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तीन हजार आवेदन लेकिन शहर को नहीं मिलीं शक्ति परी
Updated Tue, 24 Jul 2018 02:28 AM IST
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मुरादाबाद। प्रदेश के सभी जिलों में दुष्कर्म, छेड़खानी, घरेलू हिंसा की वारदातों को रोकने में मदद और जागरूकता बढ़ाने के लिए युवतियों, छात्राओं और बालिकाओं को शक्ति परी बनाने की योजना करीब एक साल पहले तैयार की गई थी। जिसके लिए मुरादाबाद से करीब तीन हजार आवेदन हुए थे लेकिन पुलिस ने ढील बरती और यह योजना बीच में ही अटक गई है, जिस वजह से जनपद में शक्ति परी नहीं बन सकीं हैं।
शक्ति परी बनाने के लिए शहर में अलग अलग जगह पर जागरूकता अभियान चलाए गए थे। पुलिस ने स्कूल, कालेज जाकर डीजीपी के इस ड्रीम प्रोजेक्ट के बारे में छात्राओं को जानकारी दी थी। पुलिस लाइन में भी एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था, जिसमें तत्कालीन एडीजी भी पहुंचे थे। शक्ति परी बनने के लिए उत्साहित छात्राओं ने बढ़ चढ़कर इस योजना में हिस्सा लिया था। उनका कहना था कि शक्ति परी बनेंगी तो आसपास हो रही महिलाओं के प्रति हिंसक घटनाओं को रोकने में पुलिस उनकी तुरंत मदद करेगी। आरोपियों से उन्हें खतरा महसूस नहीं होगा, लेकिन इस योजना के बीच में ही अटक जाने से वह भी निराश हैं।
पुलिस मुख्यालय से जारी होने थे शक्ति परी के आई कार्ड
मुरादाबाद। शक्ति परी बनने के लिए शहरी क्षेत्र से आए आवेदन को पुलिस अधीक्षक नगर और देहात क्षेत्र से आए आवेदन को पुलिस अधीक्षक देहात ने डीजीपी कार्यालय को भेजा था। इसके बाद शक्ति परी बनने वाली छात्राओं, युवतियों को पुलिस मुख्यालय से एक कार्ड जारी भेजे जाने के लिए कहा गया था। इसके बाद यह योजना बीच में ही रुक गई। एसपी सिटी का कहना है कि इस संबंध में जानकारी की जाएगी।
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शक्ति परी बनाने के लिए शहर में अलग अलग जगह पर जागरूकता अभियान चलाए गए थे। पुलिस ने स्कूल, कालेज जाकर डीजीपी के इस ड्रीम प्रोजेक्ट के बारे में छात्राओं को जानकारी दी थी। पुलिस लाइन में भी एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था, जिसमें तत्कालीन एडीजी भी पहुंचे थे। शक्ति परी बनने के लिए उत्साहित छात्राओं ने बढ़ चढ़कर इस योजना में हिस्सा लिया था। उनका कहना था कि शक्ति परी बनेंगी तो आसपास हो रही महिलाओं के प्रति हिंसक घटनाओं को रोकने में पुलिस उनकी तुरंत मदद करेगी। आरोपियों से उन्हें खतरा महसूस नहीं होगा, लेकिन इस योजना के बीच में ही अटक जाने से वह भी निराश हैं।
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पुलिस मुख्यालय से जारी होने थे शक्ति परी के आई कार्ड
मुरादाबाद। शक्ति परी बनने के लिए शहरी क्षेत्र से आए आवेदन को पुलिस अधीक्षक नगर और देहात क्षेत्र से आए आवेदन को पुलिस अधीक्षक देहात ने डीजीपी कार्यालय को भेजा था। इसके बाद शक्ति परी बनने वाली छात्राओं, युवतियों को पुलिस मुख्यालय से एक कार्ड जारी भेजे जाने के लिए कहा गया था। इसके बाद यह योजना बीच में ही रुक गई। एसपी सिटी का कहना है कि इस संबंध में जानकारी की जाएगी।
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