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31 जुलाई तक होंगे इंस्पायर अवार्ड के लिए आवेदन
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मुरादाबाद। इंस्पायर अवार्ड के लिए 31 जुलाई तक बाल वैज्ञानिक अपने प्रोजेक्ट के साथ आवेदन कर सकेंगे। योजना में कक्षा छह से 10वीं तक के छात्र एवं छात्राएं शामिल हो सकेंगे। स्कूलों के माध्यम से विज्ञान एवं तकनीकी में नवाचार प्रोजेक्ट आनलाइन करने होंगे। चयनित छात्र एवं छात्राओं को पुरस्कृत किया जाएगा।
बाल वैज्ञानिकों को प्रोत्साहित करने के लिए भारत सरकार द्वारा इंस्पायर अवार्ड योजना चलाई जा रही है। इसमें चयनित छात्र एवं छात्राओं को प्रदेश स्तर पर दस हजार और राष्ट्रीय स्तर पर पचास हजार रुपये का नगद पुरस्कार दिया जाता है। चयनित छात्र एवं छात्राओं के प्रोजेक्ट पर वैज्ञानिक शोध करते हैं। मुरादाबाद जिले में 427 माध्यमिक स्कूल हैं। पिछले साल 122 स्कूलों ने ही प्रतिभाग किया था। जिला विद्यालय निरीक्षक प्रदीप कुमार द्विवेदी ने बताया कि सभी स्कूलों से कम से कम तीन छात्र एवं छात्राएं अपने मॉडल के साथ आवेदन करेंगे। इसकी जवाबदेही प्रधानाचार्यों की होगी।
प्रोजेक्ट की जिला स्तर पर प्रदर्शनी लगाई जाएगी। विशेषज्ञों द्वारा नवाचार प्रोजेक्ट में सर्वश्रेष्ठ दस मॉडल का राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए चयन किए जाएंगे। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता से सर्वश्रेष्ठ दस मॉडल का राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए चयन किया जाएगा। राष्ट्रीय स्तर पर चयनित छात्र एवं छात्रा को पचास हजार का पुरस्कार दिया जाएगा। राष्ट्रीय स्तर पर 60 मॉडल चयनित किए जाते हैं और राष्ट्रपति भवन में प्रदर्शनी लगाई जाएगी। चयनित मॉडल का छात्र एवं छात्राओं के नाम से पेटेंट कराया जाएगा और प्रोजेक्ट की रायल्टी छात्र एवं छात्राओं को दी जाएगी। चयनित छात्र एवं छात्राओं को 10 दिवसीय जापान का निशुल्क भ्रमण भी कराया जाएगा।
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स्कूलों में नहीं बुनियादी सुविधाएं
अधिकतर स्कूलों में बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं। कहीं प्रयोगशालाएं तो कहीं शिक्षक नहीं हैं। राजकीय स्कूलों की हालत सबसे खराब है। बजट नहीं होने से प्रयोगशालाओं में उपकरण तक हीं नहीं हैं। ऐसे में विज्ञान एवं तकनीकी के प्रति रुचि रखने वाले बच्चे खुद के प्रयासों से उपकरणों की खरीद कर मॉडल तैयार करते हैं। मुरादाबाद जिले के बच्चे इंस्पायर अवार्ड में हर साल भागीदारी करते हैं। राष्ट्रीय तो दूर प्रदेश स्तर पर उनके मॉडल चयनित नहीं हो पाते हैं।
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बाल वैज्ञानिकों को प्रोत्साहित करने के लिए भारत सरकार द्वारा इंस्पायर अवार्ड योजना चलाई जा रही है। इसमें चयनित छात्र एवं छात्राओं को प्रदेश स्तर पर दस हजार और राष्ट्रीय स्तर पर पचास हजार रुपये का नगद पुरस्कार दिया जाता है। चयनित छात्र एवं छात्राओं के प्रोजेक्ट पर वैज्ञानिक शोध करते हैं। मुरादाबाद जिले में 427 माध्यमिक स्कूल हैं। पिछले साल 122 स्कूलों ने ही प्रतिभाग किया था। जिला विद्यालय निरीक्षक प्रदीप कुमार द्विवेदी ने बताया कि सभी स्कूलों से कम से कम तीन छात्र एवं छात्राएं अपने मॉडल के साथ आवेदन करेंगे। इसकी जवाबदेही प्रधानाचार्यों की होगी।
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प्रोजेक्ट की जिला स्तर पर प्रदर्शनी लगाई जाएगी। विशेषज्ञों द्वारा नवाचार प्रोजेक्ट में सर्वश्रेष्ठ दस मॉडल का राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए चयन किए जाएंगे। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता से सर्वश्रेष्ठ दस मॉडल का राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए चयन किया जाएगा। राष्ट्रीय स्तर पर चयनित छात्र एवं छात्रा को पचास हजार का पुरस्कार दिया जाएगा। राष्ट्रीय स्तर पर 60 मॉडल चयनित किए जाते हैं और राष्ट्रपति भवन में प्रदर्शनी लगाई जाएगी। चयनित मॉडल का छात्र एवं छात्राओं के नाम से पेटेंट कराया जाएगा और प्रोजेक्ट की रायल्टी छात्र एवं छात्राओं को दी जाएगी। चयनित छात्र एवं छात्राओं को 10 दिवसीय जापान का निशुल्क भ्रमण भी कराया जाएगा।
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स्कूलों में नहीं बुनियादी सुविधाएं
अधिकतर स्कूलों में बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं। कहीं प्रयोगशालाएं तो कहीं शिक्षक नहीं हैं। राजकीय स्कूलों की हालत सबसे खराब है। बजट नहीं होने से प्रयोगशालाओं में उपकरण तक हीं नहीं हैं। ऐसे में विज्ञान एवं तकनीकी के प्रति रुचि रखने वाले बच्चे खुद के प्रयासों से उपकरणों की खरीद कर मॉडल तैयार करते हैं। मुरादाबाद जिले के बच्चे इंस्पायर अवार्ड में हर साल भागीदारी करते हैं। राष्ट्रीय तो दूर प्रदेश स्तर पर उनके मॉडल चयनित नहीं हो पाते हैं।