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एनसीसी के जुनून से लबरेज बेटियां
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मुरादाबाद। सत्र 2019-20 के लिए एनसीसी के शिविर शुरू हो चुके हैं। गत सत्र की सफलता के बाद इस बार बालिका कैडेट्स के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ गई है। कैडेट्स के उत्साह और जुनून को देखते हुए गणतंत्र दिवस पर राजपथ पर होने वाली परेड की तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं। अधिकारियों के मुताबिक इनमें से और बेहतर का चुनाव करने का मौका मिलेगा।
नवीं वाहिनी गर्ल्स बटालियन में कैडेट्स की संख्या 1105 है। आईएफटीएम विश्वविद्यालय में 15 जून से 24 तक के लिए चल रहे वार्षिक प्रशिक्षण शिविर में चंदौसी, संभल, मुरादाबाद, नजीबाबाद, धामपुर, मोरना, बिजनौर, गजरौला, अमरोहा, बरेली, शाहजहांपुर के विभिन्न कालेजों से छह सौ कैडेट्स प्रतिभाग कर रही हैं। हिंदू कालेज की कैप्टन डॉ. मीनू मेहरोत्रा ने बताया कि कालेज में 110 सीट बालिका कैडेट्स की हैं। सत्र 2018-19 में सभी सीटों पर प्रवेश के बाद करीब करीब 70 ऐसी लड़कियों को वापस किया गया था, जो एनसीसी में प्रवेश के सभी मानक पूरे करती थीं। लेकिन फाइनल मेरिट में वो अपनी जगह नहीं बना सकीं। उन्होंने कहा कि जनवरी में राजपथ पर चार कैडेट्स ने हिस्सा लिया था। इसके अलावा कैडेट्स के लिए स्वच्छ भारत अभियान में अलग से भर्ती शुरू की है। नीट, इंजीनियरिंग में सी सर्टिफिकेट होने पर दस अंकों के भारांक का लाभ मिलता है। इससे विज्ञान वर्ग के विद्यार्थियों का रुझान बढ़ा है। एनसीसी में एकता, राष्ट्रभक्ति, अनुशासन के अलावा करियर में लाभ मिल रहा है। अभी छह जून से 15 जून तक बरेली में लगे थल सेना कैंप कालेज से दो कैडेट्स का चयन हुआ है। सीओ एनसीसी कर्नल अनिल ढिल्लो ने बताया कि पूरी बटालियन से दस-12 कैडेट्स का चयन हुआ है। गत वर्ष टीएससी में दिल्ली दो छात्राएं गई थीं। इस सत्र में शूटिंग, ड्रिल में प्रतिभाग बढ़ रहा है। सांस्कृतिक, फ्लैग एरिया में कैडेट्स ने जगह बनाई है। शिविर से चयन के बाद नियमित रूप से अधिकारियों की निगरानी में कैडेट्स प्रशिक्षण करेंगी, ताकि राजपथ के लिए तैयारियों को पूर्ण किया जा सके।
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नवीं वाहिनी गर्ल्स बटालियन में कैडेट्स की संख्या 1105 है। आईएफटीएम विश्वविद्यालय में 15 जून से 24 तक के लिए चल रहे वार्षिक प्रशिक्षण शिविर में चंदौसी, संभल, मुरादाबाद, नजीबाबाद, धामपुर, मोरना, बिजनौर, गजरौला, अमरोहा, बरेली, शाहजहांपुर के विभिन्न कालेजों से छह सौ कैडेट्स प्रतिभाग कर रही हैं। हिंदू कालेज की कैप्टन डॉ. मीनू मेहरोत्रा ने बताया कि कालेज में 110 सीट बालिका कैडेट्स की हैं। सत्र 2018-19 में सभी सीटों पर प्रवेश के बाद करीब करीब 70 ऐसी लड़कियों को वापस किया गया था, जो एनसीसी में प्रवेश के सभी मानक पूरे करती थीं। लेकिन फाइनल मेरिट में वो अपनी जगह नहीं बना सकीं। उन्होंने कहा कि जनवरी में राजपथ पर चार कैडेट्स ने हिस्सा लिया था। इसके अलावा कैडेट्स के लिए स्वच्छ भारत अभियान में अलग से भर्ती शुरू की है। नीट, इंजीनियरिंग में सी सर्टिफिकेट होने पर दस अंकों के भारांक का लाभ मिलता है। इससे विज्ञान वर्ग के विद्यार्थियों का रुझान बढ़ा है। एनसीसी में एकता, राष्ट्रभक्ति, अनुशासन के अलावा करियर में लाभ मिल रहा है। अभी छह जून से 15 जून तक बरेली में लगे थल सेना कैंप कालेज से दो कैडेट्स का चयन हुआ है। सीओ एनसीसी कर्नल अनिल ढिल्लो ने बताया कि पूरी बटालियन से दस-12 कैडेट्स का चयन हुआ है। गत वर्ष टीएससी में दिल्ली दो छात्राएं गई थीं। इस सत्र में शूटिंग, ड्रिल में प्रतिभाग बढ़ रहा है। सांस्कृतिक, फ्लैग एरिया में कैडेट्स ने जगह बनाई है। शिविर से चयन के बाद नियमित रूप से अधिकारियों की निगरानी में कैडेट्स प्रशिक्षण करेंगी, ताकि राजपथ के लिए तैयारियों को पूर्ण किया जा सके।
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