने के आदेश दिए। इसी बीच ट्रांसफर हो जाने पर संबंधित जेई नगर आयुक्त के आदेश वाली पत्रावली अपने साथ लेकर चला गया। 15 दिन बीत जाने पर भी वह पत्रावली नहीं लौटा रहा है। इससे काम शुरू नहीं हो पाया और जलभराव हो गया।
रेलवे के कारण हुआ जलभराव
महापौर विनोद अग्रवाल ने बताया कि महानगर में ज्यादातर स्थानों पर पानी बारिश बंद होते ही निकल गया। रेलवे स्टेशन के सामने रोडवेज के बराबर में पुलिया सिल्ट और कबाड़ से बंद है। इसके कारण आसपास के वार्ड का निकलने वाला पानी करूला नाले तक नहीं पहुंच पा रहा है। इस संबंध में रेलवे को लगातार पत्राचार किया जा रहा है, लेकिन सफाई नहीं कराई गई। महापौर ने बताया कि बुधवार दोपहर इस पुलिस का निरीक्षण कर रेलवे अफसरों से मुलाकात की जाएगी।