{"_id":"5d094ade8ebc3e36ff04d606","slug":"156089006420-moradabad-news81","type":"story","status":"publish","title_hn":"वर्दी पर लगा दाग तो गुरु जी पर गिरेगी गाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वर्दी पर लगा दाग तो गुरु जी पर गिरेगी गाज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुरादाबाद। स्कूलों में खेल सामग्री, उपकरणों और बच्चों के यूनिफार्म खरीद में कमीशनबाजी को लेकर लालायित रहने वाले शिक्षक इस बार हाथ खींचने को तैयार हैं। बच्चों की यूनिफार्म के लिए प्रदेश में पहली बार टेक्सटाइल कमेटी ने कपड़े की गुणवत्ता के मानक निर्धारित किए हैं। मानकों पर पकड़े की खरीद नहीं होने पर प्रधानाध्यापक पर गाज गिरेगी।
सरकारी स्कूलों में 8वीं तक के बच्चों को निशुल्क यूनिफार्म वितरण होती है। मौजूदा सत्र से हर बच्चे को दो जोड़ी यूनिफार्म दी जानी है। सरकार ने यूनिफार्म के बजट में वृद्धि करने के साथ 15 जुलाई तक हरहाल में वितरण करने के आदेश जारी किए हैं। एक जुलाई से स्कूल खुलने के साथ स्कूल प्रबंध समिति की ओर से यूनिफार्म कपड़े की खरीद करेगी। इससे पहले खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालयों से स्कूलों को कपड़े का सैंपल भेजा जाएगा। सैंपल के साथ कपड़े की गुणवत्ता का मानक भी टेक्सटाइल कमेटी से जारी होगा। स्कूल प्रबंध समिति क्रय समिति का गठन छात्र संख्या के हिसाब से दो-दो जोड़ी यूनिफार्म का कपड़ा खरीदकर सिलवाएगी। इसका 75 फीसदी बजट स्कूलों के खाते में हस्तांतरित होगा, जबकि 25 फीसदी बजट यूनिफार्म वितरण के बाद जारी होगा।
टेक्सटाइल कमेटी से जारी कपड़े की गुणवत्ता मानकों ने प्रधानाध्यापकों की परेशानी बढ़ा दी है। विगत सालों तक कमीशन के चक्कर में गुणवत्ता की अनदेखी कर कपड़ा खरीदने वाले गुरु जी इस बार हाथ खींचने को तैयार हैं। मानकों में शर्ट और पेंट के कपड़े की मोटाई से लेकर पॉलिस्टर एवं कॉटन का अनुपात निर्धारित है। यूनिफार्म सिलवाने से सैंपल की धुलाई होनी है, ताकि रंग फीका और उसमें कोई दाग न पड़े। बीएसए और खंड शिक्षा अधिकारी औचक स्कूलों का निरीक्षण करेंगे। बच्चों की यूनिफार्म देखेंगे। यूनिफार्म का रंग उतरने से दाग या फिर फीका पड़ने पर प्रधानाध्यापक के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। कपड़े का सैंपल जांच के लिए लखनऊ लैब भी भेजा जाएगा।
विज्ञापन
यूनिफार्म के लिए 69 लाख का बजट आवंटित
बालिका और बालकों के यूनिफार्म के लिए बजट अलग-अलग मदों से जारी होता है। शासन ने गरीबी रेखा से ऊपर वाले बालकों के निशुल्क यूनिफार्म के लिए 6900000 रुपये की पहली किश्त आवंटित कर दी है।
- स्कूलों में पंजीकृत कक्षा एक से लेकर 8वीं के छात्र एवं छात्राओं को दो जोड़ी यूनिफार्म दी जाएगी। 15 जुलाई से पहले तक यूनिफार्म का वितरण कराया जाएगा। सरकार से निर्धारित मानकों पर यूनिफार्म के कपड़े की खरीद होगी। इसकी जवाबदेही स्कूल प्रबंध समिति एवं प्रधानाध्यापक की होगी। - योगेंद्र कुमार, बीएसए
विज्ञापन
सरकारी स्कूलों में 8वीं तक के बच्चों को निशुल्क यूनिफार्म वितरण होती है। मौजूदा सत्र से हर बच्चे को दो जोड़ी यूनिफार्म दी जानी है। सरकार ने यूनिफार्म के बजट में वृद्धि करने के साथ 15 जुलाई तक हरहाल में वितरण करने के आदेश जारी किए हैं। एक जुलाई से स्कूल खुलने के साथ स्कूल प्रबंध समिति की ओर से यूनिफार्म कपड़े की खरीद करेगी। इससे पहले खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालयों से स्कूलों को कपड़े का सैंपल भेजा जाएगा। सैंपल के साथ कपड़े की गुणवत्ता का मानक भी टेक्सटाइल कमेटी से जारी होगा। स्कूल प्रबंध समिति क्रय समिति का गठन छात्र संख्या के हिसाब से दो-दो जोड़ी यूनिफार्म का कपड़ा खरीदकर सिलवाएगी। इसका 75 फीसदी बजट स्कूलों के खाते में हस्तांतरित होगा, जबकि 25 फीसदी बजट यूनिफार्म वितरण के बाद जारी होगा।
विज्ञापन
टेक्सटाइल कमेटी से जारी कपड़े की गुणवत्ता मानकों ने प्रधानाध्यापकों की परेशानी बढ़ा दी है। विगत सालों तक कमीशन के चक्कर में गुणवत्ता की अनदेखी कर कपड़ा खरीदने वाले गुरु जी इस बार हाथ खींचने को तैयार हैं। मानकों में शर्ट और पेंट के कपड़े की मोटाई से लेकर पॉलिस्टर एवं कॉटन का अनुपात निर्धारित है। यूनिफार्म सिलवाने से सैंपल की धुलाई होनी है, ताकि रंग फीका और उसमें कोई दाग न पड़े। बीएसए और खंड शिक्षा अधिकारी औचक स्कूलों का निरीक्षण करेंगे। बच्चों की यूनिफार्म देखेंगे। यूनिफार्म का रंग उतरने से दाग या फिर फीका पड़ने पर प्रधानाध्यापक के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। कपड़े का सैंपल जांच के लिए लखनऊ लैब भी भेजा जाएगा।
विज्ञापन
यूनिफार्म के लिए 69 लाख का बजट आवंटित
बालिका और बालकों के यूनिफार्म के लिए बजट अलग-अलग मदों से जारी होता है। शासन ने गरीबी रेखा से ऊपर वाले बालकों के निशुल्क यूनिफार्म के लिए 6900000 रुपये की पहली किश्त आवंटित कर दी है।
- स्कूलों में पंजीकृत कक्षा एक से लेकर 8वीं के छात्र एवं छात्राओं को दो जोड़ी यूनिफार्म दी जाएगी। 15 जुलाई से पहले तक यूनिफार्म का वितरण कराया जाएगा। सरकार से निर्धारित मानकों पर यूनिफार्म के कपड़े की खरीद होगी। इसकी जवाबदेही स्कूल प्रबंध समिति एवं प्रधानाध्यापक की होगी। - योगेंद्र कुमार, बीएसए